13 अगस्त 2026
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केन्या में भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका का केएसजी में व्याख्यान, 120+ अधिकारियों को बताया भारत-केन्या साझेदारी का महत्व

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केन्या में भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका का केएसजी में व्याख्यान, 120+ अधिकारियों को बताया भारत-केन्या साझेदारी का महत्व

सारांश

नैरोबी में भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने केन्या स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में 120 से अधिक सरकारी अधिकारियों को संबोधित किया और KSG पुस्तकालय में इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन किया — यह भारत की अफ्रीका में सॉफ्ट पावर और विकास कूटनीति को संस्थागत रूप देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने 13 अगस्त 2026 को नैरोबी के केन्या स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (KSG) में 'वाई इंडिया मैटर्स फॉर केन्या' विषय पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम में केन्या सरकार के मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और काउंटी सरकारों के 120 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
KSG पुस्तकालय में इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन किया गया, जिसमें भारतीय इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विदेश नीति पर पुस्तकें रखी गईं।
स्वाइका ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और 'मेक इन इंडिया' अभियान को केन्या के लिए प्रासंगिक बताया।
उद्घाटन में KSG काउंसिल अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) चार्ल्स न्याचे और डायरेक्टर जनरल प्रो.
नूरा मोहम्मद उपस्थित रहे।

भारत के उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने 13 अगस्त 2026 को नैरोबी स्थित केन्या स्कूल ऑफ गवर्नमेंट (KSG) में 'वाई इंडिया मैटर्स फॉर केन्या' विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया, जिसमें केन्या सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और काउंटी सरकारों के 120 से अधिक वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर उन्होंने KSG पुस्तकालय में इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन भी किया और भारतीय इतिहास, अर्थव्यवस्था एवं तकनीकी विकास पर केंद्रित पुस्तकें भेंट कीं।

ऐतिहासिक संबंध और साझा विकास आकांक्षाएँ

उच्चायुक्त स्वाइका ने भारत और केन्या के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित करते हुए कहा, 'दोनों देशों ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ संघर्ष का साझा इतिहास देखा है और आज दोनों ही समावेशी एवं सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों राष्ट्रों की विकास यात्रा में कई समानताएँ हैं, जो द्विपक्षीय सहयोग को स्वाभाविक और दीर्घकालिक बनाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक दक्षिण के देशों के साथ अपनी कूटनीतिक और विकास साझेदारी को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की कोशिश कर रहा है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग

स्वाइका ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) की सफलता का विशेष उल्लेख किया और बताया कि किस प्रकार डिजिटल तकनीक ने भारत को विकास के पारंपरिक मॉडलों को पीछे छोड़ते हुए तेज़ गति से आगे बढ़ने में सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा, 'भारत के किफायती और आधुनिक तकनीकी समाधान केन्या के लिए भी उपयोगी साबित हो सकते हैं।' उन्होंने आत्मनिर्भर भारत और 'मेक इन इंडिया' अभियान का हवाला देते हुए कहा कि भारत बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं और आधुनिक समाधानों के ज़रिए अपनी विकास यात्रा को गति दे रहा है।

व्यापार, निवेश और युवा कौशल विकास

उच्चायुक्त ने भारत से केन्या में बढ़ते व्यापार और निवेश की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि भारतीय निवेश न केवल पूंजी ला रहा है, बल्कि केन्या में रोज़गार के नए अवसर भी पैदा कर रहा है। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण को द्विपक्षीय सहयोग का एक अहम स्तंभ बताया। गौरतलब है कि केन्या में भारतीय समुदाय की ऐतिहासिक उपस्थिति और व्यापारिक संबंध इस साझेदारी की मज़बूत नींव रहे हैं।

इंडिया कॉर्नर का उद्घाटन और सांस्कृतिक कूटनीति

KSG पुस्तकालय में स्थापित इंडिया कॉर्नर के उद्घाटन समारोह में KSG काउंसिल के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) चार्ल्स न्याचे, डायरेक्टर जनरल प्रो. नूरा मोहम्मद और संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। भारतीय उच्चायोग के अनुसार, इस कॉर्नर में भारत के इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और विकास यात्रा पर केंद्रित बड़ी संख्या में पुस्तकें रखी गई हैं। उच्चायुक्त ने KSG परिसर में एक थिका पाम का पौधा भी लगाया — जो दोनों देशों के बीच बढ़ती हरित साझेदारी का प्रतीकात्मक संदेश था।

आगे की राह

उच्चायोग के मुताबिक, इंडिया कॉर्नर केन्या के लोक सेवकों और शोधकर्ताओं को भारत के बारे में गहरी समझ विकसित करने और दोनों देशों की बढ़ती साझेदारी के लिए ज़रूरी संसाधन जुटाने में मदद करेगा। यह पहल भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत अफ्रीकी देशों के साथ संस्थागत और सांस्कृतिक संपर्क को मज़बूत किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी यह होगी कि ये संस्थागत संपर्क ठोस व्यापार और तकनीकी सहयोग में कितनी तेज़ी से तब्दील होते हैं।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय उच्चायुक्त आदर्श स्वाइका ने KSG में किस विषय पर व्याख्यान दिया?
उन्होंने 'वाई इंडिया मैटर्स फॉर केन्या' विषय पर व्याख्यान दिया, जिसमें भारत-केन्या के ऐतिहासिक संबंध, डिजिटल तकनीक, व्यापार, निवेश और युवा कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
KSG में इंडिया कॉर्नर क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
इंडिया कॉर्नर, केन्या स्कूल ऑफ गवर्नमेंट के पुस्तकालय में स्थापित एक विशेष संसाधन केंद्र है जिसमें भारत के इतिहास, संस्कृति, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और विकास यात्रा पर पुस्तकें रखी गई हैं। इसका उद्देश्य केन्या के लोक सेवकों और शोधकर्ताओं को भारत के बारे में गहरी समझ विकसित करने में मदद करना है।
भारत केन्या के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
उच्चायुक्त स्वाइका के अनुसार, दोनों देशों का औपनिवेशिक संघर्ष का साझा इतिहास है और दोनों समावेशी विकास की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत का किफायती डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, बढ़ता निवेश और कौशल विकास कार्यक्रम केन्या के लिए प्रासंगिक मॉडल प्रस्तुत करते हैं।
KSG व्याख्यान में कितने और कौन-से प्रतिनिधि शामिल हुए?
कार्यक्रम में केन्या सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और काउंटी सरकारों के 120 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इंडिया कॉर्नर उद्घाटन में KSG काउंसिल के अध्यक्ष जस्टिस (सेवानिवृत्त) चार्ल्स न्याचे और डायरेक्टर जनरल प्रो. नूरा मोहम्मद भी शामिल हुए।
भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर केन्या के लिए कैसे उपयोगी हो सकता है?
उच्चायुक्त स्वाइका ने कहा कि भारत के किफायती और आधुनिक तकनीकी समाधान केन्या के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। भारत के DPI ने पारंपरिक विकास मॉडलों को पीछे छोड़ते हुए तेज़ डिजिटल समावेश हासिल किया है, जो अफ्रीकी देशों के लिए एक व्यावहारिक और किफायती मॉडल प्रस्तुत करता है।
राष्ट्र प्रेस
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