भारत-केन्या साझेदारी: उच्चायुक्त डॉ. स्वैका ने एल्डोरेट में कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा में निवेश पर की चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केन्या में भारत के उच्चायुक्त डॉ. आदर्श स्वैका ने 13 जून 2026 को केन्या के एल्डोरेट शहर (उवासिन गिशु प्रांत) का दौरा किया और वहाँ के गवर्नर डॉ. जोनाथन बी. चेलिलिम से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-केन्या साझेदारी के व्यापक ढाँचे के तहत कृषि, स्वास्थ्य, खेल, शिक्षा और कैपेसिटी-बिल्डिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग और भारतीय निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य घटनाक्रम
नैरोबी स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि उच्चायुक्त की यह यात्रा भारत और उवासिन गिशु प्रांत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से की गई। उच्चायोग के अनुसार, बैठक में कृषि और कृषि-प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सुविधा, खेल, शिक्षा और कैपेसिटी-बिल्डिंग के क्षेत्रों में भारतीय निवेश आकर्षित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया।
उच्चायोग ने कहा कि बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में भारत और केन्या के बीच बढ़ते जुड़ाव और प्रांत के साथ और गहरे सहयोग की संभावना को रेखांकित किया गया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी आर्थिक और कूटनीतिक उपस्थिति को सक्रिय रूप से विस्तार दे रहा है।
10वीं संयुक्त व्यापार समिति की बैठक
इससे पहले अप्रैल 2026 में नैरोबी में भारत-केन्या संयुक्त व्यापार समिति की 10वीं बैठक आयोजित हुई। इस बैठक की सहअध्यक्षता भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और केन्या की व्यापार प्रधान सचिव रेजिना अकोथ ओम्बम ने की।
उच्चायोग के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी व्यापार बढ़ाने, बाज़ार पहुँच में सुधार, टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई। विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में सहयोग को मज़बूत करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
एमओयू पर हस्ताक्षर
10वीं संयुक्त व्यापार समिति की बैठक के दौरान एक महत्त्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर हुए। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) और केन्या रेवेन्यू अथॉरिटी (KRA) के बीच सामान आने से पूर्व सूचना के आदान-प्रदान पर एक एमओयू पर दस्तखत किए गए। यह कदम दोनों देशों के बीच व्यापार सुगमता और सीमा शुल्क पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
आर्थिक साझेदारी की दिशा
उच्चायोग के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने लॉजिस्टिक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग में विकास साझेदारी की समीक्षा की और एक अधिक विविधतापूर्ण, संतुलित तथा भविष्य-केंद्रित आर्थिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। व्यापार सुगम बनाने, लंबित मुद्दों के समाधान और कारोबार-से-कारोबार (B2B) सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत तंत्रों को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।
गौरतलब है कि यह बैठक भारत की 'अफ्रीका आउटरीच' नीति के अंतर्गत आती है, जिसमें केन्या एक प्रमुख साझेदार देश के रूप में उभरा है। आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग के नए अध्याय खुलने की संभावना है।