खूंटी में फादर बेनेडिक्ट बारला पर जानलेवा हमला, सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने घंटों मुख्य सड़क जाम की
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के खूंटी जिले में 21 अक्टूबर 2026 को आदिवासी और ईसाई समुदायों के सैकड़ों सदस्य आरसी बॉयज मिडिल स्कूल के प्रिंसिपल और सेंट माइकल चर्च से जुड़े पादरी फादर बेनेडिक्ट बारला पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने रांची-खूंटी-चैबासा सड़क पर मुख्य भगत सिंह चौक को घंटों तक बाधित रखा और हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की।
मुख्य घटनाक्रम
यह हमला कथित तौर पर मंगलवार रात करीब 9 बजे हुआ, जब फादर बेनेडिक्ट बारला अपनी नियमित दिनचर्या के अनुसार स्कूल परिसर का रात्रि निरीक्षण कर रहे थे। आरसी चर्च के पादरी फादर निकोलस के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 8:30 बजे स्कूल पहुँची एक महिला ने उन्हें घायल और खून से लथपथ पड़ा देखा। उस महिला ने तत्काल पैरिश हाउस जाकर दूसरों को सूचित किया।
घटनास्थल पर स्कूल कार्यालय में सामान बिखरा पड़ा था। जाँचकर्ताओं को गलियारे में खून के धब्बे मिटाने के प्रयास के संकेत भी मिले हैं। घटनास्थल से फादर बेनेडिक्ट बारला का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसकी जाँच जारी है।
पुलिस की जाँच और साक्ष्य
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्रिस्टोफर केरकेट्टा मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू की। एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज से यह पुष्टि होती है कि हमला मंगलवार रात करीब 9 बजे हुआ। फुटेज में तीन संदिग्ध युवक दिखाई दे रहे हैं और उनकी पहचान करने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस को संदेह है कि दो या तीन हमलावर घात लगाकर बैठे थे और जब फादर बारला ने विरोध किया, तो उन पर हमला किया गया। हमलावर उन्हें बेहोश अवस्था में मृत समझकर भाग गए। पुलिस उस अज्ञात महिला की भी तलाश कर रही है जिसने सबसे पहले घायल पादरी को देखा था।
चिकित्सक डॉ. अखिलेश ने बताया कि फादर बारला के बाएँ कान के नीचे गोलाकार घाव था। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि चोट गोली से लगी थी या किसी अन्य हथियार से — जाँचकर्ता इसी पहलू की पड़ताल कर रहे हैं। हमले का मकसद और हमलावरों की पहचान अभी तक उजागर नहीं हो पाई है।
प्रदर्शन और सड़क जाम
खबर फैलते ही आदिवासी और ईसाई समुदाय के सैकड़ों सदस्य बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे से भगत सिंह चौक, खूंटी पर जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने विरोध मार्च निकाला और नारेबाज़ी करते हुए हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग रखी। शाम 4:30 बजे तक रांची-खूंटी-चैबासा सड़क पर जाम जारी था, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा पहले से ही चर्चा का विषय रही है।
आम जनता और समुदाय पर असर
फादर बेनेडिक्ट बारला को खूंटी सदर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए किसी अन्य अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। स्थानीय ईसाई और आदिवासी संगठनों में गहरा आक्रोश है। गौरतलब है कि खूंटी जिला पहले भी सामाजिक तनाव की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है।
क्या होगा आगे
पुलिस सीसीटीवी फुटेज, बरामद साक्ष्यों और अज्ञात महिला गवाह के बयान के आधार पर मामले की जाँच आगे बढ़ा रही है। तीन संदिग्धों की पहचान होते ही गिरफ्तारी की कार्रवाई संभावित है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि गिरफ्तारी नहीं होने तक विरोध जारी रहेगा।