इबोला संकट: अमेरिका केन्या में बनाएगा 250 बेड का क्वारंटीन सेंटर, DRC में 1,077 संदिग्ध मामले
सारांश
मुख्य बातें
ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी सेना को निर्देश दिए हैं कि वह एक सप्ताह के भीतर केन्या के मध्य हिस्से में एक क्वारंटीन सुविधा तैयार करे, जहाँ इबोला वायरस के संपर्क में आए अमेरिकी नागरिकों को रखा जाएगा। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय संक्रमित या संदिग्ध नागरिकों को सीधे अमेरिका लाने की बजाय अफ्रीका में ही निगरानी और उपचार देने की नई रणनीति का हिस्सा है।
क्वारंटीन सेंटर की योजना
रिपोर्टों के अनुसार, प्रारंभिक चरण में 50 बेड की सुविधा तैयार की जाएगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर 250 बेड तक विस्तारित किया जा सकता है। इन नागरिकों को अमेरिका से लाई गई बायो-कंटेनमेंट यूनिट्स में सुरक्षित रखा जाएगा। अमेरिकी पब्लिक हेल्थ सर्विस के सदस्य मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में इस सुविधा में काम करने के लिए प्रशिक्षण शुरू कर चुके हैं।
पहले से लिए गए कदम
इसी महीने अमेरिका ने एक अमेरिकी डॉक्टर — जिनमें इबोला जैसे लक्षण दिखे थे — को उपचार के लिए जर्मनी भेजा था। इसके अलावा छह अन्य अमेरिकी नागरिकों को निगरानी के लिए जर्मनी और चेक गणराज्य भेजा गया। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने पहले ही डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC), युगांडा और दक्षिण सूडान से पिछले 21 दिनों में लौटे विदेशी नागरिकों के अमेरिका प्रवेश पर 30 दिनों की रोक लगाई है। पिछले सप्ताह यह प्रतिबंध ग्रीन कार्ड धारकों यानी स्थायी निवासियों पर भी लागू कर दिया गया।
DRC में इबोला का मौजूदा हाल
DRC के स्वास्थ्य मंत्रालय की 28 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार, देश में संदिग्ध इबोला मामलों की संख्या 1,077 तक पहुँच गई है। 15 मई को इस प्रकोप की आधिकारिक घोषणा के बाद से अब तक 121 मामलों की प्रयोगशाला द्वारा पुष्टि हुई है और 238 संदिग्ध मौतें दर्ज की गई हैं। संक्रमण इटुरी, नॉर्थ किवु और साउथ किवु प्रांतों के 13 हेल्थ जोन में फैल चुका है, जिसमें इटुरी सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र बना हुआ है।
वायरस का दुर्लभ स्ट्रेन
गौरतलब है कि यह DRC में इबोला का 17वाँ प्रकोप है। प्रयोगशाला जाँच में वायरस का बंडिबुग्यो स्ट्रेन पाया गया है, जो इबोला का अपेक्षाकृत दुर्लभ प्रकार माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्ट्रेन पहले भी सीमित प्रकोपों में देखा गया है, लेकिन इसकी व्यापक महामारी-विज्ञान संबंधी विशेषताएँ अभी पूरी तरह ज्ञात नहीं हैं।
आगे क्या होगा
केन्या में क्वारंटीन सेंटर की स्थापना अमेरिका की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसमें संक्रमण के जोखिम को घरेलू धरती से दूर रखने को प्राथमिकता दी जा रही है। DRC में संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियाँ स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुई हैं।