खूंटी में फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले का खुलासा: तीन नाबालिग निरुद्ध, ₹85,747 बरामद
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी में आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक और संत मिखाइल चर्च से जुड़े फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 को खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद खूंटी में जनाक्रोश का माहौल बना हुआ था।
मुख्य घटनाक्रम
20 अक्टूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे चारों नाबालिग स्कूल परिसर में घुसे थे। पुलिस के अनुसार, इनका इरादा मेला घूमने के लिए स्कूल से पैसे चुराना था। इसी दौरान फादर बारला अचानक वहाँ पहुँच गए और आरोपियों का उनसे सामना हो गया। पकड़े जाने के डर से एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से फादर के माथे और कनपटी पर वार कर दिया। घायल होकर गिरने के बाद आरोपी स्कूल कार्यालय से सामान लेकर फरार हो गए। पूरी वारदात करीब आधे घंटे में हुई।
पुलिस जाँच और बरामदगी
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने शुक्रवार शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना के तुरंत बाद एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल टावर से जुड़े तकनीकी आँकड़ों का विश्लेषण किया, जिससे एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया। पूछताछ में पहले निरुद्ध आरोपी ने दो अन्य नाबालिगों के बारे में जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर जंगल में जमीन के भीतर छिपाए गए मोबाइल फोन और रुपये बरामद किए गए। कुल ₹85,747 नकद, मोबाइल फोन और चोरी की रकम से खरीदे गए कई सामान बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने चोरी की कुछ राशि से ऑनलाइन और बाज़ार से सामान खरीदा था, जबकि बाकी रुपये अलग-अलग स्थानों पर छिपाए थे।
आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि
निरुद्ध किए गए तीनों नाबालिगों की उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है। एसपी गर्ग के अनुसार, चारों आरोपी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं और पहले हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी उम्र और इस घटना में उसकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
फादर बारला की स्वास्थ्य स्थिति
21 अक्टूबर की सुबह करीब 8:45 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली, जब फादर बारला स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में पाए गए। उन्हें तत्काल रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज अभी भी जारी है। गौरतलब है कि इस घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।
सामुदायिक प्रतिक्रिया और विरोध
इस हमले के बाद खूंटी में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने शुक्रवार को मौन जुलूस निकालकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क जाम भी हुआ था, जो इस क्षेत्र में व्याप्त आक्रोश को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चर्चा होती रही है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।