क्या अमेरिका ने पाकिस्तान-बांग्लादेश के लोगों को वीजा देने पर रोक का फैसला लिया है?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका ने 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा पर रोक लगाई है।
- इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश शामिल हैं।
- भारतीय अमेरिकी नेता जसदीप सिंह जस्सी ने इस फैसले का समर्थन किया है।
- फैसले का उद्देश्य सुरक्षा चिंताओं को दूर करना है।
- यह कदम सुधारात्मक माना जा रहा है।
वॉशिंगटन, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में अमेरिका ने बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा पर रोक लगाने का फैसला लिया है। भारतीय अमेरिकी समुदाय के नेता जसदीप सिंह जस्सी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस निर्णय का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश को शामिल करना वेटिंग सिस्टम में गंभीर कमियों और लंबे समय से चली आ रही राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताओं को दर्शाता है।
जसदीप सिंह ने कहा कि यह कदम राष्ट्रपति ट्रंप के इमिग्रेशन स्क्रीनिंग को कड़ा करने के लंबे समय से चले आ रहे नजरिए के अनुसार है। यह एक ऐसा कदम है जिसे राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा उठाना चाहते थे।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस को एक इंटरव्यू में बताया, "वे इस बारे में इसलिए बात कर रहे हैं क्योंकि इस लिस्ट में शामिल देश अपने पासपोर्ट सिस्टम की जांच नहीं करते हैं। वे लोगों की ठीक से जांच नहीं करते।"
जस्सी ने कहा कि कमजोर स्क्रीनिंग सिस्टम के कारण कई लोग अमेरिका में आ गए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंताएं उत्पन्न हुईं। ट्रंप चाहते थे कि जिन देशों में मजबूत जांच प्रक्रिया नहीं है, वे अमेरिका आने से पहले मजबूत स्क्रीनिंग और जांच लागू करें।
उन्होंने कहा कि वीजा पर रोक को सजा देने वाले कदम के बजाय सुधार के तौर पर देखा जाना चाहिए। जस्सी ने कहा, "मुझे लगता है कि यह उसी दिशा में एक कदम था।"
पाकिस्तान और बांग्लादेश को लिस्ट में शामिल करने के कारणों पर जस्सी ने इन दोनों देशों में अस्थिरता और सुरक्षा चुनौतियों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, "हम सभी जानते हैं कि हाल ही में क्या हुआ, जिसके कारण बांग्लादेश अभी उथल-पुथल में है। पाकिस्तान भी इसी श्रेणी में आता है।"
जस्सी ने कट्टरपंथी तत्वों के साथ पाकिस्तान के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा। "दोनों देशों को अमेरिका में ज्यादा पहुंच मांगने से पहले अपने वेटिंग सिस्टम और अपने लोगों की स्क्रूटनी में सुधार करने की आवश्यकता है।"
जस्सी ने कहा कि इन देशों में पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ये दोनों देश भ्रष्टाचार के लिए जाने जाते हैं। आप बिना किसी स्क्रूटनी के पासपोर्ट पा सकते हैं।"
उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय न केवल अमेरिका को बल्कि प्रभावित देशों को सुधारों के लिए मजबूर करके लाभान्वित कर सकता है।
ट्रंप सरकार ने बुधवार को 75 देशों के नागरिकों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया पर अनिश्चित काल के लिए रोक लगाने का आदेश दिया। स्टेट डिपार्टमेंट के एक निर्देश और सीनियर सरकारी अधिकारियों के बयानों के मुताबिक, इस चिंता का हवाला देते हुए कि एप्लीकेंट पब्लिक चार्ज बन सकते हैं और अमेरिकी वेलफेयर और सार्वजनिक लाभ का फायदा उठा सकते हैं।
अमेरिकी सरकार का यह निर्णय 21 जनवरी से लागू होगा। यह दुनियाभर में अमेरिकी कॉन्सुलर अधिकारियों को इमिग्रेंट वीजा की प्रक्रिया रोकने का निर्देश देता है, जबकि डिपार्टमेंट मौजूदा इमिग्रेशन कानून के तहत अपनी स्क्रीनिंग और वेटिंग प्रक्रिया को फिर से जांचता है।
विभाग के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने इस सिलसिले में कहा, "ट्रंप सरकार उन लोगों द्वारा अमेरिका के इमिग्रेशन सिस्टम के गलत इस्तेमाल को खत्म कर रही है जो अमेरिकी लोगों से पैसे निकालना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, “स्टेट डिपार्टमेंट अपने पुराने अधिकार का उपयोग करके उन संभावित इमिग्रेंट्स को अयोग्य मानेगा जो अमेरिका पर पब्लिक बोझ बन जाएंगे और अमेरिकी लोगों की उदारता का फायदा उठाएंगे।”
पिगॉट ने कहा कि 75 देशों से इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया तब तक रोक दी जाएगी जब तक विभाग इस प्रक्रिया की फिर से जांच करेगा, ताकि ऐसे विदेशी नागरिकों की एंट्री को रोका जा सके जो वेलफेयर और सार्वजनिक लाभ लेंगे।