भारत ने श्रीलंका को भेजीं 3 टन टीबी रोधी दवाइयाँ, जयशंकर ने कहा — स्वास्थ्य सहयोग जारी रहेगा
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 28 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि भारत ने भारतीय वायुसेना के सी-130जे विमान के ज़रिए श्रीलंका की राजधानी कोलंबो को करीब 3 टन टीबी रोधी (एंटी-ट्यूबरकुलोसिस) दवाइयाँ भेजीं। यह कदम भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत श्रीलंका की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को निरंतर समर्थन देने की एक ठोस कड़ी है।
दवाइयों की खेप और जयशंकर का बयान
जयशंकर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'भारत श्रीलंका की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। करीब तीन टन टीबी रोधी दवाइयाँ आज आईएएफ के सी-130जे विमान से कोलंबो भेजी गईं।' गौरतलब है कि ट्यूबरकुलोसिस (क्षय रोग) दक्षिण एशिया में सार्वजनिक स्वास्थ्य की एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, और श्रीलंका इस खेप से अपनी दवा-आपूर्ति शृंखला को मज़बूत कर सकेगा।
मन्नार अस्पताल में नई आपातकालीन इकाई का शिलान्यास
16 सितंबर 2026 को श्रीलंका के मन्नार स्थित जिला सामान्य अस्पताल में एक नई दो मंजिला दुर्घटना एवं आपातकालीन इकाई के निर्माण कार्य का शिलान्यास हुआ। भारत सरकार इस परियोजना के लिए 60 करोड़ श्रीलंकाई रुपए की अनुदान सहायता दे रही है।
शिलान्यास समारोह में श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री नलिंदा जयतिस्स और श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा उपस्थित रहे। झा ने एक्स पर लिखा, 'मन्नार जिला सामान्य अस्पताल में नई दो मंजिला दुर्घटना एवं आपातकालीन इकाई के शिलान्यास समारोह में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और स्वास्थ्य मंत्री नलिंदा जयतिस्स के साथ शामिल होकर खुशी हुई।'
उन्होंने यह भी बताया कि इस परियोजना के तहत आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे आपातकालीन स्थितियों में 'गोल्डन ऑवर' के दौरान समय पर उपचार सुनिश्चित हो सकेगा — यह पहलू ट्रॉमा केयर में अत्यंत महत्त्वपूर्ण माना जाता है।
पोलोन्नारुवा में 21वें मॉडल गाँव का उद्घाटन
4 सितंबर 2026 को उच्चायुक्त संतोष झा ने श्रीलंकाई संसद के स्पीकर जगत विक्रमरत्ने और आवास, निर्माण एवं जलापूर्ति उपमंत्री टी.बी. सारथ के साथ पोलोन्नारुवा में 21वें मॉडल गाँव 'सुहदागामा' का उद्घाटन किया। भारतीय अनुदान से वित्तपोषित यह मॉडल गाँव परियोजना श्रीलंका के सभी 25 जिलों में फैली हुई है और जमीनी स्तर पर विकास को बढ़ावा देने में दोनों देशों की साझेदारी का उदाहरण है।
भारत-श्रीलंका फाउंडेशन की 41वीं बोर्ड बैठक
28 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में भारत-श्रीलंका फाउंडेशन (ISLF) की 41वीं बोर्ड बैठक हुई, जिसकी संयुक्त अध्यक्षता उच्चायुक्त संतोष झा और भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त महिशिनी कोलोंन ने की। बैठक में शिक्षा, संस्कृति, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने वाले नए प्रस्तावों पर विचार किया गया।
उल्लेखनीय है कि भारत-श्रीलंका फाउंडेशन की स्थापना 1998 में दोनों देशों के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत की गई थी, जिसका उद्देश्य आर्थिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग नई ऊंचाइयाँ छू रहा है।
आगे क्या
टीबी दवाइयों की यह खेप श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी जाएगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य नेटवर्क के ज़रिए वितरित की जाएगी। मन्नार अस्पताल की नई आपातकालीन इकाई पूर्ण होने पर उत्तरी श्रीलंका के लाखों नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकेंगी। दोनों देशों की बढ़ती स्वास्थ्य साझेदारी इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में द्विपक्षीय सहयोग के और नए अध्याय खुलेंगे।