29 जुलाई 2026
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महंगाई पर विपक्ष को दयाशंकर मिश्र का करारा जवाब: वैश्विक संकट में भी भारत में ईंधन कीमतें सबसे कम बढ़ीं

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महंगाई पर विपक्ष को दयाशंकर मिश्र का करारा जवाब: वैश्विक संकट में भी भारत में ईंधन कीमतें सबसे कम बढ़ीं

सारांश

UP मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने महाराजगंज में विपक्ष को दो मोर्चों पर जवाब दिया — महंगाई और ईंधन कीमतों पर वैश्विक तुलना पेश की, तो EVM और संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के 'चुनिंदा' विरोध को उसी के आईने में दिखाया।

मुख्य बातें

UP मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने 13 जून को महाराजगंज में महंगाई और पेट्रोलियम कीमतों पर विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया।
उन्होंने दावा किया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में अन्य देशों की तुलना में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है।
अमेरिका-ईरान तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधा को वैश्विक पेट्रोलियम संकट का कारण बताया।
विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह EVM और निर्वाचन आयोग पर केवल तब सवाल उठाता है जब चुनाव नतीजे उसके पक्ष में नहीं होते।
कहा कि देश के 22 राज्यों में NDA की सरकार जनता के विश्वास का प्रमाण है।

उत्तर प्रदेश के मंत्री दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने 13 जून को महाराजगंज में महंगाई, पेट्रोलियम कीमतों और संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के आरोपों का सीधा जवाब दिया और केंद्र सरकार की नीतियों का पुरज़ोर बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल और युद्ध जैसे हालात के बावजूद भारत में ईंधन की कीमतों में अन्य देशों की तुलना में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत की स्थिति

मंत्री दयाशंकर मिश्र ने कहा कि इस समय पूरी दुनिया आर्थिक चुनौतियों और महंगाई के दबाव से जूझ रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश में भी महंगाई दर में कई गुना वृद्धि दर्ज की गई है। उनके अनुसार भारत की स्थिति का आकलन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में किया जाना चाहिए, न कि अलग-थलग होकर।

उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी देशों और अन्य राष्ट्रों में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों से तुलना की जाए तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद भारत में ईंधन कीमतों में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा के कारण वैश्विक पेट्रोलियम बाज़ार प्रभावित हुआ है।

सरकार का संतुलित दृष्टिकोण

मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की जनता की आर्थिक चुनौतियों को भली-भाँति समझते हैं और सरकार ने परिस्थितियों को देखते हुए बेहद संतुलित रुख अपनाया है। उनके अनुसार सीमित मूल्य वृद्धि के माध्यम से वैश्विक संकटों का सामना करने का प्रयास किया गया है और आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ को यथासंभव कम रखना सरकार की प्राथमिकता है।

गौरतलब है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर पड़ना स्वाभाविक है। मंत्री ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद केंद्र सरकार लगातार जनहित में फैसले ले रही है।

संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के आरोप

विपक्षी दलों द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर संवैधानिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए दयाशंकर मिश्र ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाएँ पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपना कार्य कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल तब संस्थाओं पर सवाल उठाता है जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में नहीं आते।

मंत्री ने विशेष रूप से निर्वाचन आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का उल्लेख करते हुए कहा कि जब विपक्ष किसी राज्य में बहुमत पाकर सरकार बनाता है, तब उसे वही चुनाव प्रक्रिया और EVM पूरी तरह स्वीकार्य होती है। उनके अनुसार यह विरोधाभासी रवैया दर्शाता है कि विपक्ष अपनी राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ने की कोशिश करता है।

NDA की जनाधार पर दावा

मंत्री ने कहा कि आज देश के 22 राज्यों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है, जो जनता के विश्वास और समर्थन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि NDA सरकार विकास के एजेंडे पर काम करके और जनता का दिल जीतकर सत्ता में आई है।

दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने अंत में कहा कि देश की संस्थाएँ लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप कार्य कर रही हैं और जनता का भरोसा सरकार तथा संस्थाओं दोनों पर बना हुआ है। आने वाले समय में सरकार महंगाई नियंत्रण के लिए और कदम उठाने की दिशा में काम करती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ी चूक है — वे यह नहीं बताते कि किन देशों से तुलना की जा रही है और वे आँकड़े कहाँ से आए हैं। अमेरिका की महंगाई की तुलना करना तब तक अधूरा है जब तक भारत की प्रति व्यक्ति आय और क्रय शक्ति को समीकरण में न रखा जाए। EVM पर विपक्ष की 'चुनिंदा आपत्ति' वाला तर्क राजनीतिक रूप से तीखा है और इसमें दम भी है, लेकिन यह संस्थागत जवाबदेही की माँग को खारिज करने का आधार नहीं बन सकता। असली सवाल यह है कि सरकार महंगाई नियंत्रण के लिए किन ठोस नीतिगत उपायों पर काम कर रही है — यह जवाब इस बयानबाज़ी में नहीं मिला।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दयाशंकर मिश्र 'दयालु' ने महंगाई पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक संकट और युद्ध जैसे हालात के बावजूद भारत में पेट्रोलियम कीमतों में अन्य देशों की तुलना में सबसे कम बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार भारत की स्थिति का मूल्यांकन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में किया जाना चाहिए।
भारत में ईंधन कीमतें क्यों बढ़ी हैं?
मंत्री दयाशंकर मिश्र के अनुसार अमेरिका-ईरान तनाव और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में बाधा के कारण वैश्विक पेट्रोलियम बाज़ार प्रभावित हुआ है। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय उतार-चढ़ाव का असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
विपक्ष EVM और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल क्यों उठाता है?
मंत्री दयाशंकर मिश्र का आरोप है कि विपक्ष केवल तब संस्थाओं पर सवाल उठाता है जब चुनाव परिणाम उसके पक्ष में नहीं आते। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष किसी राज्य में जीतता है, तब उसे वही EVM और निर्वाचन प्रक्रिया पूरी तरह स्वीकार्य होती है।
NDA अभी कितने राज्यों में सत्ता में है?
मंत्री दयाशंकर मिश्र के अनुसार वर्तमान में देश के 22 राज्यों में NDA की सरकार है। उन्होंने इसे जनता के विश्वास और विकास के एजेंडे का प्रमाण बताया।
केंद्र सरकार महंगाई कम करने के लिए क्या कर रही है?
मंत्री के अनुसार सरकार ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाते हुए सीमित मूल्य वृद्धि के ज़रिए वैश्विक संकट का सामना किया है। सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ को यथासंभव कम रखना है और जनहित में लगातार फैसले लिए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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