4 अगस्त 2026
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पेरिस में PM मोदी से मिला भारतीय समुदाय, 'ऐ वतन' की धुन पर छलके भावुक आँसू

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पेरिस में PM मोदी से मिला भारतीय समुदाय, 'ऐ वतन' की धुन पर छलके भावुक आँसू

सारांश

पेरिस में जी-7 के बाद प्रधानमंत्री मोदी का भारतीय समुदाय से मिलना महज एक शिष्टाचार भेंट नहीं था — 'ऐ वतन' की धुन, भावुक आँखें और 'परिवार का सदस्य आया हो' जैसी भावनाएँ बता रही थीं कि हज़ारों मील दूर भी भारत कितना करीब है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून 2026 को जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद पेरिस पहुँचे और भारतीय समुदाय से मुलाकात की।
जयपुर महाराजा ब्रास बैंड ने देशभक्ति गीत 'ऐ वतन' प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को भावुक बना दिया।
एक समुदाय सदस्य ने बताया कि 2023 में फ्रांस आने के बाद यह उनकी तीसरी बार प्रधानमंत्री से मुलाकात थी।
भारतीय छात्रों को भारत-फ्रांस संबंधों के तहत दो साल का वर्क परमिट मिलता है — एक छात्र ने इसे बड़ा अवसर बताया।
मोदी ने एक्स पर लिखा कि भारत-फ्रांस साझेदारी 'हमारे ग्रह की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 जून 2026 को यूरोप दौरे के अंतिम पड़ाव के रूप में पेरिस पहुँचे, जहाँ फ्रांस में रहने वाले भारतीय समुदाय ने उनका भावभीना स्वागत किया। फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में बैठकों का दौर पूरा करने के बाद गुरुवार सुबह पेरिस पहुँचे मोदी ने भारतीय प्रवासियों से सीधी मुलाकात की, जो कई लोगों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव बन गई।

मुलाकात का माहौल: हज़ारों मील दूर, पर दिल में भारत

स्वागत समारोह में उपस्थित भारतीय समुदाय के एक सदस्य ने कहा, 2023 में फ्रांस आने के बाद यह उनकी तीसरी बार प्रधानमंत्री से मुलाकात थी। उन्होंने कहा, 'भारत और फ्रांस के बीच एक मज़बूत संबंध और एक अच्छी दोस्ती है। मैं उनसे एक बार फिर मिलकर उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।' कई उपस्थित लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने उन्हें हज़ारों मील दूर होने के बावजूद अपने देश से जुड़ा हुआ महसूस कराया।

प्रवासी भारतीयों की आवाज़ें

मूल रूप से कोयंबटूर के रहने वाले और अब पेरिस में व्यवसाय कर रहे एक सदस्य ने कहा, 'मैं भारतीय मूल का हूँ और अभी पेरिस में रहता हूँ। प्रधानमंत्री मोदी से मिलना बहुत गर्व की बात है।' पेरिस में छुट्टियाँ मनाने आए एक पर्यटक ने बताया कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने फ्रांस में रह रहे और घूम रहे भारतीयों को भावुक कर दिया।

पेरिस में पढ़ रहे एक भारतीय छात्र ने कहा, 'भारत और फ्रांस के बीच मज़बूत संबंधों की वजह से भारतीय छात्रों को दो साल का वर्क परमिट मिलता है, जो एक बड़ा मौका है। मैं एक भारतीय नागरिक होने और प्रधानमंत्री से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूँ।' यह टिप्पणी उस व्यापक भावना को उजागर करती है जो शिक्षा और करियर के लिए विदेश गए युवाओं में देखी जाती है।

राजस्थानी सांस्कृतिक दल ने बाँधा समाँ

राजस्थान के प्रसिद्ध सांस्कृतिक दल ढोआड़ जिप्सीज़, जयपुर महाराजा ब्रास बैंड और बॉलीवुड मसाला ऑर्केस्ट्रा के निदेशक रहीस भारती ने स्वागत समारोह में हिस्सा लिया। रहीस भारती ने कहा, 'आज का दिन हम सभी के लिए बेहद खास है। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत समारोह में शामिल होने का सम्मान मिला। भारतीय दूतावास ने हमें प्रधानमंत्री के अगले दिन के कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए भी आमंत्रित किया है।'

