2 अगस्त 2026
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पेरिस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत; बोले- 'भारत-फ्रांस साझेदारी दुनिया की तरक्की के लिए ज़रूरी'

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पेरिस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया गर्मजोशी से स्वागत; बोले- 'भारत-फ्रांस साझेदारी दुनिया की तरक्की के लिए ज़रूरी'

सारांश

जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद पेरिस पहुंचे PM मोदी का भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने भारत-फ्रांस साझेदारी को वैश्विक प्रगति के लिए अनिवार्य बताया और 'वीवा टेक 2026' में संबोधन की तैयारी है — जो भारत की डिजिटल ताकत को यूरोपीय मंच पर रेखांकित करेगा।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 18 जून 2026 को पेरिस पहुंचे, जहाँ भारतीय समुदाय ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा — 'भारत और फ्रांस को करीब लाने की भारतीय समुदाय की कोशिशों पर गर्व है।' एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में मोदी ने शासन, नीति-निर्माण और ग्लोबल साउथ के साथ सहयोग पर भारत का पक्ष रखा।
पेरिस में 'वीवा टेक 2026' सम्मेलन में संबोधन और सामुदायिक कार्यक्रम निर्धारित हैं।
भारत-फ्रांस के बीच रक्षा , अंतरिक्ष , परमाणु ऊर्जा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 18 जून 2026 की सुबह पेरिस पहुंचे, जहाँ प्रवासी भारतीयों ने उनका उत्साहपूर्ण स्वागत किया। फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण बैठकों के बाद यह पेरिस दौरा उनकी फ्रांस यात्रा का अंतिम चरण है। मोदी ने स्पष्ट कहा कि भारत और फ्रांस को एक-दूसरे के निकट लाने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर उन्हें गहरा गर्व है।

पेरिस में भारतीय समुदाय से मुलाकात

पेरिस पहुंचने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर भारतीय नागरिकों के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'कुछ ही देर पहले पेरिस पहुंचा, जहां भारतीय समुदाय ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत और फ्रांस को करीब लाने की उनकी कोशिशों पर मुझे गर्व है। भारत-फ्रांस की साझेदारी हमारी दुनिया की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है।' यह बैठक एक सामुदायिक कार्यक्रम के तहत आयोजित की गई थी।

जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत की भूमिका

एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस दौरान शासन और नीति-निर्माण के प्रमुख क्षेत्रों पर भारत के विचार और प्रयास रखने का अवसर मिला। उन्होंने वैश्विक समृद्धि के संदर्भ में ग्लोबल साउथ के साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। गौरतलब है कि भारत पिछले कुछ वर्षों से खुद को ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज़ के रूप में प्रस्तुत कर रहा है — समावेशी विकास, निष्पक्ष व्यापार और प्रौद्योगिकी तक समान पहुंच की वकालत करते हुए।

वीवा टेक 2026 में संबोधन की तैयारी

पेरिस दौरे के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी 'वीवा टेक 2026' में संबोधन देंगे — यह यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलनों में से एक है। इस मंच पर उनकी उपस्थिति भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर रेखांकित करेगी। साथ ही, प्रवासी भारतीयों के साथ सामुदायिक कार्यक्रम में उनकी भागीदारी दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क को और गहरा करेगी।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की पृष्ठभूमि

फ्रांस लंबे समय से भारत का विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार रहा है। दोनों देशों के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग की गहरी नींव है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक कूटनीतिक मंचों पर अपनी उपस्थिति और प्रभाव को लगातार विस्तार दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं आने वाले वर्षों में और अधिक मज़बूत हो सकती हैं।

आगे क्या

पेरिस दौरे के समापन के साथ प्रधानमंत्री मोदी की यह यूरोप यात्रा भारत की बहुआयामी विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगी। वीवा टेक 2026 में उनका संबोधन और प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद — दोनों मिलकर भारत-फ्रांस संबंधों को तकनीकी और सामाजिक धरातल पर नई ऊँचाई देने की दिशा में काम करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक नवाचार के एक केंद्र के रूप में खुद को प्रस्तुत करना चाहता है। हालाँकि, ग्लोबल साउथ की आवाज़ बनने के दावे और जी-7 जैसे विकसित देशों के मंचों पर सक्रिय भागीदारी के बीच का तनाव एक ऐसा विरोधाभास है जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है। असली कसौटी यह होगी कि फ्रांस के साथ रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग की घोषणाएं ठोस समझौतों में कितनी तेज़ी से तब्दील होती हैं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी 18 जून 2026 को पेरिस क्यों गए?
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद अपनी फ्रांस यात्रा के अंतिम चरण में पेरिस पहुंचे। पेरिस में उनके कार्यक्रमों में 'वीवा टेक 2026' सम्मेलन में संबोधन और प्रवासी भारतीयों के साथ सामुदायिक कार्यक्रम शामिल हैं।
जी-7 शिखर सम्मेलन में PM मोदी ने क्या कहा?
मोदी ने एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान शासन और नीति-निर्माण के प्रमुख क्षेत्रों पर भारत के विचार रखे और वैश्विक समृद्धि के लिए ग्लोबल साउथ के साथ मिलकर काम करने की ज़रूरत पर बल दिया। उन्होंने इसे भारत की व्यापक कूटनीतिक पहल का हिस्सा बताया।
वीवा टेक 2026 क्या है और इसमें मोदी की भागीदारी क्यों अहम है?
'वीवा टेक 2026' यूरोप के प्रमुख प्रौद्योगिकी और नवाचार सम्मेलनों में से एक है, जो पेरिस में आयोजित होता है। इसमें PM मोदी का संबोधन भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था और इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर है।
भारत-फ्रांस संबंध किन क्षेत्रों में मज़बूत हैं?
भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी है। मोदी के इस दौरे से प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भी सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
प्रवासी भारतीय भारत-फ्रांस संबंधों में क्या भूमिका निभाते हैं?
PM मोदी ने स्वयं कहा कि भारत और फ्रांस को एक-दूसरे के निकट लाने में प्रवासी भारतीयों के प्रयास सराहनीय हैं। प्रवासी भारतीय दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क को मज़बूत करने में महत्वपूर्ण कड़ी की भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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