14 जुलाई 2026
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माकपा राजनीतिक रूप से दिवालिया, भाजपा जीतेगी उसकी सभी 10 विधानसभा सीटें: मुख्यमंत्री माणिक साहा

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माकपा राजनीतिक रूप से दिवालिया, भाजपा जीतेगी उसकी सभी 10 विधानसभा सीटें: मुख्यमंत्री माणिक साहा

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला में BJP के नए प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय के स्वागत समारोह में सीपीआई(एम) को 'राजनीतिक रूप से दिवालिया' करार दिया और दावा किया कि BJP उसकी विधानसभा की सभी 10 सीटें जीत लेगी — 2028 चुनाव से पहले BJP का आक्रामक संगठनात्मक संदेश।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 29 मई 2026 को अगरतला में सीपीआई(एम) को 'राजनीतिक रूप से दिवालिया' बताया।
साहा का दावा — BJP आने वाले समय में विधानसभा में सीपीआई(एम) की शेष सभी 10 सीटें जीत लेगी।
कार्यक्रम त्रिपुरा BJP के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय के स्वागत समारोह में आयोजित हुआ।
साहा ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) के शासनकाल में पनपे मादक पदार्थ तस्करी माफिया अब BJP सरकार में जेल में हैं।
नीति आयोग ने त्रिपुरा को 'फ्रंट-रनर' राज्य घोषित किया; GSDP और प्रति व्यक्ति आय में पूर्वोत्तर में दूसरा स्थान ।
2028 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर पर संगठन मज़बूत करने का आह्वान।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 29 मई 2026 को अगरतला में आयोजित एक कार्यक्रम में दावा किया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — राजनीतिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आने वाले समय में विधानसभा में उसकी शेष सभी 10 सीटें भी छीन लेगी। यह बयान त्रिपुरा BJP के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय के स्वागत समारोह में दिया गया।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री साहा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में BJP को संगठनात्मक और बूथ स्तर पर और मज़बूत बनाने की ज़रूरत है, ताकि पार्टी का जनाधार निरंतर बढ़ता रहे। उन्होंने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव और उससे आगे भी BJP की सरकार बनाए रखने के लिए ज़मीनी स्तर पर काम करना अनिवार्य है। उनके अनुसार, अनुशासन और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना ही संगठन की असली ताकत है।

सीपीआई(एम) पर हमला

साहा ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) विधानसभा में अपने शासनकाल को 'स्वर्णिम युग' बताती है, जबकि उसी दौर में राज्य में मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क फले-फूले। उन्होंने दावा किया कि BJP सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई तस्करी माफिया अब सलाखों के पीछे हैं। साहा ने यह भी कहा कि लोगों को गुमराह करना और झूठ फैलाना उस पार्टी की राजनीति का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

सोशल मीडिया प्रचार पर चेतावनी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व सोशल मीडिया और यूट्यूब के ज़रिये भ्रामक प्रचार कर BJP को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने कहा कि BJP, कांग्रेस या तृणमूल कांग्रेस (TMC) जैसी पार्टी नहीं है और ऐसे प्रयासों से उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा।

त्रिपुरा की प्रगति और उपलब्धियाँ

साहा ने BJP नीत सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी त्रिपुरा में हुए सुधारों से संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय के मामले में त्रिपुरा पूर्वोत्तर में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नीति आयोग ने त्रिपुरा को 'फ्रंट-रनर' राज्य घोषित किया है और राज्य देश का तीसरा सबसे साक्षर राज्य बन चुका है। इसके अतिरिक्त, MBBS और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई गई है तथा एक नया डेंटल कॉलेज भी स्थापित किया गया है।

आगे की राह

नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय से साहा ने ज़मीनी स्तर पर काम करने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब 2028 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं और BJP अपनी संगठनात्मक पकड़ को और गहरा करने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि आंतरिक गुटबाज़ी और सत्ता-विरोधी लहर है, जिसे नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति से संबोधित करने की कोशिश हो रही है। GSDP और साक्षरता के आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन बेरोज़गारी और आदिवासी क्षेत्रों में विकास की गति पर सवाल बने हुए हैं — जो मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माणिक साहा ने सीपीआई(एम) को 'राजनीतिक रूप से दिवालिया' क्यों कहा?
साहा ने दावा किया कि त्रिपुरा की जनता कांग्रेस और सीपीआई(एम) दोनों की सरकारें देख चुकी है और अब वामपंथी दलों का असली चेहरा सामने आ चुका है। उनके अनुसार, देशभर में सीपीआई(एम) का प्रभाव घटा है और त्रिपुरा में भी उसे पूरी तरह पराजित किया जाना ज़रूरी है।
त्रिपुरा विधानसभा में अभी सीपीआई(एम) की कितनी सीटें हैं?
मुख्यमंत्री साहा के बयान के अनुसार, वर्तमान में त्रिपुरा विधानसभा में सीपीआई(एम) के पास 10 सीटें हैं। साहा ने दावा किया कि BJP इन सभी 10 सीटों को भी आने वाले चुनाव में जीत लेगी।
अभिषेक देबरॉय कौन हैं और उन्हें त्रिपुरा BJP का अध्यक्ष क्यों बनाया गया?
अभिषेक देबरॉय को हाल ही में त्रिपुरा BJP का नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। उनके स्वागत समारोह में ही मुख्यमंत्री साहा ने उनसे ज़मीनी स्तर पर काम करने और 2028 चुनाव की तैयारी शुरू करने का आह्वान किया।
नीति आयोग ने त्रिपुरा को 'फ्रंट-रनर' राज्य क्यों घोषित किया?
साहा के अनुसार, त्रिपुरा ने GSDP और प्रति व्यक्ति आय में पूर्वोत्तर में दूसरा स्थान हासिल किया है और देश का तीसरा सबसे साक्षर राज्य बना है। इन्हीं उपलब्धियों के आधार पर नीति आयोग ने राज्य को 'फ्रंट-रनर' का दर्जा दिया है।
त्रिपुरा में अगला विधानसभा चुनाव कब होगा?
त्रिपुरा में अगला विधानसभा चुनाव 2028 में होने की संभावना है। मुख्यमंत्री साहा ने नए प्रदेश अध्यक्ष को अभी से बूथ स्तर पर संगठन मज़बूत करने का निर्देश दिया है, ताकि 2028 और उसके बाद भी BJP सत्ता में बनी रहे।
राष्ट्र प्रेस
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