क्या ग्रीनलैंड पर अमेरिकी टैरिफ धमकियाँ अस्वीकार्य हैं? इमैनुएल मैक्रों का सख्त जवाब
सारांश
Key Takeaways
- इमैनुएल मैक्रों ने टैरिफ धमकियों को अस्वीकार्य कहा।
- यूरोपीय देश एकजुट होकर जवाब देने के लिए तैयार हैं।
- ग्रीनलैंड पर अमेरिकी सैन्य उपस्थिति है।
- डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने की योजना बनाई है।
- यूरोपीय संप्रभुता की रक्षा जरूरी है।
पेरिस, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ग्रीनलैंड के संदर्भ में अमेरिका द्वारा उठाई गई टैरिफ की धमकियों पर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा है कि ये टैरिफ की धमकियाँ अस्वीकार्य हैं। मैक्रों ने चेताया कि अगर ये धमकियाँ सच होती हैं, तो यूरोपीय देश एकजुटता और समन्वय के साथ जवाब देंगे।
इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "फ्रांस यूरोप और अन्य हिस्सों में देशों की संप्रभुता और स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध है। यही हमारे निर्णयों का मार्गदर्शन करता है। यही संयुक्त राष्ट्र और उसके चार्टर के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का आधार है। इसी आधार पर हम यूक्रेन का समर्थन करते हैं और करते रहेंगे। हमने इन सिद्धांतों और अपनी सुरक्षा की रक्षा के लिए एक मजबूत और स्थायी शांति के लिए इच्छुक देशों का गठबंधन बनाया है। इसी आधार पर हमने ग्रीनलैंड में डेनमार्क के द्वारा आयोजित अभ्यास में भाग लेने का निर्णय लिया है। हम इस निर्णय की पूरी ज़िम्मेदारी लेते हैं, क्योंकि आर्कटिक क्षेत्र और हमारे यूरोप की बाहरी सीमाओं की सुरक्षा दांव पर है।"
इमैनुएल मैक्रों ने आगे लिखा, "जब हमें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो कोई भी धमकी या दबाव हमें प्रभावित नहीं करेगा। न तो यूक्रेन में, न ग्रीनलैंड में, और न ही दुनिया में कहीं और।"
फ्रांस के राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में लिखा, "टैरिफ की धमकियाँ अस्वीकार्य हैं और इस संदर्भ में उनकी कोई जगह नहीं है। यदि इन्हें लागू किया जाता है, तो यूरोपीय देश एकजुट होकर इसका जवाब देंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि यूरोपीय संप्रभुता बनी रहे। इसी भावना के साथ मैं अपने यूरोपीय साझेदारों के साथ बातचीत करूंगा।"
मैक्रों की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शनिवार की घोषणा के जवाब में आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आने वाले सामानों पर ग्रीनलैंड को लेकर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा और जून की शुरुआत से इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर देगा।
आपको बता दें कि ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्व-शासित क्षेत्र है, जहाँ रक्षा और विदेश नीति का नियंत्रण कोपेनहेगन के पास है। अमेरिका का इस द्वीप पर एक सैन्य अड्डा भी है। साल 2025 में सत्ता में लौटने के बाद से डोनाल्ड ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड को हासिल करने की इच्छा जता चुके हैं।