इबोला को अमेरिका से दूर रखने के लिए ट्रंप प्रशासन सक्रिय, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 28 मई 2026 को स्पष्ट किया कि ट्रंप प्रशासन इबोला वायरस के मामलों को अमेरिका में प्रवेश करने से रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रहा है। अफ्रीका के कुछ हिस्सों — विशेषकर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो (DRC) — में इबोला के बढ़ते मामलों के बीच यह बयान आया है।
कैबिनेट बैठक में उठा मुद्दा
व्हाइट हाउस में बुधवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान रुबियो ने इबोला की रोकथाम को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में गिनाया। उन्होंने कहा, 'हम किसी भी हालत में इबोला के मामलों को अमेरिका में आने नहीं देंगे।' गौरतलब है कि यह बैठक मुख्यतः ईरान, इमिग्रेशन, ऊर्जा नीति, रक्षा खर्च और सरकारी धोखाधड़ी की जाँच जैसे विषयों पर केंद्रित थी; राष्ट्रपति ट्रंप ने स्वयं इबोला पर विस्तार से टिप्पणी नहीं की।
बहु-एजेंसी समन्वय
रुबियो ने बताया कि विदेश विभाग, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (CDC), स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग (HHS) और कई अन्य एजेंसियाँ मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'हमने वहाँ मदद और संसाधन बढ़ा दिए हैं, ताकि बीमारी को वहीं नियंत्रित किया जा सके।' इसके साथ ही अमेरिकी एजेंसियाँ यात्रियों और सीमाओं पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
कांगो में इबोला की पृष्ठभूमि
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो में पिछले कई वर्षों में इबोला के अनेक प्रकोप हो चुके हैं, जिन पर स्थानीय सरकार, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और साझेदार देशों ने संयुक्त प्रतिक्रिया दी है। इबोला एक अत्यंत संक्रामक वायरल बीमारी है जो संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थों के सीधे संपर्क से फैलती है और गंभीर मामलों में इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्वास्थ्य समुदाय DRC में नए प्रकोपों को लेकर चिंतित है।
इमिग्रेशन नीति से जुड़ाव
रुबियो ने यह भी बताया कि अमेरिका ने 20 देशों के साथ ऐसे समझौते किए हैं जिनके तहत वे देश अमेरिका से निकाले गए लोगों को वापस स्वीकार करेंगे। प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा को विदेश नीति से जोड़ते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा हर नीतिगत फैसले के केंद्र में है।
आगे क्या
रुबियो के अनुसार, प्रशासन का ध्यान अभी DRC और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमण की कड़ी तोड़ने पर है, ताकि वायरस को अमेरिकी सीमाओं तक पहुँचने का मौका ही न मिले। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा निगरानी और स्रोत-स्थल पर नियंत्रण — दोनों एक साथ जरूरी हैं।