चेस ओलंपियाड 2026: भारत की ऐतिहासिक डबल पोडियम फिनिश, पुरुष टीम सिल्वर और महिला टीम ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
46वें चेस ओलंपियाड 2026 में भारत ने समरकंद से शानदार वापसी की — 27 सितंबर 2026 को खेले गए अंतिम राउंड के बाद पुरुष ओपन टीम ने सिल्वर मेडल और महिला टीम ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह भारतीय शतरंज इतिहास में एकल आयोजन में ओपन और महिला, दोनों वर्गों में एक साथ पोडियम पर जगह बनाने की दुर्लभ उपलब्धि है।
पुरुष ओपन वर्ग: हंगरी से ड्रॉ, टाई-ब्रेक पर सिल्वर
भारतीय पुरुष ओपन टीम ने अंतिम राउंड में हंगरी के साथ 2-2 की बराबरी पर मुकाबला समाप्त किया। विश्व चैंपियन डी. गुकेश को हंगरी के ग्लेब डुडिन के हाथों हार का सामना करना पड़ा, हालांकि अर्जुन एरिगासी ने अनुभवी पीटर लेको को मात देकर भारत का खाता संतुलित रखा।
अंततः मेजबान उज्बेकिस्तान ने यूक्रेन को 2.5-1.5 से हराकर ओपन वर्ग का गोल्ड मेडल जीता। निर्णायक बोर्ड पर मुखिद्दीन मदामिनोव ने रोमन देहतिआरोव को परास्त कर उज्बेकिस्तान का दूसरा चेस ओलंपियाड खिताब पक्का किया। उज्बेकिस्तान भारत और जर्मनी से दो अंक आगे रहा। भारत ने टाई-ब्रेक के आधार पर सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि जर्मनी ने नीदरलैंड्स को 2.5-1.5 से हराकर ब्रॉन्ज जीता। जर्मनी की जीत में मैथियास ब्लूबाउम ने जॉर्डन वैन फॉरेस्ट को हराया।
महिला वर्ग: सविता श्री की महत्वपूर्ण ड्रॉ, ब्रॉन्ज पक्का
भारतीय महिला टीम ने अंतिम राउंड में जॉर्जिया के खिलाफ 2-2 की बराबरी दर्ज की। मुश्किल परिस्थितियों में सविता श्री ने जॉर्जिया की मेरी अराबिद्जे के साथ मैच ड्रॉ कराया, जो भारत के तीसरे स्थान के लिए निर्णायक साबित हुआ।
महिला वर्ग में चीन ने वियतनाम को 3-1 से पराजित कर गोल्ड मेडल जीता — यह चीन का सातवाँ महिला चेस ओलंपियाड खिताब है। कज़ाकिस्तान ने पोलैंड के साथ 2-2 से ड्रॉ खेलकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भारत ने टाई-ब्रेक पर अमेरिका, पोलैंड, आर्मेनिया और मंगोलिया से आगे रहकर ब्रॉन्ज पर दावा जमाया।
ऐतिहासिक संदर्भ: डबल पोडियम की अहमियत
गौरतलब है कि भारत ने 2022 के चेस ओलंपियाड में भी ओपन और महिला दोनों वर्गों में कांस्य पदक जीते थे। 2026 में एक पायदान ऊपर चढ़ते हुए पुरुष टीम ने सिल्वर तक पहुँचना भारतीय शतरंज की बढ़ती ताकत का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब गुकेश के विश्व चैंपियन बनने के बाद भारतीय शतरंज वैश्विक स्तर पर नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।
चेस ओलंपियाड में एक साथ दोनों वर्गों में पोडियम फिनिश करना दुनिया की चुनिंदा शतरंज महाशक्तियों — रूस, चीन, अमेरिका — की श्रेणी में भारत की दावेदारी को और मज़बूत करता है।
टीम प्रदर्शन पर नज़र
ओपन वर्ग में अर्जुन एरिगासी का व्यक्तिगत प्रदर्शन सराहनीय रहा। महिला वर्ग में सविता श्री की संयमित बाज़ी भारत के पोडियम में योगदान देने वाला अहम पल बना। टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने कई शीर्ष वरीयता प्राप्त टीमों के खिलाफ प्रतिस्पर्धात्मक शतरंज खेला।
आगे क्या
भारतीय शतरंज टीम के इस प्रदर्शन से आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में युवा खिलाड़ियों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। अखिल भारतीय शतरंज महासंघ (AICF) की नज़र अब 2027 के विश्व टीम चैंपियनशिप पर होगी, जहाँ भारत अपनी इस रफ्तार को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।