ढोआड़ ग्रुप के सदस्य अफरीदी भारती ने बताया कि जयपुर महाराजा बैंड ने इस अवसर पर देशभक्ति गीत 'ऐ वतन' प्रस्तुत किया, जिसने माहौल को और भी भावुक बना दिया। उन्होंने कहा, 'जब प्रधानमंत्री मोदी पहुँचे तो ऐसा लगा जैसे हमारे परिवार का ही कोई सदस्य आया हो।'

मोदी का संदेश: भारत-फ्रांस साझेदारी वैश्विक प्रगति की धुरी

प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-फ्रांस की साझेदारी पूरी दुनिया की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'कुछ देर पहले पेरिस पहुँचा, जहाँ भारतीय समुदाय ने मेरा गर्मजोशी से स्वागत किया। भारत और फ्रांस को करीब लाने में उनके प्रयासों पर मुझे गर्व है। भारत-फ्रांस की साझेदारी हमारे ग्रह की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।'

गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष और तकनीक के क्षेत्र में साझेदारी लगातार गहरी हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के यूरोप दौरे का यह अंतिम पड़ाव भारतीय प्रवासियों के लिए एक यादगार अध्याय बनकर सामने आया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पेरिस की यह मुलाकात एक व्यापक रणनीति का हिस्सा भी है — प्रवासी भारतीयों को 'सॉफ्ट पावर' के रूप में सक्रिय करना। भारत-फ्रांस संबंध इस समय रक्षा, अंतरिक्ष और तकनीक में नई ऊँचाइयों पर हैं, और ऐसे में समुदाय की भावनात्मक भागीदारी को राजनयिक पूँजी में बदलना मोदी सरकार की सुचिंतित रणनीति प्रतीत होती है। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि इन भव्य स्वागत समारोहों की तुलना में ठोस नीतिगत लाभ — जैसे वीज़ा सरलीकरण या द्विपक्षीय व्यापार वृद्धि — की समीक्षा ज़रूरी है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी पेरिस किस उद्देश्य से गए थे?
प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद 18 जून 2026 को पेरिस पहुँचे। यह उनके यूरोप दौरे का अंतिम पड़ाव था, जहाँ उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात की और भारत-फ्रांस साझेदारी पर जोर दिया।
पेरिस में भारतीय समुदाय ने मोदी का स्वागत कैसे किया?
राजस्थान के ढोआड़ जिप्सीज़ और जयपुर महाराजा ब्रास बैंड ने देशभक्ति गीत 'ऐ वतन' प्रस्तुत किया। समुदाय के सदस्यों ने इस मुलाकात को भावुक और यादगार बताया, कई ने कहा कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने उन्हें हज़ारों मील दूर होने के बावजूद भारत से जुड़ा महसूस कराया।
भारत-फ्रांस संबंधों का भारतीय छात्रों को क्या फायदा है?
भारत-फ्रांस के मज़बूत द्विपक्षीय संबंधों के तहत भारतीय छात्रों को फ्रांस में दो साल का वर्क परमिट मिलता है। पेरिस में पढ़ रहे एक भारतीय छात्र ने इसे एक बड़ा अवसर बताया।
मोदी ने एक्स पर पेरिस दौरे के बारे में क्या लिखा?
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा कि पेरिस पहुँचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और भारत-फ्रांस को करीब लाने में उनके प्रयासों पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि भारत-फ्रांस की साझेदारी 'हमारे ग्रह की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।'
ढोआड़ जिप्सीज़ कौन हैं और उन्होंने इस कार्यक्रम में क्या किया?
ढोआड़ जिप्सीज़ राजस्थान का एक प्रसिद्ध सांस्कृतिक दल है। इनके निदेशक रहीस भारती ने बताया कि भारतीय दूतावास ने उन्हें प्रधानमंत्री के स्वागत समारोह के साथ-साथ अगले दिन के कार्यक्रम में भी प्रस्तुति देने के लिए आमंत्रित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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