भारत-बेनिन द्विपक्षीय वार्ता: रक्षा, स्वास्थ्य और कृषि में साझेदारी गहरी करने पर सहमति
सारांश
मुख्य बातें
राजदूत अभिषेक सिंह और बेनिन की उपराष्ट्रपति मरियम चाबी तलाता के बीच पोर्टो-नोवो में हुई उच्चस्तरीय बैठक में भारत और बेनिन ने रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आर्थिक साझेदारी और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने के तरीकों पर 16 अक्टूबर 2026 को विस्तृत चर्चा की। दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को और गहरा करने तथा साझा समृद्धि के लिए नए सहयोग के अवसर तलाशने की प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
बैठक की शुरुआत में राजदूत अभिषेक सिंह ने भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन की ओर से शुभकामनाएं और संदेश उपराष्ट्रपति मरियम चाबी तलाता को पहुँचाया। नाइजीरिया स्थित भारतीय उच्चायोग — जो बेनिन के लिए भी मान्यता प्राप्त है — ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बातचीत में रक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में आर्थिक साझेदारी को मज़बूत करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इसके साथ ही विकास सहयोग, कौशल विकास (कैपेसिटी बिल्डिंग) और जन-से-जन संपर्क को बढ़ाने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
रक्षा सहयोग पर अलग से वार्ता
इससे पहले गुरुवार को राजदूत अभिषेक सिंह ने बेनिन के राष्ट्रीय रक्षा मामलों के मंत्री प्रतिनिधि गिल्डास एगोंकन से भी मुलाकात की। भारतीय मिशन के अनुसार, इस बैठक में रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत साझेदारी को विस्तार देने पर केंद्रित चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े साझा लक्ष्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर स्पष्ट की।
भारत-बेनिन संबंधों की पृष्ठभूमि
भारत और बेनिन के बीच दीर्घकालिक मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देश लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता जैसे साझा मूल्यों में विश्वास रखते हैं। बेनिन को एक सहिष्णु, बहु-जातीय और बहु-धार्मिक लोकतांत्रिक समाज के रूप में देखा जाता है, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के साथ उसे एक स्वाभाविक साझेदार बनाता है। गौरतलब है कि बेनिन की सशस्त्र सेनाओं के अधिकारी आईटीईसी (ITEC) कार्यक्रम के तहत नियमित रूप से भारत के रक्षा संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं।
मिलन 2026 और आईएफआर 2026 में बेनिन की भागीदारी
इस वर्ष बेनिन के नौसेना प्रमुख के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने 15 से 20 फरवरी 2026 के बीच विशाखापट्टनम में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 (IFR 2026) और मिलन 2026 नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लिया। यह भागीदारी दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा सहयोग की बढ़ती गहराई को रेखांकित करती है।
आगे की दिशा
यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी को नई गति देने में जुटा है। रक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में ठोस सहयोग की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। दोनों देशों ने आपसी लाभ और साझा समृद्धि के लिए नए सहयोग के अवसर तलाशने की दृढ़ इच्छाशक्ति व्यक्त की है।