मायावती ने आकाश आनंद पर साधा निशाना, बोलीं — 'अशोक सिद्धार्थ के इशारे पर चल रहे, अपने दिमाग से नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने 13 सितंबर 2026 को लखनऊ में स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और पार्टी से निष्कासित आकाश आनंद द्वारा उनकी बीमारी को लेकर फैलाई जा रही अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। इसके साथ ही उन्होंने आकाश आनंद पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि वह अपने ससुर व पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के कहने पर काम कर रहे हैं, न कि अपने विवेक से।
बीमारी की अफवाहों का खंडन
मायावती ने बताया कि पिछले एक-दो दिनों से पार्टी से निकाले गए कुछ लोगों की ओर से यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि वह अस्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि इन अफवाहों को खारिज करने के लिए उन्हें स्वयं सार्वजनिक रूप से सामने आना पड़ा। बसपा प्रमुख ने स्पष्ट किया कि वह पूरी तरह ठीक हैं और पार्टी के कामकाज में पूरी तरह सक्रिय हैं।
फोन कॉल का विवरण और मंशा पर सवाल
मायावती ने शनिवार रात हुई एक कथित फोन कॉल का जिक्र करते हुए बताया कि उनके आवास पर पार्टी इंचार्ज आलोक कुमार के फोन पर आकाश आनंद का कॉल आया था। आकाश आनंद ने पूछा था कि क्या 'बहन जी' अस्वस्थ हैं। आलोक कुमार ने उन्हें बताया कि मायावती पूरी तरह स्वस्थ हैं।
इसके बाद आकाश आनंद ने कथित तौर पर यह अनुरोध किया कि इस फोन कॉल की जानकारी मायावती को न दी जाए। मायावती ने कहा, 'इस फोन कॉल की मंशा अच्छी भी हो सकती है और गलत भी, लेकिन यह सोचने का विषय है कि आखिर ऐसी बात क्यों कही गई।' उन्होंने आरोप लगाया कि आकाश आनंद अभी भी अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के दिमाग से काम कर रहे हैं।
संगठन में बड़ा पुनर्गठन
मायावती ने बताया कि 3 सितंबर 2026 को हुई एक लंबी पार्टी बैठक में संगठन को तीन सेक्टरों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया। पहले सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को रखा गया है, जिसकी निगरानी मायावती स्वयं करेंगी। अन्य राज्यों को अलग-अलग सेक्टरों में बाँटा गया है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य सेक्टर प्रभारी का पद समाप्त कर दिया गया है। अब संबंधित सेक्टरों के प्रभारी दिल्ली जाकर अपनी रिपोर्ट देंगे, जिसे पार्टी के उपाध्यक्ष आनंद कुमार मायावती तक पहुँचाएंगे।
आकाश आनंद के निष्कासन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि मायावती ने हाल ही में आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने के बाद बसपा से पूरी तरह निष्कासित कर दिया था। यह ऐसे समय में आया है जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ ने भी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। मायावती ने कहा कि पार्टी और मूवमेंट के हित में लिए गए इन कड़े फैसलों से बसपा को लाभ ही हुआ है, नुकसान नहीं।
ब्रिक्स घोषणापत्र और विदेश नीति पर रुख
मायावती ने दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान जारी 140 पैराग्राफ वाले दिल्ली घोषणापत्र का स्वागत करते हुए इसे भारत के लिए बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र में फिलिस्तीन के लिए दो-देश समाधान और 1967 की सीमाओं के आधार पर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र के समर्थन को स्थान दिया गया है।
पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए उन्होंने आतंकवाद से हर संभव तरीके से निपटने की प्रतिबद्धता का भी स्वागत किया। भारत-चीन संबंधों पर उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में बदलने से रोकना और सीमा विवाद को आपसी बातचीत से जल्द सुलझाना सकारात्मक दृष्टिकोण है। आने वाले समय में पार्टी का पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों पर केंद्रित रहेगा।