क्या बलूचिस्तान में 'डेथ स्क्वॉड' का आतंक जारी है: मानवाधिकार संगठनों का आरोप- 'पाक सेना कर रही है न्यायेतर हत्याएं'?

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क्या बलूचिस्तान में 'डेथ स्क्वॉड' का आतंक जारी है: मानवाधिकार संगठनों का आरोप- 'पाक सेना कर रही है न्यायेतर हत्याएं'?

सारांश

बलूचिस्तान में बढ़ती हिंसा और मानवाधिकार हनन की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की जा रही है। बड़े मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगाया गया है कि वे डेथ स्क्वाड के माध्यम से बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के हत्याएं कर रहे हैं। क्या यह स्थिति और भी गंभीर हो रही है?

Key Takeaways

  • बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा हत्याओं का एक पैटर्न मौजूद है।
  • नाबालिगों को भी इस हिंसा का शिकार बनाया जा रहा है।
  • मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
  • स्थानीय नागरिकों का जबरन गायब होना एक गंभीर मुद्दा है।
  • बलूचिस्तान में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता है।

क्वेटा, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बलूचिस्तान में आम जनता पर हो रही हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने फिर से पाकिस्तानी सेना के डरावने चेहरे को उजागर किया है। हाल ही में, डेथ स्क्वॉड ने कानूनी कार्रवाई के बिना दो बलूचों की हत्या कर दी, जिनमें से एक नाबालिग था।

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार संगठन, पांक ने बताया कि पंजगुर जिले के तास्प इलाके में रहने वाले बलाच बलूच की 8 जनवरी को हत्या कर दी गई थी। बताया गया है कि पाकिस्तान के समर्थन वाले डेथ स्क्वाड ने उसे पकड़ने की कोशिश की और जब वह भागने की कोशिश कर रहा था, तो उसे गोली मार दी गई।

मानवाधिकार समूहों ने कहा, "यह हत्या बलूचिस्तान में एक बड़े पैटर्न को दर्शाती है, जहां सुरक्षा बलों का इस्तेमाल लोगों को जबरन गायब करने और टारगेट किलिंग के लिए किया जा रहा है। यह अक्सर राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ होता है और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।"

बलूच नागरिकों के खिलाफ अत्याचारों को उजागर करते हुए, एक और मानवाधिकार संगठन, बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने शनिवार को बताया कि 5 जनवरी को बलूचिस्तान के केच जिले के होशाब इलाके में एक नाबालिग लड़के, राही बलूच की उसकी दुकान के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

स्थानीय स्रोतों का हवाला देते हुए, बीवीजे ने राही की हत्या में पाकिस्तान के समर्थन से चल रहे डेथ स्क्वाड के शामिल होने का आरोप लगाया। इस मानवाधिकार संगठन ने इस नाबालिग लड़के की बेरहमी से हत्या को बलूच नागरिकों के खिलाफ चल रहे नरसंहार का हिस्सा बताया।

मानवाधिकार संगठन ने कहा, "यह हत्या बलूच बच्चों के जबरन गायब होने और न्यायेतर हत्याओं के बढ़ते पैटर्न के बीच हुई है। कुछ दिन पहले, क्वेटा से 13 साल के एक लड़के, गोहराम बलूच को जबरन गायब कर दिया गया था। बलूचिस्तान में ऐसे ही कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें सरकारी सुरक्षा बलों और उनसे जुड़े हथियारबंद ग्रुप्स के शामिल होने के आरोप हैं।"

इस बीच, अपनी नवीनतम रिपोर्ट में, मानवाधिकार परिषद बलूचिस्तान (HRCB) ने 2025 में जबरन गायब होने के कम से कम 1,455 मामलों का उल्लेख किया है।

एचआरसीबी ने आंकड़ों के आधार पर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अपराधों की कहानी साझा की है। अपहरण के अधिकांश मामलों में पाकिस्तान की फ्रंटियर कॉर्प्स की संलिप्तता पाई गई। 889 मामलों में इस बल का हाथ रहा। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां 288, तो काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (आतंक विरोधी विभाग) 233 और डेथ स्क्वाड 41 मामलों में शामिल थे।

अधिकार संगठन ने मोडस ऑपरेंडी यानी इन बदनाम सैन्य बलों के कार्य करने के तरीके का भी उल्लेख किया है। इसके अनुसार, किसी को जबरन अगवा करने के लिए ये लोग घरों पर छापे मारते हैं। ऐसे करीब 985 मामले सामने आए हैं। इन बलों ने अपनी ताकत के जोर पर 372 लोगों को हिरासत में लिया, 66 लोगों को चेकपॉइंट पर भेजा गया और 32 लोगों को सैन्य छावनियों में जबरन बुलाया गया।

बलूचिस्तान के लोग अभी भी पाकिस्तान से अपनी आजादी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

बलूचिस्तान के विभिन्न मानवाधिकार संगठनों ने प्रांत में पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे दमन पर बार-बार प्रकाश डाला है। इन कार्रवाइयों में बलूच नेताओं और आम लोगों के घरों पर हिंसक छापे, गैर-कानूनी गिरफ्तारियां, जबरन गायब करना, कथित “किल एंड डंप” नीति, मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर ऑर्डिनेंस के तहत हिरासत में लेना और मनगढ़ंत पुलिस केस दर्ज करना शामिल है।

Point of View

चाहे वे किसी भी क्षेत्र के हों।
NationPress
10/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का हनन हो रहा है?
जी हां, बलूचिस्तान में कई मानवाधिकार संगठनों ने पाकिस्तानी सेना पर आरोप लगाया है कि वे बिना कानूनी कार्रवाई के बलूच नागरिकों की हत्या कर रहे हैं।
डेथ स्क्वाड क्या है?
डेथ स्क्वाड एक ऐसा समूह है जिसे पाकिस्तान सरकार द्वारा बलूच नागरिकों के खिलाफ हिंसा करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
मानवाधिकार संगठनों ने बताया है कि बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा बलूच नागरिकों के खिलाफ अत्याचार और हत्याएं की जा रही हैं।
क्या पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में हत्याओं में शामिल है?
हां, कई मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना और उनके सहयोगी बल बलूच नागरिकों की हत्याओं में शामिल हैं।
क्या यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है?
जी हां, ये हत्याएं और मानवाधिकारों का उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ हैं।
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