डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या में राजनयिक प्रशिक्षण सहयोग को मजबूती देने की दिशा में की चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- राजनयिक प्रशिक्षण में सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
- बाहरी मामलों की मंत्रालय और फॉरेन सर्विस एकेडमी के बीच सहयोग।
- केन्या के न्यायालयों और भारतीय न्यायशास्त्र के बीच संबंधों का आदान-प्रदान।
- भारतीय मूल के न्यायविदों की विरासत की सराहना।
- संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व और अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने हाल ही में अनेक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठकें कीं। उन्होंने फॉरेन सर्विस एकेडमी के डायरेक्टर जनरल पैट्रिक वामोटो से राजनयिक प्रशिक्षण में सहयोग और क्षमता निर्माण पर विचार-विमर्श किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केन्या के सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस और प्रेसिडेंट, माननीय जस्टिस मार्था कूमे से भी भेंट की।
इस बैठक का मुख्य फोकस राजनयिक प्रशिक्षण में सहयोग को और अधिक मजबूत करना था, जिसमें सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस, मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स, इंडिया और एकेडमी के बीच बेहतरीन कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के लिए सहयोग शामिल था।
माननीय चीफ जस्टिस ने दोनों देशों की न्यायपालिकाओं के बीच उच्चस्तरीय आदान-प्रदान की प्रशंसा की, जिसमें उनकी आगामी भारत यात्राएं भी शामिल हैं। उन्होंने अपने निर्णयों में भारतीय केस लॉ और न्यायशास्त्र के उल्लेख का जिक्र किया। साथ ही, न्यायिक बेहतरीन कार्यप्रणालियों, ज्ञान-साझाकरण और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग के अवसरों पर चर्चा की।
उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने केन्या में भारतीय मूल के न्यायविदों की मजबूत विरासत की सराहना की। विशेष रूप से माननीय जस्टिस चुन्नीलाल मदन और माननीय जस्टिस अब्दुल मजीद कॉकर का उल्लेख किया गया, जिन्होंने केन्या में चीफ जस्टिस के पद को सुशोभित किया, जो दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी संबंधों का प्रतीक है।
डॉ. आदर्श स्वैका ने 2 अक्टूबर 2025 को केन्या में भारत के उच्चायुक्त और यूएनईपी एवं यूएन-हैबिटेट में स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वे दिसंबर 2022 से सितंबर 2025 तक कुवैत में भारत के राजदूत रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने 2015 से 2019 तक बांग्लादेश में भारत के उप उच्चायुक्त के रूप में कार्य किया। उनकी अन्य विदेशी नियुक्तियों में मॉस्को, सोफिया और बीजिंग शामिल हैं।
संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक प्रभाग (यूएनईएस) में निदेशक/उप सचिव के रूप में नई दिल्ली में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने विभिन्न बहुपक्षीय सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2015 के बाद के विकास एजेंडा तथा पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते के लिए भारतीय वार्ता दल का हिस्सा रहे।