पिया दांडिया ने फ्लोरिडा डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीती, 3 नवंबर को रिपब्लिकन केसी अस्कर से होगा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मूल की शिक्षिका और सामाजिक कार्यकर्ता पिया दांडिया ने 19 अगस्त को फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत लिया। उन्होंने वकील कैसिया अर्ली को 61.3 फीसदी वोटों से हराकर यह जीत दर्ज की। अब 3 नवंबर को होने वाले आम चुनाव में उनका सीधा मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर से होगा।
सीट का महत्व और राजनीतिक पृष्ठभूमि
फ्लोरिडा का यह 22वाँ कांग्रेसनल जिला — जिसमें ब्रॉवर्ड, पाम बीच, हेंड्री और कोलियर काउंटी के कुछ हिस्से आते हैं — अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत तय करने वाली प्रमुख सीटों में से एक मानी जा रही है। यह सीट तब खाली हुई जब डेमोक्रेट सांसद लोइस फ्रेंकल ने पड़ोसी 23वें जिले से चुनाव लड़ने का फैसला किया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार यह सीट फिलहाल रिपब्लिकन की ओर झुकी हुई है। 2024 में डोनाल्ड ट्रंप ने इस जिले में 54.6 फीसदी वोट हासिल किए थे, जबकि उससे चार साल पहले जो बाइडेन को 51 फीसदी वोट मिले थे। दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने इसे प्राथमिकता वाली सीटों की सूची में रखा है।
पिया दांडिया: शिक्षा से राजनीति तक का सफर
दांडिया का जन्म और परवरिश फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुई। उनके माता-पिता भारत से हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक शिक्षिका के रूप में की और मात्र 28 वर्ष की आयु में हार्लेम में एक हाईस्कूल की स्थापना कर देश की सबसे कम उम्र की प्रिंसिपल्स में से एक बनीं।
उस स्कूल के 86 फीसदी छात्र गरीब परिवारों से थे, फिर भी हर छात्र को कॉलेज में दाखिला मिला — यह उपलब्धि उनकी पहचान बन गई। इसके बाद दांडिया व्हाइट हाउस फेलो के रूप में डोमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल और शिक्षा विभाग में कार्यरत रहीं। बाद में उन्होंने एप्पल में शिक्षा, स्वास्थ्य और राज्य सरकार से जुड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं का नेतृत्व किया।
जीत पर दांडिया का बयान और चुनावी एजेंडा
जीत के बाद दांडिया ने कहा, 'मैं बहुत खुश और सम्मानित महसूस कर रही हूँ कि मुझे अपने गृह राज्य फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार चुना गया। वोटर्स, वॉलंटियर्स और जिन्होंने महीनों से हमारे अभियान पर भरोसा किया, उन सभी का दिल से धन्यवाद।' उन्होंने कहा कि अब अभियान का अगला अध्याय शुरू होगा और वे मेहनतकश परिवारों के लिए खड़ी होंगी।
दांडिया का चुनावी एजेंडा घरेलू खर्च में कमी, सभी बच्चों के लिए प्री-किंडरगार्टन, पब्लिक स्कूलों को मज़बूत करना, वोकेशनल ट्रेनिंग बढ़ाना और सोशल सिक्योरिटी, मेडिकेयर व प्रजनन अधिकारों की रक्षा करने पर केंद्रित है।
रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर
रिपब्लिकन प्राइमरी में कारोबारी और मरीन वेटरन केसी अस्कर ने 24 फीसदी वोटों के साथ जीत दर्ज की। सात उम्मीदवारों की इस दौड़ में क्रिप्टोकरेंसी कारोबारी माइकल कार्बोनारा को 20.6 फीसदी और यूनिवर्सिटी प्रशासक बेलिंडा कैसर को 20.2 फीसदी वोट मिले।
डीएनसी की प्रतिक्रिया और ऐतिहासिक संभावना
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) के अध्यक्ष केन मार्टिन ने दांडिया को बधाई देते हुए कहा, 'एक शिक्षिका और समुदाय की लंबे समय से नेता के रूप में पिया ने अवसर बढ़ाने और मेहनतकश परिवारों के लिए लड़ने का काम किया है। डीएनसी पिया को जिताने, यह सीट पलटने और नवंबर में हाउस में बहुमत वापस लाने के लिए तैयार है।'
यदि दांडिया 3 नवंबर को आम चुनाव में जीत हासिल करती हैं, तो वे फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस में पहुँचने वाली पहली साउथ एशियन अमेरिकी बन जाएँगी — एक ऐसी उपलब्धि जो भारतीय-अमेरिकी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की दिशा में एक नया अध्याय खोलेगी।