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क्या तमिलनाडु में 97 प्रतिशत राशन कार्डधारकों को मिला पोंगल गिफ्ट?

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क्या तमिलनाडु में 97 प्रतिशत राशन कार्डधारकों को मिला पोंगल गिफ्ट?

सारांश

तमिलनाडु सरकार ने इस वर्ष पोंगल पर्व के अवसर पर 97 प्रतिशत योग्य परिवारों को पोंगल गिफ्ट प्रदान किया है। इस योजना से 2.15 करोड़ राशन कार्डधारक लाभान्वित हुए हैं। जानिए इस योजना की खासियतें और वितरण प्रक्रिया के बारे में।

मुख्य बातें

पोंगल गिफ्ट योजना का उद्देश्य त्योहार के समय सहायता प्रदान करना है।
इस वर्ष 97 प्रतिशत योग्य परिवारों को लाभ मिला है।
राशन कार्डधारकों को नकद और खाद्य सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
कुछ क्षेत्रों में वितरण में देरी हो रही है।
सभी लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाना आवश्यक है।

चेन्नई, 18 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु सरकार ने इस वर्ष के पोंगल पर्व पर कुल 97 प्रतिशत योग्य परिवारों को 'पोंगल गिफ्ट' प्रदान किया है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2.22 करोड़ योग्य परिवारों में से 2.15 करोड़ राशन कार्डधारकों को इस योजना का लाभ मिला है।

सहकारिता मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन ने कहा कि 'पोंगल गिफ्ट हैम्पर योजना' के तहत 6687.51 करोड़ रुपए की नकद वितरण राशि में से अब तक 6453.54 करोड़ रुपए वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने योजना की सफलता का श्रेय अधिकारियों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के कर्मचारियों की मेहनत को दिया।

8 जनवरी को आरंभ की गई 'पोंगल उपहार योजना' के तहत प्रत्येक राशन कार्डधारक को 3000 रुपए नकद, एक किलो कच्चा चावल, चीनी और एक गन्ना दिया जा रहा है। यह लाभ श्रीलंकाई तमिल पुनर्वास शिविरों में निवास करने वाले परिवारों को भी उपलब्ध है।

सहकारिता विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक सप्ताह में राशन की दुकानों पर 6500 करोड़ रुपए से अधिक का लेन-देन किया गया है। जिला कलेक्टरों और जॉइंट रजिस्ट्रारों की निगरानी में केंद्रीय सहकारी बैंकों से स्थानीय सोसायटियों को धन हस्तांतरित किया गया।

हर राशन की दुकान लगभग 900-1100 कार्डधारकों को सेवा देती है, जिसमें प्रत्येक दुकान पर 27-32 लाख रुपए का लेन-देन होता है।

हालांकि, राज्य में लगभग 7.6 लाख कार्डधारकों को अभी भी 'पोंगल पैकेज' नहीं मिला है, जिसका मुख्य कारण त्योहार के दौरान लाभार्थियों का यात्रा करना है।

जिला-वार आंकड़ों में भिन्नताएं भी देखी गई हैं। दक्षिण चेन्नई में सबसे अधिक लंबित लाभार्थियों की संख्या है, जहां 10.59 लाख योग्य कार्डधारकों में से लगभग 59,000 को उपहार नहीं मिला है।

इसके विपरीत, धर्मपुरी, तिरुपत्तूर, अरियालुर, पेरम्बलूर और पुदुक्कोट्टई जैसे जिलों ने लगभग 98 प्रतिशत वितरण हासिल किया है, जहां हर जिले में 10 हजार से भी कम कार्डधारक अभी योजना का लाभ लेने का इंतजार कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण है कि तमिलनाडु सरकार की योजनाएं जनहित के लिए कैसे कार्य कर रही हैं। पोंगल गिफ्ट योजना का व्यापक लाभ वितरण एक सकारात्मक पहल है, लेकिन जहां कुछ लाभार्थी अभी भी वंचित हैं, वहाँ सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पोंगल गिफ्ट योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य सभी योग्य राशन कार्डधारकों को त्योहार के समय सहायता प्रदान करना है।
कितने राशन कार्डधारकों को लाभ मिला है?
इस वर्ष 2.15 करोड़ राशन कार्डधारक इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
क्या योजना में नकद वितरण है?
हाँ, योजना के तहत प्रत्येक कार्डधारक को 3000 रुपए नकद दिए जा रहे हैं।
कौन-कौन से जिलों में वितरण सबसे अधिक हुआ है?
धर्मपुरी, तिरुपत्तूर और अरियालुर जैसे जिलों में वितरण लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
राशन दुकानों पर लेन-देन की प्रक्रिया कैसी है?
राशन दुकानों पर हर दिन 6-7 लाख रुपए का लेन-देन किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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