क्या ईरानी सेना राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने का संकल्प ले रही है?
सारांश
Key Takeaways
- ईरानी सेना ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा का संकल्प लिया है।
- इजरायल और आतंकवादी संगठनों का आरोप है।
- लोगों से एकजुट रहने की अपील की गई है।
- विदेशी हस्तक्षेप के कारण प्रदर्शन हिंसक हुए।
तेहरान, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सेना ने यह स्पष्ट किया है कि वह अपने देश के राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगी। सेना ने रणनीतिक ढांचों और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा का भी संकल्प लिया है। साथ ही, वर्तमान में चल रहे प्रदर्शनों के बीच लोगों से एकजुट रहने और “दुश्मन की साजिशों को नाकाम करने” की अपील की है。
एक बयान में सेना ने आरोप लगाया कि इजरायल और कुछ “शत्रुतापूर्ण आतंकवादी संगठन” देश के शांति और व्यवस्था को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। सेना का कहना है कि ये ताकतें जनता की सुरक्षा को प्रभावित करने और ईरानी लोगों के नाम पर एक नया विद्रोह भड़काने की कोशिश कर रही हैं। सेना ने आम जनता से सतर्क रहने और एकजुट होकर दुश्मन की योजनाओं को विफल करने के लिए कहा है। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि ईरान इस समय “युद्ध की स्थिति” में है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि सेना ने कहा कि वह अन्य सशस्त्र बलों के साथ मिलकर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के नेतृत्व में दुश्मन की गतिविधियों पर नज़र रखेगी। इसके साथ ही, देश के हितों की मजबूती से रक्षा करते हुए महत्वपूर्ण ढांचों और सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखेगी। यह जानकारी शिन्हुआ समाचार एजेंसी ने दी।
उधर, ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया कि देश की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने वर्तमान हालात के लिए इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरान की संवैधानिक परिषद के प्रवक्ता ने भी कहा है कि देश में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे विदेशी हस्तक्षेप है। उन्होंने बताया कि लोग अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन विदेशी हस्तक्षेप के कारण ये हिंसा और अशांति में बदल गए।
अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि हादी तहान नाजिफ ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "विदेशी हस्तक्षेप ने लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को हिंसक आंदोलन में बदल दिया है। जबकि पहले ये सिर्फ लोगों के लिए आजीविका की मांगों तक सीमित था।"
इसी दिन बहारिस्तान शहर के गवर्नर ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने और दंगे करने के आरोप में 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उनके अनुसार, इन लोगों ने आम नागरिकों और सुरक्षा बलों पर आग्नेय और धारदार हथियारों से हमला किया था।