23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

खूंटी में स्कूल प्राचार्य फादर बेनेदिक्त बारला पर जानलेवा हमले के खिलाफ मौन जुलूस, न्याय की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
खूंटी में स्कूल प्राचार्य फादर बेनेदिक्त बारला पर जानलेवा हमले के खिलाफ मौन जुलूस, न्याय की मांग

सारांश

खूंटी में आरसी मिशन स्कूल के प्राचार्य फादर बेनेदिक्त बारला पर नकाबपोश हमलावरों के जानलेवा हमले के बाद समुदाय सड़कों पर उतरा। मौन जुलूस में न्याय और त्वरित गिरफ्तारी की माँग उठी — और पुलिस अब तक किसी को पकड़ नहीं सकी।

मुख्य बातें

फादर बेनेदिक्त बारला , आरसी मिशन स्कूल के प्राचार्य, पर 20 अक्टूबर 2026 की रात खूंटी में जानलेवा हमला हुआ।
पुलिस के सीसीटीवी फुटेज के अनुसार चार से पाँच नकाबपोश हमलावर थे; अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं।
गंभीर रूप से घायल फादर बारला का इलाज रांची के पल्स अस्पताल में जारी है।
शुक्रवार को कचहरी मैदान से लोयोला इंटर कॉलेज तक मौन जुलूस निकला; ईसाई समुदाय और ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इससे पहले बुधवार को सैकड़ों लोगों ने मुख्य चौराहे को करीब छह घंटे तक जाम रखा था।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जाँच और आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की।

झारखंड के खूंटी जिला मुख्यालय में आरसी मिशन स्कूल के प्राचार्य और संत मिखाइल चर्च के पादरी फादर बेनेदिक्त बारला पर हुए कातिलाना हमले के विरोध में शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2026 को बड़ी संख्या में लोगों ने मौन जुलूस निकाला और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की माँग की। 20 अक्टूबर की रात हुई इस वारदात के बाद से ईसाई समुदाय और स्थानीय निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है।

हमले का घटनाक्रम

फादर बारला को बुधवार की सुबह स्कूल परिसर में खून से लथपथ अवस्था में पाया गया था। पुलिस द्वारा जुटाए गए सीसीटीवी फुटेज के साक्ष्यों के अनुसार, चार से पाँच नकाबपोश व्यक्तियों ने उन पर हमला किया था। गंभीर रूप से घायल फादर बारला का उपचार अभी रांची के पल्स अस्पताल में जारी है। अब तक किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

मौन जुलूस का विवरण

शुक्रवार को निकाला गया मौन जुलूस कचहरी मैदान से शुरू हुआ, जिसमें ईसाई समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस मेन रोड से होता हुआ भगत सिंह चौक पहुँचा और वापस लौटकर लोयोला इंटर कॉलेज के मैदान में संपन्न हुआ। वहाँ उपस्थित लोगों ने सामूहिक प्रार्थना कर फादर बारला के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

जुलूस में शामिल प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियाँ थीं, जिन पर 'शांति, प्रेम और न्याय, यही है हमारी आवाज़' और 'हमारा मौन विरोध नहीं, न्याय की पुकार है' जैसे संदेश अंकित थे। प्रदर्शनकारियों ने मौन रहकर अपना विरोध दर्ज कराया।

पहले भी उठा था रोष

यह ऐसे समय में आया है जब बुधवार को ही सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए थे और जिला मुख्यालय के मुख्य चौराहे को करीब छह घंटे तक जाम रखा था। गौरतलब है कि इस घटना ने खूंटी जिले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं और स्थानीय नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।

समुदाय और प्रशासन से माँग

मौन जुलूस में शामिल लोगों ने प्रशासन से माँग की कि मामले की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित की जाए और हमले में संलिप्त सभी आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएँ शहर में सांप्रदायिक सौहार्द और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के लिए चिंताजनक हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान करने में जुटी है, हालाँकि हमलावरों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। समुदाय का दबाव बढ़ने के साथ ही प्रशासन पर जल्द कार्रवाई के लिए दबाव भी तेज हो रहा है। फादर बारला की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार और आरोपियों की गिरफ्तारी पर सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक संस्था और एक समुदाय पर हमला है — और पुलिस का अब तक किसी भी आरोपी को न पकड़ पाना प्रशासनिक ढिलाई का संकेत है। झारखंड में अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ पहले भी चर्चा में रही हैं, और हर बार त्वरित न्याय की माँग अनसुनी रह जाती है। मौन जुलूस समाज की परिपक्वता दर्शाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पुलिस सीसीटीवी फुटेज के बावजूद हमलावरों को शीघ्र गिरफ्तार कर पाएगी। यदि आरोपी बचते रहे, तो यह मामला केवल खूंटी नहीं, पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाएगा।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फादर बेनेदिक्त बारला पर हमला कब और कहाँ हुआ?
फादर बेनेदिक्त बारला पर 20 अक्टूबर 2026 की रात खूंटी के आरसी मिशन स्कूल परिसर में हमला हुआ। उन्हें बुधवार की सुबह स्कूल परिसर में खून से लथपथ हालत में पाया गया।
फादर बारला अभी कहाँ और किस हालत में हैं?
वे गंभीर रूप से घायल हैं और रांची के पल्स अस्पताल में उनका उपचार जारी है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है।
हमलावरों की अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से साक्ष्य जुटाए हैं जिनमें चार से पाँच नकाबपोश व्यक्ति नज़र आते हैं, लेकिन नकाब के कारण पहचान में कठिनाई आ रही है। अब तक किसी भी संदिग्ध को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
मौन जुलूस में क्या माँगें उठाई गईं?
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जाँच और हमले में शामिल सभी आरोपियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की। जुलूस में 'शांति, प्रेम और न्याय' तथा 'हमारा मौन विरोध नहीं, न्याय की पुकार है' जैसे संदेश लिखी तख्तियाँ भी दिखीं।
इस हमले के बाद खूंटी में और क्या विरोध प्रदर्शन हुए?
घटना के बाद बुधवार को ही सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और जिला मुख्यालय के मुख्य चौराहे को करीब छह घंटे तक जाम रखा। उसके बाद शुक्रवार को कचहरी मैदान से लोयोला इंटर कॉलेज तक मौन जुलूस निकाला गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले