भारत-केन्या आर्थिक साझेदारी: एल्डोरेट में उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने व्यापार और निवेश के नए द्वार खोले
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने 13 जून 2026 को एल्डोरेट, केन्या में आयोजित एक व्यावसायिक बैठक में भारत और केन्या के बीच गहरी आर्थिक साझेदारी तथा आगामी वर्षों में इसके विस्तार की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया। यह कार्यक्रम भारत-केन्या चैंबर ऑफ कॉमर्स (IKCC) के सहयोग से आयोजित किया गया, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने द्विपक्षीय व्यापार को और सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में क्या हुआ
एल्डोरेट के भारतीय और केन्याई उद्यमियों ने भारतीय कंपनियों के साथ अपने मौजूदा व्यावसायिक संबंधों की जानकारी साझा की और द्विपक्षीय व्यापार को और गति देने के लिए कई सुझाव प्रस्तुत किए। बैठक में काउंटी सरकार के प्रतिनिधियों के साथ-साथ केन्या नेशनल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (KNCCI) और IKCC के अध्यक्ष भी शामिल रहे।
गवर्नर से मुलाकात और सहयोग के क्षेत्र
इस दौरे के अंतर्गत उच्चायुक्त स्वाइका ने शुक्रवार, 12 जून को उआसिन गिशु काउंटी के गवर्नर जोनाथन बी. चेलेलिम से भी भेंट की। चर्चा में भारत-केन्या साझेदारी के व्यापक ढाँचे के अंतर्गत विशेष रूप से कृषि एवं कृषि-प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवाएँ, खेल, शिक्षा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारतीय निवेश आकर्षित करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। यह बैठक दोनों पक्षों के बीच बढ़ते सहयोग और भविष्य में और अधिक साझेदारी की संभावनाओं को उजागर करती है।
भारतीय समुदाय से संवाद
उच्चायुक्त स्वाइका ने एल्डोरेट प्रवास के दौरान वहाँ बसे भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की। उन्होंने केन्या के सामाजिक और आर्थिक विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान की सराहना करते हुए उन्हें दोनों देशों के बीच एक 'जीवंत सेतु' बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार अपने विदेशों में बसे नागरिकों को विशेष महत्व देती है।
विकसित भारत 2047 का आह्वान
स्वाइका ने प्रवासी भारतीयों से 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। यह एल्डोरेट यात्रा भारत-केन्या द्विपक्षीय संबंधों को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखी जा रही है।