यूरोप में विरोध प्रदर्शन: भारत ने फ्रांस, इटली, बेल्जियम में नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय (MEA) ने 23 अक्टूबर 2026 को फ्रांस, इटली और बेल्जियम में रह रहे भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और विरोध प्रदर्शन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की औपचारिक सलाह जारी की। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि तीनों देशों में स्थित भारतीय दूतावास वहाँ के घटनाक्रम पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं और भारतीय समुदाय के साथ नियमित संपर्क बनाए हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
नई दिल्ली में द्विसाप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि फ्रांस, इटली और बेल्जियम में भारत के दूतावास स्थानीय घटनाक्रम पर पैनी नज़र रखे हुए हैं। उन्होंने भारतीय नागरिकों से स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया।
जायसवाल ने कहा, 'इन देशों में जहाँ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, वहाँ के भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और बाहर निकलते समय उचित सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। साथ ही उन क्षेत्रों से दूर रहने की भी सलाह दी जाती है, जहाँ प्रदर्शन हो रहे हैं।'
फ्रांस में प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि
ये विरोध प्रदर्शन सितंबर 2026 के अंत में स्कूलों की खराब स्थिति और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुए थे। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे देश में सरकार-विरोधी प्रदर्शनों में बदल गया, जो बढ़ती महंगाई, ईंधन की ऊँची कीमतों, सार्वजनिक क्षेत्र के बजट में कटौती और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के प्रशासन की नीतियों के विरोध से प्रेरित हैं।
गौरतलब है कि बढ़ती महंगाई के विरोध में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन हिंसक झड़पों में तब्दील हो गए, जिसके बाद कई स्थानों पर स्थानीय कर्फ्यू भी लगाया गया।
भारतीय दूतावास की सलाह
फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास ने बुधवार, 21 अक्टूबर को यात्रा और सुरक्षा संबंधी सलाह जारी करते हुए नागरिकों से बड़े जमावड़ों और भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने को कहा। दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा, 'फ्रांस में हाल के घटनाक्रमों और स्थानीय कर्फ्यू को देखते हुए कृपया सतर्क रहें और उचित सावधानी बरतें।'
इसी तरह इटली स्थित भारतीय दूतावास ने भी अपने नागरिकों के लिए अलग से सुरक्षा सलाह जारी की है। MEA प्रवक्ता जायसवाल ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार विदेशों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आम नागरिकों पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिमी यूरोप में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र, पेशेवर और पर्यटक मौजूद हैं। फ्रांस, इटली और बेल्जियम भारतीय प्रवासी समुदाय के प्रमुख केंद्र हैं, और प्रदर्शनों के चलते परिवहन व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
विदेश में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों से संपर्क बनाए रखें और ज़रूरत पड़ने पर स्थानीय दूतावास की हेल्पलाइन से सहायता लें।
क्या होगा आगे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारतीय दूतावास स्थिति पर लगातार नज़र बनाए रखेंगे और ज़रूरत पड़ने पर अद्यतन सलाह जारी की जाएगी। यूरोपीय देशों में प्रदर्शनों की तीव्रता के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।