हेलमंद में विस्फोटक धमाकों में एक बच्चे की मौत, छह घायल — अफगानिस्तान में बारूदी संकट जारी
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के दक्षिणी हेलमंद प्रांत के सांगिन जिले में 14 जून 2026 को युद्धकाल में छोड़े गए विस्फोटक उपकरणों में हुए दो अलग-अलग धमाकों में एक बच्चे की मौत हो गई और छह अन्य बच्चे घायल हो गए। प्रांतीय सूचना एवं संस्कृति निदेशक मुल्ला अब्दुल बारी राशिद ने इन घटनाओं की पुष्टि की।
पहला हादसा: खिलौने जैसी वस्तु बनी जानलेवा
पहली घटना शनिवार दोपहर सांगिन जिले में हुई। अधिकारियों के अनुसार, तीन मासूम बच्चों को एक खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु मिली और वे उससे खेलने लगे, तभी उसमें विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए।
दूसरा हादसा: कुछ घंटों बाद उसी जिले में
दूसरी घटना उसी दिन कुछ घंटों बाद सांगिन जिले में ही हुई, जिसमें चार और बच्चे घायल हो गए। अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की, परंतु विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।
पिछली घटनाएँ: बढ़ता खतरा
यह घटनाएँ अकेली नहीं हैं। 2 जून 2026 को पूर्वी अफगानिस्तान के गजनी प्रांत के गिलान जिले में एक किशोर खिलौने जैसी वस्तु से खेलते समय गंभीर रूप से घायल हो गया था। इससे पहले 5 मई 2026 को परवान प्रांत के बगराम जिले में एक 20 वर्षीय युवक बिना फटे गोला-बारूद को खोलने की कोशिश में मारा गया था, जबकि दो लड़कियाँ और एक लड़का घायल हुए थे।
आँकड़े: एक साल में 96 मौतें, 328 घायल
तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, पिछले एक वर्ष में अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और बिना फटे विस्फोटकों से हुए धमाकों में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 लोग घायल हुए। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए — इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल थे।
अफगानिस्तान: दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में
अफगानिस्तान को दुनिया के सबसे अधिक बारूदी सुरंगों और अनफटे विस्फोटकों से प्रभावित देशों में गिना जाता है। चार दशकों से अधिक समय तक चले युद्ध और गृह संघर्ष के दौरान बिछाए गए ये विस्फोटक आज भी आम नागरिकों — विशेषकर बच्चों — के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक व्यापक विस्फोटक निष्क्रियकरण अभियान नहीं चलाए जाते, ऐसी त्रासदियाँ थमने वाली नहीं हैं।