फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों से सतर्क रहने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
फ्रांस में भारतीय दूतावास ने 21 अक्टूबर 2026 को एक यात्रा और सुरक्षा एडवाइजरी जारी की, जिसमें फ्रांस में रह रहे या वहाँ जाने की योजना बना रहे सभी भारतीय नागरिकों से सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। देश में जीवन-यापन की बढ़ती लागत, ईंधन की ऊँची कीमतों और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के विरोध में शुरू हुआ आंदोलन अब व्यापक हिंसक झड़पों में तब्दील हो चुका है।
प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि
झड़पों की शुरुआत सितंबर 2026 के अंत में स्कूलों की खराब स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर हुई थी। धीरे-धीरे यह विरोध तेज़ी से बढ़ती जीवन लागत, ईंधन की ऊँची कीमतों, सार्वजनिक क्षेत्र में बजट कटौती और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रशासन के प्रति सामान्य असंतोष से प्रेरित राष्ट्रव्यापी सरकार-विरोधी आंदोलन में बदल गया। 17 अक्टूबर 2026 को देशभर में व्यापक दंगे हुए जिनमें भारी तबाही मची और हज़ारों लोगों की गिरफ्तारी हुई।
भारतीय दूतावास की एडवाइजरी में क्या कहा गया
फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, 'फ्रांस में हाल के घटनाक्रमों और लगाए गए स्थानीय कर्फ्यू को देखते हुए कृपया सतर्क रहें और उचित सावधानी बरतें।' दूतावास ने नागरिकों से भीड़-भाड़ वाले इलाकों और प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने तथा स्थानीय फ्रांसीसी अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया कि फ्रांस की यात्रा की योजना बना रहे लोग रियल-टाइम शेड्यूल में बदलाव के लिए अपनी एयरलाइन या ट्रैवल एजेंसी से सीधे संपर्क में रहें। किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास के आधिकारिक मेल और फ़ोन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
स्थानीय कर्फ्यू और परिवहन व्यवधान
17 अक्टूबर 2026 के दंगों के बाद फ्रांस के कई शहरों में लक्षित कर्फ्यू लागू किए गए। फ्रांसीसी प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मंगलवार को बताया कि कर्फ्यू की मदद से सोमवार रात शांति बनाए रखने में सफलता मिली। हालाँकि, सड़क यात्रा और सार्वजनिक परिवहन में अभी भी संभावित देरी और व्यवधान की आशंका बनी हुई है।
राष्ट्रपति मैक्रों का रुख
राष्ट्रपति मैक्रों ने बुधवार को मीडिया को बताया कि सरकार हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी उपलब्ध कानूनी उपाय करेगी। फ्रांसीसी टीवी चैनल बीएफएम टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कतर की यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए मैक्रों ने 24 अक्टूबर को निर्धारित प्रदर्शनों के नए दौर से पहले सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया। आपातकाल लागू करने की कुछ राजनेताओं की माँग पर उन्होंने कहा कि इस स्तर पर ऐसा कदम ज़रूरी नहीं है, हालाँकि बाद में ज़रूरत पड़ी तो इसे लागू किया जा सकता है।
आगे क्या
24 अक्टूबर 2026 को फ्रांस में प्रदर्शनों के एक और दौर की घोषणा हो चुकी है, जिसे देखते हुए स्थिति और तनावपूर्ण होने की आशंका है। भारतीय दूतावास ने नागरिकों को स्थानीय समाचारों और आधिकारिक अपडेट पर नज़र रखने की सलाह दी है। यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब फ्रांस में भारतीय छात्रों और पर्यटकों की संख्या उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, जिससे यह एडवाइजरी और अधिक प्रासंगिक हो जाती है।