23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खूंटी में फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले का खुलासा: तीन नाबालिग निरुद्ध, ₹85,747 बरामद

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खूंटी में फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमले का खुलासा: तीन नाबालिग निरुद्ध, ₹85,747 बरामद

सारांश

मेला घूमने के लिए पैसे चुराने गए स्कूल के पूर्व छात्रों ने अचानक पहुँचे प्रधानाध्यापक पर कुदाल से हमला कर दिया। पुलिस ने एसआईटी, सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के बल पर तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया और ₹85,747 नकद बरामद किए। चौथे आरोपी की तलाश जारी है।

मुख्य बातें

फादर बेनेडिक्ट बारला , आरसी बालक मध्य विद्यालय, खूंटी के प्रधानाध्यापक, पर 20 अक्टूबर 2026 की रात हमला हुआ; वे रांची के पल्स अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
पुलिस ने तीन नाबालिगों (उम्र 13, 14 और 15 वर्ष ) को निरुद्ध किया; चौथे आरोपी की तलाश जारी है।
चारों आरोपी इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं जो मेला घूमने के लिए पैसे चुराने के इरादे से परिसर में घुसे थे।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ₹85,747 नकद , मोबाइल फोन और खरीदा गया सामान बरामद किया।
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर डेटा से आरोपियों की पहचान की।
मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने मौन जुलूस निकालकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की।

झारखंड के खूंटी में आरसी बालक मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक और संत मिखाइल चर्च से जुड़े फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले का पुलिस ने 23 अक्टूबर 2026 को खुलासा किया। पुलिस ने इस मामले में तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। घटना के बाद खूंटी में जनाक्रोश का माहौल बना हुआ था।

मुख्य घटनाक्रम

20 अक्टूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे चारों नाबालिग स्कूल परिसर में घुसे थे। पुलिस के अनुसार, इनका इरादा मेला घूमने के लिए स्कूल से पैसे चुराना था। इसी दौरान फादर बारला अचानक वहाँ पहुँच गए और आरोपियों का उनसे सामना हो गया। पकड़े जाने के डर से एक नाबालिग ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से फादर के माथे और कनपटी पर वार कर दिया। घायल होकर गिरने के बाद आरोपी स्कूल कार्यालय से सामान लेकर फरार हो गए। पूरी वारदात करीब आधे घंटे में हुई।

पुलिस जाँच और बरामदगी

खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने शुक्रवार शाम आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना के तुरंत बाद एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मोबाइल टावर से जुड़े तकनीकी आँकड़ों का विश्लेषण किया, जिससे एक संदिग्ध मोबाइल नंबर सामने आया। पूछताछ में पहले निरुद्ध आरोपी ने दो अन्य नाबालिगों के बारे में जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर जंगल में जमीन के भीतर छिपाए गए मोबाइल फोन और रुपये बरामद किए गए। कुल ₹85,747 नकद, मोबाइल फोन और चोरी की रकम से खरीदे गए कई सामान बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने चोरी की कुछ राशि से ऑनलाइन और बाज़ार से सामान खरीदा था, जबकि बाकी रुपये अलग-अलग स्थानों पर छिपाए थे।

आरोपियों की पहचान और पृष्ठभूमि

निरुद्ध किए गए तीनों नाबालिगों की उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है। एसपी गर्ग के अनुसार, चारों आरोपी इसी स्कूल से सातवीं कक्षा पास कर चुके हैं और पहले हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करते थे। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसकी उम्र और इस घटना में उसकी भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।

फादर बारला की स्वास्थ्य स्थिति

21 अक्टूबर की सुबह करीब 8:45 बजे पुलिस को घटना की सूचना मिली, जब फादर बारला स्कूल परिसर में गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में पाए गए। उन्हें तत्काल रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज अभी भी जारी है। गौरतलब है कि इस घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।

सामुदायिक प्रतिक्रिया और विरोध

इस हमले के बाद खूंटी में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने शुक्रवार को मौन जुलूस निकालकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। घटना के बाद कुछ समय के लिए सड़क जाम भी हुआ था, जो इस क्षेत्र में व्याप्त आक्रोश को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चर्चा होती रही है। चौथे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अपने ही स्कूल में चोरी करने घुसे छात्रों का यह कृत्य बाल अपराध, ड्रॉपआउट दर और ग्रामीण झारखंड में किशोर पुनर्वास की व्यापक चुनौती को रेखांकित करता है। मसीही समुदाय के विरोध और सड़क जाम ने जो सांप्रदायिक आयाम जोड़े, वे तथ्यों के बजाय शुरुआती आशंकाओं पर टिके थे — पुलिस के खुलासे ने यह स्पष्ट किया कि यह सुनियोजित हमला नहीं, बल्कि पैसे चुराने की कोशिश में हुई हिंसा थी। अब जवाबदेही केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए — किशोर न्याय प्रक्रिया में पुनर्वास और रोकथाम पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फादर बेनेडिक्ट बारला पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 20 अक्टूबर 2026 की रात करीब साढ़े आठ बजे झारखंड के खूंटी स्थित आरसी बालक मध्य विद्यालय परिसर में हुआ। फादर बारला 21 अक्टूबर की सुबह गंभीर रूप से घायल और अचेत अवस्था में मिले और उन्हें रांची के पल्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हमले में कितने आरोपी हैं और उनकी उम्र क्या है?
पुलिस के अनुसार इस मामले में कुल चार आरोपी हैं। तीन नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है, जिनकी उम्र 13, 14 और 15 वर्ष है। चौथे आरोपी की तलाश अभी भी जारी है और उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी उम्र व भूमिका स्पष्ट होगी।
हमले की वजह क्या थी?
पुलिस जाँच के अनुसार चारों आरोपी मेला घूमने के लिए पैसे चुराने की नीयत से स्कूल परिसर में घुसे थे। अचानक फादर बारला के पहुँचने पर पकड़े जाने के डर से एक आरोपी ने छोटे कुदाल जैसे हथियार से उन पर हमला कर दिया। चारों आरोपी इसी स्कूल के पूर्व छात्र हैं।
पुलिस ने आरोपियों तक कैसे पहुँची?
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग के नेतृत्व में एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर डेटा का विश्लेषण करके एक संदिग्ध नंबर की पहचान की। पूछताछ में पहले आरोपी ने अन्य नाबालिगों की जानकारी दी और उनकी निशानदेही पर जंगल में जमीन के भीतर छिपाए गए पैसे व सामान बरामद किए गए।
खूंटी में हमले के बाद क्या प्रतिक्रिया हुई?
फादर बारला पर हमले के बाद खूंटी में व्यापक जनाक्रोश फैल गया और सड़क जाम हुआ। मसीही समुदाय और स्थानीय नागरिकों ने मौन जुलूस निकालकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की। पुलिस के खुलासे के बाद स्थिति में कुछ स्पष्टता आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले