केन्या में बुंडिबुग्यो इबोला का पहला मामला: नैरोबी में मरीज की मौत, 28 संपर्कों की पहचान
सारांश
मुख्य बातें
केन्या ने 6 अक्टूबर 2026 को नैरोबी में बुंडिबुग्यो इबोला वायरस डिजीज (ईवीडी) के देश के पहले आयातित मामले की आधिकारिक पुष्टि की। संक्रमित केन्याई नागरिक की नैरोबी अस्पताल में सोमवार रात मौत हो गई थी। केन्या के स्वास्थ्य कैबिनेट सचिव एडेन डुआले ने एक आधिकारिक बयान में पूरी जानकारी साझा करते हुए नागरिकों से शांत रहने की अपील की।
मरीज की यात्रा और संक्रमण का मार्ग
मृतक पिछले सात वर्षों से कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में रह रहा था और करीब एक महीने पहले बीमार पड़ा था। डीआरसी में रहते हुए उसने कई अस्पतालों में इलाज कराया। इसके बाद वह सड़क मार्ग से युगांडा की राजधानी कंपाला पहुँचा।
कंपाला से उसने जाम्बोजेट उड़ान संख्या 8523 से यात्रा की और 3 अक्टूबर 2026 को नैरोबी पहुँचा। एक रिश्तेदार उसे सीधे जोमो केन्याटा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से नैरोबी अस्पताल ले गया, जहाँ उसे तत्काल आइसोलेशन सुविधा में रखा गया।
मरीज में लक्षण और पुष्टि की प्रक्रिया
मरीज में बुखार, ठंड लगना, अत्यधिक थकान और कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, निगलने में तकलीफ, गले में खराश और इंजेक्शन लगाए जाने वाली जगहों पर त्वचा के नीचे रक्तस्राव जैसे गंभीर लक्षण थे। डुआले के अनुसार, मरीज की स्थिति और डीआरसी की यात्रा के इतिहास को देखते हुए डॉक्टर ने वायरल हेमरेजिक फीवर की आशंका जताई और जाँच के लिए नमूना लिया।
नेशनल वायरोलॉजी रेफरेंस लैबोरेटरी और केन्या मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (केईएमआरआई) — दोनों प्रयोगशालाओं में नमूना बुंडिबुग्यो इबोला वायरस डिजीज के लिए पॉजिटिव पाया गया। सोमवार रात उपचार के बावजूद मरीज की मृत्यु हो गई। मृतक का सुरक्षित और सम्मानजनक अंतिम संस्कार सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुरूप मंगलवार को किए जाने की योजना थी।
संपर्क ट्रेसिंग और क्वारंटीन उपाय
स्वास्थ्य अधिकारियों ने मृतक के संपर्क में आए 28 लोगों की पहचान की है, जिनमें परिवार के सदस्य और इलाज करने वाले स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा, उसी उड़ान में सवार 23 अन्य यात्रियों और चालक दल के 4 सदस्यों का भी पता लगाया जा रहा है। जोखिम में आए सभी लोगों के लिए क्वारंटीन की व्यवस्था की जा रही है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मई 2026 से डीआरसी के इटुरी प्रांत में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन का प्रकोप सक्रिय है। केन्या ने उस समय से ही सतर्कता का उच्च स्तर बनाए रखा था, फिर भी यह मामला सामने आया — जो सीमापार संक्रमण नियंत्रण की जटिलता को रेखांकित करता है।
सरकार की सलाह और हेल्पलाइन
स्वास्थ्य कैबिनेट सचिव डुआले ने नागरिकों से घबराने से बचने और बार-बार हाथ धोने या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करने की सलाह दी। उन्होंने उन देशों से आने वाले बीमार लोगों के निकट संपर्क से बचने की भी अपील की जहाँ इबोला का सक्रिय संक्रमण है।
केन्या स्वास्थ्य मंत्रालय ने जनता के सवालों के जवाब के लिए एक टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की है और स्थिति से जुड़ी नई जानकारी नियमित रूप से साझा करने का आश्वासन दिया है। आने वाले दिनों में संपर्क ट्रेसिंग के परिणाम और क्वारंटीन किए गए लोगों की स्वास्थ्य स्थिति इस प्रकोप की दिशा तय करेगी।