20 सितंबर 2026
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एशियाई खेलों के मौके पर मांडविया और प्रिंस वांगचुक की मुलाकात, भारत-भूटान खेल सहयोग को मिलेगी नई दिशा

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एशियाई खेलों के मौके पर मांडविया और प्रिंस वांगचुक की मुलाकात, भारत-भूटान खेल सहयोग को मिलेगी नई दिशा

सारांश

नागोया में एशियाई खेलों के इतर भारत-भूटान के बीच खेल सहयोग पर अहम बातचीत हुई। मांडविया और प्रिंस वांगचुक की मुलाकात में IOA और BOC के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी — यह वार्ता जयशंकर की हालिया भूटान यात्रा के बाद और भी अहम हो जाती है।

मुख्य बातें

मनसुख मांडविया और प्रिंस जिग्येल उग्येन वांगचुक की 20 सितंबर 2026 को नागोया में 20वें एशियाई खेलों के इतर द्विपक्षीय बैठक हुई।
भारत के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय , भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और भूटान ओलंपिक समिति (BOC) के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
मांडविया ने भारत को वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की देश की महत्वाकांक्षा को रेखांकित किया।
प्रिंस वांगचुक ने कहा कि भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी से भूटानी खिलाड़ियों को भी अनुभव के अधिक अवसर मिलेंगे।
इससे पहले विदेश मंत्री एस.
जयशंकर ने थिम्फू में राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात कर द्विपक्षीय मित्रता को और गहरा करने की बात कही थी।

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भूटान ओलंपिक समिति (BOC) के अध्यक्ष प्रिंस जिग्येल उग्येन वांगचुक ने 20 सितंबर 2026 को नागोया, जापान में जारी 20वें एशियाई खेलों के इतर एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें भारत और भूटान के बीच खेल सहयोग को नई ऊँचाई देने पर विस्तार से चर्चा हुई। भूटान ओलंपिक समिति के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मजबूत द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि में हुई और खेल को सहयोग के एक उभरते नए क्षेत्र के रूप में रेखांकित किया गया।

बैठक में क्या हुआ

बैठक में दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि भारत के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) और भूटान ओलंपिक समिति के बीच समन्वय को और गहरा किया जाएगा। यह त्रिस्तरीय सहयोग ढाँचा दोनों देशों के खिलाड़ियों के लिए प्रशिक्षण, अनुभव और प्रतिस्पर्धा के नए अवसर खोलेगा। गौरतलब है कि भारत और भूटान के बीच पहले से ही राजनयिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में घनिष्ठ संबंध हैं, और अब खेल इस रिश्ते का एक नया सेतु बन रहा है।

भारत की वैश्विक खेल महत्वाकांक्षा

बैठक के दौरान मांडविया ने भारत की उस व्यापक रणनीति का उल्लेख किया, जिसके तहत देश को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी को भारत की इसी महत्वाकांक्षा का हिस्सा बताया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत ओलंपिक 2036 की दावेदारी की तैयारी में जुटा है और खेल के बुनियादी ढाँचे में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है।

भूटान की प्रतिक्रिया

प्रिंस जिग्येल उग्येन वांगचुक ने कहा कि भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी दोनों देशों के लिए समान रूप से लाभकारी होगी, क्योंकि इससे भूटान के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और अनुभव हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। उन्होंने भारत की खेल यात्रा और भविष्य की खेल महत्वाकांक्षाओं के प्रति अपना समर्थन और शुभकामनाएं भी व्यक्त कीं।

जयशंकर की भूटान यात्रा से जुड़ा संदर्भ

इस खेल-वार्ता से कुछ दिन पहले, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपनी आधिकारिक भूटान यात्रा के दौरान थिम्फू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात की थी। जयशंकर ने कहा था कि भारत-भूटान की अनूठी मित्रता को और गहरा करने के लिए राजा का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन दोनों घटनाक्रमों को एक साथ देखें तो स्पष्ट होता है कि दोनों देश राजनयिक से लेकर खेल तक हर मोर्चे पर द्विपक्षीय सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाने की कोशिश में हैं।

आगे की राह

दोनों पक्षों के बीच हुई इस सहमति के बाद अब यह देखना होगा कि IOA और BOC के बीच औपचारिक समझौता ज्ञापन (MoU) या कार्ययोजना कब तक आकार लेती है। खेल के क्षेत्र में यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के एथलीटों के लिए नए द्वार खोलेगी, बल्कि भारत की 'पड़ोसी-पहले' नीति को भी नई सामग्री प्रदान करेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागोया में भारत और भूटान के बीच खेल सहयोग पर चर्चा क्यों हुई?
जापान के नागोया में आयोजित 20वें एशियाई खेलों के इतर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया और भूटान ओलंपिक समिति के अध्यक्ष प्रिंस जिग्येल उग्येन वांगचुक के बीच बैठक हुई। इसमें दोनों देशों के खेल संबंधों को संस्थागत रूप देने और IOA-BOC के बीच समन्वय बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारत-भूटान खेल सहयोग से भूटानी खिलाड़ियों को क्या फायदा होगा?
प्रिंस वांगचुक के अनुसार, भारत में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी से भूटान के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और अनुभव हासिल करने के अधिक अवसर मिलेंगे। इस साझेदारी से प्रशिक्षण सुविधाएँ और ज्ञान-साझाकरण भी संभव होगा।
भारत को वैश्विक खेल केंद्र बनाने की योजना क्या है?
मनसुख मांडविया ने बैठक में भारत की उस बढ़ती महत्वाकांक्षा का उल्लेख किया, जिसके तहत देश को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम हो रहा है। इसके तहत बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी और खेल बुनियादी ढाँचे का विस्तार शामिल है।
जयशंकर की भूटान यात्रा और इस बैठक में क्या संबंध है?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी सप्ताह थिम्फू में भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से मुलाकात कर भारत-भूटान मित्रता को गहरा करने की बात कही थी। नागोया की खेल-वार्ता इसी व्यापक द्विपक्षीय जुड़ाव का विस्तार है, जो राजनयिक से लेकर खेल तक सभी क्षेत्रों को कवर करती है।
20वें एशियाई खेल कहाँ और कब आयोजित हो रहे हैं?
20वें एशियाई खेल जापान के एची-नागोया में आयोजित हो रहे हैं। यह आयोजन 2026 में हो रहा है और इसके इतर कई देशों के बीच द्विपक्षीय खेल बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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