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मैक्रों ने मोदी को पेरिस में गले लगाकर दी विदाई, फरवरी में भारत आने का वादा

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मैक्रों ने मोदी को पेरिस में गले लगाकर दी विदाई, फरवरी में भारत आने का वादा

सारांश

पेरिस में विदाई महज़ औपचारिकता नहीं थी — मैक्रों ने हिंदी में वीडियो संदेश दिया, गले मिले और फरवरी में भारत आने का वादा किया। नीस, एवियन और पेरिस की यह यात्रा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई व्यक्तिगत ऊष्मा देती है।

मुख्य बातें

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 18 जून को पेरिस में PM नरेंद्र मोदी को गर्मजोशी भरे आलिंगन के साथ विदाई दी।
मैक्रों ने फरवरी में भारत आने का वादा किया — 'सिर्फ आपके लिए आऊंगा' — यह कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता है।
मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए हिंदी में विशेष विदाई वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया।
PM मोदी ने नीस , एवियन (जी-7 शिखर सम्मेलन) और पेरिस (VivaTech सम्मेलन) की यात्रा की।
मैक्रों द्वारा बॉलीवुड गाने के साथ साझा किया गया यात्रा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार, 18 जून को पेरिस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गर्मजोशी भरे आलिंगन के साथ विदाई दी। फ्रांस और स्लोवाकिया की सफल यात्रा पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी पेरिस से भारत रवाना हुए। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान जो आत्मीयता दिखी, वह भारत-फ्रांस संबंधों की गहरी नींव को रेखांकित करती है।

विदाई के भावुक पल

विदाई के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, 'नीस, एवियन और पेरिस में इन दिनों को आपके साथ बिताना मेरे लिए बहुत मायने रखता है।' इसके जवाब में मोदी ने मैक्रों को याद दिलाया, 'अब आपको अपना वादा पूरा करना होगा। फरवरी में आपको भारत आना है और थोड़ा ज्यादा समय लेकर आना है।'

मैक्रों ने तत्काल पुष्टि करते हुए कहा, 'फरवरी में मैंने वादा किया है कि मैं सिर्फ आपके लिए आऊंगा। धन्यवाद, अपना ख्याल रखिए।' इसके बाद दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से गले मिलकर एक-दूसरे का आभार व्यक्त किया।

मैक्रों का हिंदी में विशेष संदेश

इससे पहले राष्ट्रपति मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए हिंदी में एक विशेष विदाई वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया, जो दोनों नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता का दुर्लभ प्रमाण है। मैक्रों ने हिंदी में कहा, 'प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है कि आप नीस, एवियन और पेरिस आए। आपका यहां स्वागत करके मुझे बहुत खुशी हुई। भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे।'

इसके बाद अंग्रेजी में उन्होंने जोड़ा, 'मुझे उम्मीद है कि मेरी हिंदी सही थी, लेकिन मेरे प्रिय प्रधानमंत्री, मैं आपकी दोस्ती के लिए आपका बहुत धन्यवाद करना चाहता हूं। फ्रांस आपसे प्यार करता है। मैं अगले फरवरी में आपसे मिलने भारत आऊंगा — आप मेरे सच्चे दोस्त हैं। हम आपसे प्यार करते हैं। अपना ख्याल रखिए।'

यात्रा का संक्षिप्त विवरण

प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर आधिकारिक यात्रा के तहत सबसे पहले नीस पहुंचे थे। इसके बाद स्लोवाकिया की यात्रा पूरी कर वे जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए एवियन गए और अंत में पेरिस में आयोजित वीवा टेक्नोलॉजी (VivaTech) सम्मेलन में भाग लिया।

गौरतलब है कि रविवार को मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की झलकियाँ दिखाता एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया था, जिसमें एक बॉलीवुड गाने का उपयोग किया गया था। वह वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ।

भारत-फ्रांस संबंधों का संदर्भ

यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। मैक्रों का फरवरी 2025 में भारत आने का वादा इन संबंधों को और मज़बूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद इस यात्रा से और प्रबल हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फ्रांस का भारत के साथ इस स्तर की नज़दीकी दिखाना रणनीतिक गणना का हिस्सा है। फरवरी में मैक्रों की प्रस्तावित भारत यात्रा यदि होती है, तो रक्षा सौदों और तकनीकी साझेदारी पर ठोस प्रगति की उम्मीद होगी — वरना यह भी उन वादों की सूची में जुड़ जाएगी जो घोषणाओं तक सीमित रहे।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैक्रों ने PM मोदी को पेरिस में कब और कैसे विदाई दी?
राष्ट्रपति मैक्रों ने 18 जून को पेरिस में PM मोदी को गर्मजोशी से गले लगाकर विदाई दी। उन्होंने हिंदी में एक विशेष वीडियो संदेश भी रिकॉर्ड किया जिसमें भारत-फ्रांस मित्रता को 'अमर' बताया।
मैक्रों ने भारत आने का वादा कब किया और क्यों?
मैक्रों ने फरवरी में भारत आने का वादा किया, यह कहते हुए कि वे 'सिर्फ PM मोदी के लिए' आएंगे। यह वादा दोनों नेताओं के बीच की व्यक्तिगत मित्रता और भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति को दर्शाता है।
PM मोदी की फ्रांस और स्लोवाकिया यात्रा में क्या-क्या हुआ?
PM मोदी ने मैक्रों के निमंत्रण पर नीस से यात्रा शुरू की, फिर स्लोवाकिया गए और वापसी में एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन तथा पेरिस में VivaTech प्रौद्योगिकी सम्मेलन में भाग लिया।
मैक्रों का हिंदी वीडियो संदेश क्यों चर्चा में रहा?
किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति का हिंदी में व्यक्तिगत संदेश रिकॉर्ड करना असाधारण कूटनीतिक संकेत माना जाता है। इसमें मैक्रों ने 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे' कहा, जो दोनों देशों के बीच गहरे व्यक्तिगत और राजनयिक संबंधों को दर्शाता है।
भारत-फ्रांस संबंधों पर इस यात्रा का क्या असर होगा?
यह यात्रा रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और डिजिटल प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय सहयोग को और मज़बूत करने का आधार बनती है। मैक्रों की प्रस्तावित फरवरी भारत यात्रा इन क्षेत्रों में ठोस समझौतों की संभावना और बढ़ाती है।
राष्ट्र प्रेस
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