इबोला से लड़ते केन्या को भारत का साथ: 6,000 पीपीई किट भेजे, उच्चायोग ने एकजुटता जताई
सारांश
मुख्य बातें
नैरोबी में इबोला वायरस रोग (EVD) के एक आयातित मामले की पुष्टि के बाद भारत ने केन्या के साथ पूर्ण एकजुटता का प्रदर्शन किया है और तत्काल राहत के रूप में 6,000 पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (पीपीई) किट उपलब्ध कराई हैं। 8 अक्टूबर 2026 को केन्या में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना आधिकारिक बयान जारी कर सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्य घटनाक्रम
केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि यह मामला कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) से आए एक यात्री से जुड़ा था, जिसकी 6 अक्टूबर 2026 को मृत्यु हो गई। यह केन्या में दर्ज इबोला का एक आयातित मामला है और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार इससे देश में व्यापक सामुदायिक संक्रमण फैलने का कोई प्रमाण अभी तक सामने नहीं आया है।
भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'इबोला वायरस रोग से मुकाबले के लिए भारत केन्या के साथ एकजुटता से खड़ा है। हम केन्या की सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों और प्रतिक्रिया प्रणाली को समर्थन देने तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में दोनों देशों की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
केन्या की प्रतिक्रिया और तैयारी
केन्या के स्वास्थ्य कैबिनेट सचिव एडेन डुआले ने राजनयिक समुदाय, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और विकास साझेदारों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान बताया कि राष्ट्रीय घटना प्रबंधन प्रणाली (National Incident Management System) मई 2026 से सक्रिय है। राष्ट्रीय और काउंटी स्तर की आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्थाएं हाई अलर्ट पर हैं।
डुआले ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्रतिक्रिया 'सत्यापित महामारी विज्ञान संबंधी जानकारी, वैज्ञानिक तथ्यों और स्थापित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल' पर आधारित है। केन्या के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 'आयातित इबोला मामले की पुष्टि के बावजूद केन्या सुरक्षित, खुला और सतर्क बना हुआ है।'
ज़मीनी स्तर पर स्वास्थ्य तंत्र
अब तक 4,971 स्वास्थ्यकर्मियों को इबोला की रोकथाम और प्रतिक्रिया संबंधी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। देश के 15 प्रवेश बिंदुओं पर स्वास्थ्य जांच जारी है, जहां 6.52 लाख से अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग हो चुकी है।
स्वास्थ्य केंद्रों और समुदायों में निगरानी बढ़ाई गई है और संभावित खतरों की जांच के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (Rapid Response Teams) तैनात हैं। संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण सामग्री की उपलब्धता भी बढ़ाई गई है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग
पीपीई आपूर्ति के मोर्चे पर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 1,000 पीपीई सेट दान किए हैं, जबकि भारत सरकार ने 6,000 पीपीई किट उपलब्ध कराई हैं। इसके अलावा अमेरिका, IGAD (Intergovernmental Authority on Development), अफ्रीका CDC और अन्य विकास साझेदार भी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब DRC में इबोला प्रकोप की पृष्ठभूमि में पूर्वी अफ्रीका के कई देश सतर्कता की मुद्रा में हैं। भारत-अफ्रीका स्वास्थ्य सहयोग का यह कदम द्विपक्षीय संबंधों को नई गहराई देता है।
क्या होगा आगे
केन्या के स्वास्थ्य अधिकारियों ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में निगरानी और संपर्क-ट्रेसिंग गतिविधियाँ और तेज़ की जाएंगी। भारत ने सार्वजनिक स्वास्थ्य तैयारियों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है, जो दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र की दीर्घकालिक साझेदारी का हिस्सा है।