31 जुलाई 2026
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हेलमंद में विस्फोटक धमाकों में एक बच्चे की मौत, छह घायल — अफगानिस्तान में बारूदी संकट जारी

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हेलमंद में विस्फोटक धमाकों में एक बच्चे की मौत, छह घायल — अफगानिस्तान में बारूदी संकट जारी

सारांश

अफगानिस्तान के हेलमंद में एक ही दिन दो धमाके — एक बच्चे की मौत, छह घायल। तालिबान के आँकड़े बताते हैं कि अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 225 ऐसे हादसों में 321 बच्चों समेत 474 लोग प्रभावित हुए। युद्ध खत्म हुआ, पर जमीन में दफन मौत अभी भी बच्चों की जान ले रही है।

मुख्य बातें

14 जून 2026 को हेलमंद प्रांत के सांगिन जिले में दो अलग विस्फोटों में एक बच्चे की मौत और छह बच्चे घायल ।
पहले धमाके में तीन बच्चे खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु से खेल रहे थे — एक की मौके पर मौत , दो घायल।
दूसरे धमाके में उसी जिले में चार और बच्चे घायल ।
तालिबान के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025–मार्च 2026 के बीच 225 हादसों में 96 मौतें और 328 घायल , कुल 474 प्रभावित ।
प्रभावितों में 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल।
अफगानिस्तान दुनिया के सर्वाधिक बारूदी सुरंग-प्रभावित देशों में से एक।

अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद प्रांत के सांगिन जिले में 14 जून 2026 को युद्धकाल में छोड़े गए विस्फोटक उपकरणों में हुए दो अलग-अलग धमाकों में एक बच्चे की मौत हो गई और छह अन्य बच्चे घायल हो गए। प्रांतीय सूचना एवं संस्कृति निदेशक मुल्ला अब्दुल बारी राशिद ने इन घटनाओं की पुष्टि की।

पहला हादसा: खिलौने जैसी वस्तु बनी जानलेवा

पहली घटना शनिवार दोपहर सांगिन जिले में हुई। अधिकारियों के अनुसार, तीन मासूम बच्चों को एक खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु मिली और वे उससे खेलने लगे, तभी उसमें विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए।

दूसरा हादसा: कुछ घंटों बाद उसी जिले में

दूसरी घटना उसी दिन कुछ घंटों बाद सांगिन जिले में ही हुई, जिसमें चार और बच्चे घायल हो गए। अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की, परंतु विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

पिछली घटनाएँ: बढ़ता खतरा

यह घटनाएँ अकेली नहीं हैं। 2 जून 2026 को पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी प्रांत के गिलान जिले में एक किशोर खिलौने जैसी वस्तु से खेलते समय गंभीर रूप से घायल हो गया था। इससे पहले 5 मई 2026 को परवान प्रांत के बगराम जिले में एक 20 वर्षीय युवक बिना फटे गोला-बारूद को खोलने की कोशिश में मारा गया था, जबकि दो लड़कियाँ और एक लड़का घायल हुए थे।

आँकड़े: एक साल में 96 मौतें, 328 घायल

तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और बिना फटे विस्फोटकों से हुए धमाकों में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 लोग घायल हुए। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए — इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल थे।

अफगानिस्तान: दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में

अफगानिस्तान को दुनिया के सबसे अधिक बारूदी सुरंगों और अनफटे विस्फोटकों से प्रभावित देशों में गिना जाता है। चार दशकों से अधिक समय तक चले युद्ध और गृह संघर्ष के दौरान बिछाए गए ये विस्फोटक आज भी आम नागरिकों — विशेषकर बच्चों — के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक व्यापक विस्फोटक निष्क्रियकरण अभियान नहीं चलाए जाते, ऐसी त्रासदियाँ थमने वाली नहीं हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी व्यापक निष्क्रियकरण अभियान की कोई स्पष्ट रूपरेखा सामने नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अफगानिस्तान से हट चुका है, लेकिन ज़मीन में दबे ये विस्फोटक उस उदासीनता की कीमत बच्चों की जान से वसूल रहे हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेलमंद में 14 जून को क्या हुआ?
अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत के सांगिन जिले में 14 जून 2026 को युद्धकाल के दो अलग-अलग विस्फोटक उपकरणों में धमाका हुआ। इन दो घटनाओं में एक बच्चे की मौत हो गई और छह अन्य बच्चे घायल हो गए।
अफगानिस्तान में बिना फटे विस्फोटकों से कितने लोग प्रभावित हो रहे हैं?
तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों के आँकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 225 हादसों में 96 मौतें और 328 लोग घायल हुए, कुल 474 प्रभावित। इनमें 321 बच्चे थे।
अफगानिस्तान में बच्चे इन विस्फोटकों का शिकार क्यों बनते हैं?
बिना फटे विस्फोटक अक्सर खिलौने जैसे दिखते हैं, जिससे बच्चे अनजाने में उन्हें उठा लेते हैं। सांगिन की पहली घटना में भी तीन बच्चे एक खिलौने जैसी वस्तु से खेल रहे थे, तभी विस्फोट हुआ।
अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और विस्फोटकों की इतनी बड़ी समस्या क्यों है?
अफगानिस्तान में चार दशकों से अधिक समय तक चले युद्ध और गृह संघर्ष के दौरान बड़े पैमाने पर बारूदी सुरंगें बिछाई गईं और विस्फोटक छोड़े गए। इसी कारण अफगानिस्तान दुनिया के सर्वाधिक बारूदी सुरंग-प्रभावित देशों में गिना जाता है।
इससे पहले अफगानिस्तान में ऐसी कौन-सी घटनाएँ हुई थीं?
2 जून 2026 को गजनी प्रांत के गिलान जिले में एक किशोर विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हुआ था। 5 मई 2026 को परवान प्रांत के बगराम जिले में एक 20 वर्षीय युवक बिना फटे गोला-बारूद को खोलने की कोशिश में मारा गया था और तीन अन्य घायल हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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