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मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए बोली हिंदी — 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे'

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मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए बोली हिंदी — 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे'

सारांश

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में विदाई संदेश देकर एक असाधारण कूटनीतिक संकेत दिया। नीस, एवियन और पेरिस को समेटती इस यात्रा में जी-7, वीवाटेक और द्विपक्षीय वार्ताएँ शामिल रहीं — और मैक्रों के अगले फरवरी में भारत आने के संकेत ने रिश्ते को नई गहराई दी।

मुख्य बातें

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 19 जून 2026 को एक्स पर हिंदी में वीडियो संदेश साझा कर पीएम मोदी को विदाई दी।
मैक्रों ने हिंदी में कहा — 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे' और संदेश के अंत में कहा 'मुझे उम्मीद है कि मैंने सही कहा।' पीएम मोदी की यात्रा 13 जून से शुरू हुई — नीस (भारत इनोवेट्स), एवियन (जी-7 शिखर सम्मेलन, 16-17 जून ), और पेरिस (वीवाटेक 2026, 18-19 जून )।
मैक्रों ने अगले फरवरी में भारत आने का संकेत दिया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यात्रा को भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को 'नई ऊर्जा' देने वाली बताया।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 19 जून 2026 की देर रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनापूर्ण वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदी में विदाई दी। मैक्रों ने मोदी को 'प्रिय मित्र' संबोधित करते हुए कहा, 'भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे' — और संदेश के अंत में मुस्कुराते हुए जोड़ा, 'मुझे उम्मीद है कि मैंने सही कहा।' प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में अपनी यात्रा के अंतिम चरण को सफलतापूर्वक पूरा कर नई दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं।

मैक्रों का हिंदी संदेश — शब्द-दर-शब्द

एक्स पर साझा किए गए वीडियो में राष्ट्रपति मैक्रों ने हिंदी में कहा, 'प्रिय मित्र नरेंद्र, मुझे बहुत खुशी है कि आप नीस, एवियन या पेरिस में हैं। आपका यहाँ स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे।' इसके बाद उन्होंने अंग्रेज़ी में भावनापूर्ण शब्द जोड़े: 'मेरे प्रिय प्रधानमंत्री, मैं आपकी दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद करना चाहता हूँ। फ्रांस आपसे प्यार करता है। मैं अगले फरवरी में आपसे मिलने आऊँगा। आप मेरे सच्चे दोस्त हैं। हम आपसे प्यार करते हैं। अपना ख्याल रखिएगा।'

गौरतलब है कि किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष द्वारा हिंदी में सार्वजनिक विदाई संदेश देना एक असाधारण कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है, जो भारत-फ्रांस संबंधों की व्यक्तिगत गर्माहट को दर्शाता है।

मोदी की फ्रांस यात्रा का पूरा कार्यक्रम

राष्ट्रपति मैक्रों के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 13 जून को फ्रांस पहुँचे थे। 13-14 जून को उन्होंने नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद 16-17 जून को एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए, जहाँ उन्होंने जी-7 नेताओं, आमंत्रित साझेदार देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श किया। एवियन में ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति से भी मुलाकात की।

यात्रा के अंतिम चरण में 18 जून को पीएम मोदी पेरिस पहुँचे, जहाँ उन्होंने यूरोप के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन 'वीवाटेक 2026' शिखर सम्मेलन को संबोधित किया, कई शीर्ष सीईओ से मुलाकात की और भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

पीएम मोदी की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर लिखा, 'मैं अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, फ्रांस सरकार और फ्रांस की जनता की ओर से दिए गए स्नेह और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए विशेष रूप से आभारी हूँ। आने वाले समय में भारत-फ्रांस की दोस्ती और भी मजबूत होगी।' उन्होंने यात्रा को 'बातचीत और नतीजों के लिहाज़ से बहुत अहम' बताया।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई गति

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने वाली रही। उनके अनुसार इस यात्रा ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की प्रतिबद्धता को मजबूत किया और द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और फ्रांस रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपनी साझेदारी को व्यापक आधार देने की दिशा में काम कर रहे हैं। मैक्रों का अगले फरवरी में भारत दौरे का संकेत इस संबंध की निरंतरता की पुष्टि करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी सौदों को मज़बूत करने के लिए अपनाता रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप भारत को एक अपरिहार्य वैश्विक साझेदार के रूप में देख रहा है और अमेरिका-चीन तनाव के बीच नई दिल्ली की रणनीतिक स्वायत्तता का मूल्य बढ़ा है। मैक्रों का अगले फरवरी में भारत आने का संकेत संकेत देता है कि यह संबंध अगले ठोस समझौतों की ओर बढ़ रहा है — और असली परीक्षा यह होगी कि वे समझौते कितनी जल्दी ज़मीन पर उतरते हैं।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मैक्रों ने पीएम मोदी के लिए हिंदी में क्या कहा?
राष्ट्रपति मैक्रों ने एक्स पर वीडियो संदेश में हिंदी में कहा — 'प्रिय मित्र नरेंद्र, भारत और फ्रांस की दोस्ती अमर रहे' और अंत में जोड़ा 'मुझे उम्मीद है कि मैंने सही कहा।' उन्होंने मोदी को 'सच्चा दोस्त' बताया और अगले फरवरी में भारत आने का भी संकेत दिया।
पीएम मोदी की फ्रांस यात्रा में क्या-क्या हुआ?
पीएम मोदी 13 जून को फ्रांस पहुँचे और नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम, एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन (16-17 जून) और पेरिस में 'वीवाटेक 2026' तथा भारतीय समुदाय कार्यक्रम (18-19 जून) में भाग लिया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति सहित कई वैश्विक नेताओं और शीर्ष सीईओ से भी मुलाकात की।
भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का क्या महत्व है?
यह साझेदारी रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को कवर करती है। विदेश मंत्रालय के अनुसार मोदी की इस यात्रा ने इस साझेदारी को नई ऊर्जा दी और द्विपक्षीय सहयोग की प्रतिबद्धता को और गहरा किया।
मैक्रों अगली बार भारत कब आएँगे?
राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने विदाई संदेश में संकेत दिया कि वे अगले फरवरी में पीएम मोदी से मिलने भारत आएँगे। इसकी आधिकारिक पुष्टि और कार्यक्रम की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
वीवाटेक 2026 में पीएम मोदी की भागीदारी क्यों अहम थी?
वीवाटेक यूरोप का सबसे बड़ा प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप आयोजन है। पीएम मोदी का इसमें संबोधन भारत को एक वैश्विक तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में प्रस्तुत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण था, और इसने भारतीय स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को यूरोपीय निवेशकों के सामने उजागर किया।
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