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मैक्रों ने हिंदी में कहा 'भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर है', पीएम मोदी को दिया भावुक विदाई संदेश

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मैक्रों ने हिंदी में कहा 'भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर है', पीएम मोदी को दिया भावुक विदाई संदेश

सारांश

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंदी में पीएम मोदी को विदाई दी — 'भारत-फ्रांस की दोस्ती अमर है।' पेरिस में विवाटेक 2026 के मंच पर दोनों नेताओं ने AI और स्टार्टअप सहयोग पर भारत का दृष्टिकोण रखा। मैक्रों ने फरवरी में भारत आने का संकेत भी दिया।

मुख्य बातें

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 18 जून 2026 को पीएम नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में विशेष विदाई वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया।
मैक्रों ने कहा — 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर है'; साथ ही अगले फरवरी में भारत आने की घोषणा की।
दोनों नेताओं ने पेरिस में यूरोप के सबसे बड़े टेक सम्मेलन विवाटेक 2026 में संयुक्त रूप से भाग लिया।
पीएम मोदी ने मानव-केंद्रित AI, डिजिटल भुगतान और अंतरिक्ष तकनीक में भारत-फ्रांस सहयोग पर भारत का दृष्टिकोण रखा।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा — भारत-फ्रांस संबंध वैश्विक स्तर पर सबसे मज़बूत द्विपक्षीय रिश्तों में से एक हैं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 18 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए हिंदी में एक विशेष विदाई वीडियो संदेश रिकॉर्ड किया, जिसमें उन्होंने कहा — 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर है।' यह संदेश उस अवसर पर आया जब प्रधानमंत्री मोदी पेरिस की अपनी यात्रा समाप्त कर स्वदेश लौटने की तैयारी में थे।

मैक्रों का हिंदी में संदेश

मैक्रों ने हिंदी में कहा, 'प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है कि आप पेरिस में हैं। यहाँ आपका स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर है।' इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में जोड़ा, 'उम्मीद है कि मेरी हिंदी सही थी। लेकिन, मेरे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मैं आपकी दोस्ती के लिए दिल से धन्यवाद देना चाहता हूँ। फ्रांस आपसे प्यार करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि वे अगले फरवरी में भारत आएँगे।

गौरतलब है कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा हिंदी में संदेश देना कूटनीतिक शिष्टाचार की दृष्टि से असाधारण कदम माना जाता है। यह भारत-फ्रांस संबंधों की व्यक्तिगत और भावनात्मक गहराई को रेखांकित करता है।

विवाटेक 2026 में भागीदारी

इससे पहले 18 जून को प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने पेरिस में आयोजित 'विवाटेक 2026' में संयुक्त रूप से भाग लिया, जो यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप सम्मेलन माना जाता है। तकनीकी उद्यमियों, स्टार्टअप्स, निवेशकों और व्यापार जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), नई तकनीकों और उभरते क्षेत्रों में भारत-फ्रांस सहयोग के विस्तार पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।

उन्होंने कहा कि तकनीक ने भारत में व्यापक बदलाव लाए हैं — डिजिटल भुगतान प्रणाली, AI-सहायता से कृषि में प्रगति और अंतरिक्ष क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग ने देश को नई दिशा दी है।

स्टार्टअप्स से सीधी मुलाकात

मुख्य भाषण के बाद दोनों नेताओं ने भारतीय स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स से मुलाकात की, जिन्होंने उद्योग, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण और परिवहन क्षेत्रों में व्यावहारिक तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए। यह बैठक भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

द्विपक्षीय संबंधों की मज़बूती

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि फ्रांस के साथ भारत के संबंध वैश्विक स्तर पर सबसे मज़बूत द्विपक्षीय रिश्तों में से एक हैं। दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष, रक्षा और कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गहरा सहयोग जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक तकनीकी और कूटनीतिक मंचों पर अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है।

आगे क्या

राष्ट्रपति मैक्रों ने फरवरी 2027 में भारत दौरे का संकेत दिया है, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक संवाद को और गहरा करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, विवाटेक में हुई चर्चाएँ और मैक्रों का यह व्यक्तिगत हिंदी संदेश आने वाले महीनों में भारत-फ्रांस तकनीकी और रक्षा समझौतों की नींव तैयार कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ एक यूरोपीय राष्ट्राध्यक्ष अपनी भाषा छोड़कर हिंदी में बोलना कूटनीतिक निकटता का प्रतीक बनाता है। विवाटेक जैसे मंच पर मोदी की उपस्थिति भारत को तकनीकी महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन असली कसौटी यह है कि इन घोषणाओं के बाद ठोस निवेश और रोज़गार कितने आते हैं। मैक्रों का फरवरी दौरा रक्षा और अंतरिक्ष सौदों को अंतिम रूप देने का अवसर हो सकता है — पर इसके लिए दोनों पक्षों को राजनयिक उत्साह से आगे बढ़कर व्यावहारिक एजेंडा तय करना होगा।
RashtraPress
5 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंदी में क्या कहा?
मैक्रों ने हिंदी में कहा — 'प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है कि आप पेरिस में हैं। भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर है।' इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी में पीएम मोदी को 'सच्चा मित्र' बताते हुए फरवरी में भारत आने की बात कही।
विवाटेक 2026 में मोदी और मैक्रों ने क्या किया?
दोनों नेताओं ने 18 जून 2026 को पेरिस में विवाटेक 2026 — यूरोप के सबसे बड़े टेक और स्टार्टअप सम्मेलन — में संयुक्त रूप से भाग लिया। पीएम मोदी ने मानव-केंद्रित AI, डिजिटल भुगतान और अंतरिक्ष तकनीक में भारत-फ्रांस सहयोग पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
मैक्रों भारत कब आएँगे?
राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने विदाई संदेश में संकेत दिया कि वे अगले फरवरी में भारत आएँगे। यह दौरा भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने का अवसर माना जा रहा है।
भारत-फ्रांस संबंध किन क्षेत्रों में मज़बूत हैं?
विदेश सचिव विक्रम मिस्री के अनुसार, भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष, रक्षा और कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में गहरा सहयोग जारी है। दोनों देशों के संबंध वैश्विक स्तर पर सबसे मज़बूत द्विपक्षीय रिश्तों में से एक माने जाते हैं।
मैक्रों का हिंदी में बोलना कूटनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है?
किसी यूरोपीय राष्ट्राध्यक्ष द्वारा हिंदी में संदेश देना कूटनीतिक शिष्टाचार में असाधारण माना जाता है। यह भारत की वैश्विक सांस्कृतिक और राजनीतिक स्वीकृति को दर्शाता है और दोनों देशों के नेतृत्व के बीच व्यक्तिगत संबंधों की गहराई को रेखांकित करता है।
राष्ट्र प्रेस
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