'तृष्णा' सैटेलाइट: भारत-फ्रांस 2027 में करेंगे संयुक्त लॉन्च, जल व खाद्य सुरक्षा होगी मजबूत
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18 जून 2026 को पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए घोषणा की कि भारत और फ्रांस मिलकर 'तृष्णा' सैटेलाइट को 2027 में लॉन्च करेंगे। यह संयुक्त अंतरिक्ष मिशन वैश्विक जल सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी ने यह ऐलान किया।
मिशन का उद्देश्य और साझेदारी की पृष्ठभूमि
पीएम मोदी ने कहा कि 'तृष्णा' सैटेलाइट परियोजना दोनों देशों के बीच बढ़ते वैज्ञानिक सहयोग का स्वाभाविक विस्तार है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष पेरिस और इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित एआई समिट्स ने भारत-फ्रांस साझेदारी को और गहरा किया है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश तकनीक, रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में अपने संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जा रहे हैं।
भारत की डीप-टेक क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन
पीएम मोदी ने नीस में आयोजित 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन ने दुनिया के सामने भारत की डीप-टेक क्षमताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि भारत के 120 प्रमुख डीप-टेक स्टार्टअप्स ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और करीब 1,400 बिजनेस-टू-बिजनेस (बीटूबी) बैठकें हुईं, जिससे वैश्विक नवाचार और व्यावसायिक सहयोग को नई गति मिली। इससे पहले उन्होंने यूरोप के सबसे बड़े तकनीक सम्मेलनों में से एक 'वीवाटेक 2026' को भी संबोधित किया।
जी7 मंच पर भारत का संदेश
एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए पीएम मोदी ने भरोसे पर आधारित वैश्विक साझेदारी का आह्वान किया और ग्लोबल साउथ के देशों के साथ समान सहयोग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक शासन तभी प्रभावी होगा जब वह सबको साथ लेकर चले, वैश्विक विकास तभी टिकाऊ होगा जब उसका लाभ सभी को मिले, और तकनीक तभी मानवता के लिए फायदेमंद होगी जब उस पर भरोसा किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि हर देश भरोसेमंद सप्लाई चेन और स्थिर साझेदार चाहता है, और भारत इस भूमिका में तेजी से उभर रहा है।
भारत की डिजिटल उपलब्धियाँ
पीएम मोदी ने भारत की डिजिटल प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 90 करोड़ लोगों के लिए यूनिक डिजिटल हेल्थ आईडी बनाई जा चुकी है, जिससे मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहते हैं और स्वास्थ्य सेवाएँ बेहतर तरीके से उपलब्ध हो पाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दूर-दराज के गाँवों तक हाई-स्पीड इंटरनेट की पहुँच, जो कुछ वर्ष पहले तक कल्पना से परे थी, अब वास्तविकता बन चुकी है।
प्रवासी भारतीय समुदाय का उत्साह
पेरिस में भारतीय समुदाय के लोगों ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद खुशी और गर्व जताया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए एक यादगार अवसर था और पीएम की उपस्थिति ने उन्हें हजारों किलोमीटर दूर रहते हुए भी अपने देश से जुड़ाव का एहसास कराया। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर लिखा, 'कुछ समय पहले पेरिस पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। मैं भारत और फ्रांस को और करीब लाने में उनके प्रयासों पर गर्व महसूस करता हूँ। भारत-फ्रांस साझेदारी हमारे ग्रह की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।' आने वाले वर्षों में 'तृष्णा' मिशन की सफलता इस साझेदारी की अगली कसौटी होगी।