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यूएस ट्रेजरी में भारत की होल्डिंग $219.7 अरब के पार, चीन की हिस्सेदारी 12 महीनों में $109 अरब घटी

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यूएस ट्रेजरी में भारत की होल्डिंग $219.7 अरब के पार, चीन की हिस्सेदारी 12 महीनों में $109 अरब घटी

सारांश

अमेरिकी ट्रेजरी के ताज़ा TIC आँकड़े दो एशियाई दिग्गजों की परस्पर विपरीत दिशाओं को उजागर करते हैं — भारत लगातार तीसरे महीने $219.7 अरब तक चढ़ा, तो चीन एक साल में $109 अरब की कटौती कर $590.7 अरब पर आ गया। दोनों के बीच का अंतर अब घटकर $371 अरब रह गया है।

मुख्य बातें

भारत की यूएस ट्रेजरी होल्डिंग अगस्त 2026 में बढ़कर $219.7 अरब डॉलर हुई — लगातार तीसरे महीने वृद्धि।
चीन की होल्डिंग जुलाई के $618 अरब से घटकर $590.7 अरब डॉलर ; पिछले 12 महीनों में कुल $109 अरब की कटौती।
भारत और चीन की होल्डिंग्स के बीच अंतर एक वर्ष में $480 अरब से घटकर $371 अरब डॉलर रह गया।
वैश्विक रैंकिंग में भारत 14वें स्थान पर; जापान ($1,068.3 अरब) सबसे बड़ा धारक।
अगली TIC रिपोर्ट (सितंबर के आँकड़े) 18 नवंबर को जारी होगी।

ट्रेजरी इंटरनेशनल कैपिटल (TIC) के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत की अमेरिकी ट्रेजरी होल्डिंग्स बढ़कर $219.7 अरब डॉलर हो गई हैं — जो लगातार तीसरे महीने की वृद्धि है। इसी अवधि में चीन की होल्डिंग्स $618 अरब डॉलर से घटकर $590.7 अरब डॉलर रह गई हैं, जो पिछले एक वर्ष में $109 अरब डॉलर की कुल कटौती को दर्शाता है।

भारत की होल्डिंग्स में तेज़ उछाल

जुलाई में $202.6 अरब डॉलर रही भारत की होल्डिंग्स अगस्त में एक ही महीने में लगभग $17 अरब डॉलर की छलाँग लगाकर $219.7 अरब डॉलर पर पहुँच गई। गौरतलब है कि इस साल अप्रैल में यह घटकर $181 अरब डॉलर के निचले स्तर पर आ गई थीं। उसके बाद से — मई में $181.3 अरब, जून में $186.4 अरब, जुलाई में $202.6 अरब और अगस्त में $219.7 अरब — लगातार सुधार दर्ज हुआ है। आँकड़ों के अनुसार, भारत की होल्डिंग्स अब लगभग उसी स्तर पर वापस आ गई हैं, जहाँ एक साल पहले थीं।

चीन की होल्डिंग्स में लगातार गिरावट

TIC रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2025 में चीन की होल्डिंग्स $699.7 अरब डॉलर थीं, जो अब घटकर $590.7 अरब डॉलर रह गई हैं। बारह महीनों में $109 अरब डॉलर की यह कटौती अमेरिकी सरकारी प्रतिभूतियों से चीन के क्रमिक विमुखीकरण की प्रवृत्ति की पुष्टि करती है, जिसे विश्लेषक वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों और डॉलर-केंद्रित परिसंपत्तियों के पुनर्संतुलन से जोड़ते हैं।

दोनों एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के बीच का अंतर

भारत और चीन की होल्डिंग्स के बीच का अंतर, जो एक वर्ष पहले लगभग $480 अरब डॉलर था, अब घटकर लगभग $371 अरब डॉलर रह गया है। यह अंतर का सिकुड़ना दोनों देशों की परस्पर विपरीत निवेश रणनीतियों का स्पष्ट प्रतिबिंब है।

वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति

अमेरिकी ट्रेजरी की प्रमुख विदेशी धारकों की सूची में भारत फिलहाल 14वें स्थान पर है। हाँगकाँग ($261.5 अरब डॉलर) भारत से आगे है, जबकि नॉर्वे ($214 अरब डॉलर) भारत के ठीक पीछे है। सूची में सबसे ऊपर जापान $1,068.3 अरब डॉलर के साथ पहले स्थान पर है, हालाँकि जुलाई की तुलना में इसकी होल्डिंग भी घटी है। यूनाइटेड किंगडम $1,009.5 अरब डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके बाद बेल्जियम ($490.5 अरब), कनाडा ($464.6 अरब), केमैन आइलैंड्स ($463 अरब) और लक्ज़मबर्ग ($448.2 अरब) का स्थान है।

समग्र TIC प्रवाह और अगली रिपोर्ट

अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, अगस्त में कुल नेट TIC इनफ्लो $199.8 अरब डॉलर रहा। विदेशी निवेशकों ने दीर्घकालिक अमेरिकी प्रतिभूतियों में शुद्ध $300.7 अरब डॉलर की खरीदारी की, जबकि ट्रेजरी बिलों में होल्डिंग्स $47.8 अरब डॉलर कम हुई। अगली TIC रिपोर्ट — जो सितंबर के आँकड़ों को कवर करेगी — 18 नवंबर को जारी होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत का 14वाँ स्थान और चीन से $371 अरब का अंतर यह भी बताता है कि यह यात्रा अभी लंबी है। असली सवाल यह है कि क्या भारत की यह बढ़ती होल्डिंग एक दीर्घकालिक रणनीतिक निर्णय है, या फिर विदेशी मुद्रा भंडार प्रबंधन की सामान्य चक्रीय प्रक्रिया — यह TIC के अगले कुछ आँकड़े स्पष्ट करेंगे।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अगस्त 2026 में यूएस ट्रेजरी में भारत की होल्डिंग कितनी है?
TIC रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में भारत की यूएस ट्रेजरी होल्डिंग $219.7 अरब डॉलर है। यह जुलाई के $202.6 अरब से लगभग $17 अरब अधिक है और लगातार तीसरे महीने की वृद्धि को दर्शाता है।
चीन की यूएस ट्रेजरी होल्डिंग में कितनी गिरावट आई है?
अगस्त 2026 में चीन की होल्डिंग जुलाई के $618 अरब से घटकर $590.7 अरब डॉलर रह गई। एक साल पहले अगस्त 2025 में यह $699.7 अरब थी, यानी 12 महीनों में कुल $109 अरब की कटौती हुई है।
वैश्विक यूएस ट्रेजरी धारकों की सूची में भारत कहाँ है?
भारत अमेरिकी ट्रेजरी के प्रमुख विदेशी धारकों की सूची में 14वें स्थान पर है। इस सूची में जापान ($1,068.3 अरब) पहले और यूके ($1,009.5 अरब) दूसरे स्थान पर हैं, जबकि हाँगकाँग ($261.5 अरब) भारत से आगे और नॉर्वे ($214 अरब) भारत के ठीक पीछे है।
भारत और चीन की ट्रेजरी होल्डिंग के बीच का अंतर कितना बदला?
एक वर्ष पहले दोनों देशों की होल्डिंग्स के बीच का अंतर लगभग $480 अरब डॉलर था, जो अब घटकर लगभग $371 अरब डॉलर रह गया है। यह बदलाव भारत की बढ़ती और चीन की घटती होल्डिंग का सम्मिलित परिणाम है।
अगली TIC रिपोर्ट कब जारी होगी?
अमेरिकी ट्रेजरी के अनुसार, सितंबर के आँकड़ों को कवर करने वाली अगली TIC रिपोर्ट 18 नवंबर को जारी की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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