माकपा राजनीतिक रूप से दिवालिया, भाजपा जीतेगी उसकी सभी 10 विधानसभा सीटें: मुख्यमंत्री माणिक साहा
सारांश
मुख्य बातें
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 29 मई 2026 को अगरतला में आयोजित एक कार्यक्रम में दावा किया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई(एम) — राजनीतिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) आने वाले समय में विधानसभा में उसकी शेष सभी 10 सीटें भी छीन लेगी। यह बयान त्रिपुरा BJP के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय के स्वागत समारोह में दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री साहा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में BJP को संगठनात्मक और बूथ स्तर पर और मज़बूत बनाने की ज़रूरत है, ताकि पार्टी का जनाधार निरंतर बढ़ता रहे। उन्होंने कहा कि 2028 के विधानसभा चुनाव और उससे आगे भी BJP की सरकार बनाए रखने के लिए ज़मीनी स्तर पर काम करना अनिवार्य है। उनके अनुसार, अनुशासन और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप काम करना ही संगठन की असली ताकत है।
सीपीआई(एम) पर हमला
साहा ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) विधानसभा में अपने शासनकाल को 'स्वर्णिम युग' बताती है, जबकि उसी दौर में राज्य में मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क फले-फूले। उन्होंने दावा किया कि BJP सरकार के कार्यकाल में ऐसे कई तस्करी माफिया अब सलाखों के पीछे हैं। साहा ने यह भी कहा कि लोगों को गुमराह करना और झूठ फैलाना उस पार्टी की राजनीति का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
सोशल मीडिया प्रचार पर चेतावनी
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ तत्व सोशल मीडिया और यूट्यूब के ज़रिये भ्रामक प्रचार कर BJP को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, उन्होंने कहा कि BJP, कांग्रेस या तृणमूल कांग्रेस (TMC) जैसी पार्टी नहीं है और ऐसे प्रयासों से उसे कोई नुकसान नहीं पहुँचेगा।
त्रिपुरा की प्रगति और उपलब्धियाँ
साहा ने BJP नीत सरकार की उपलब्धियों का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी त्रिपुरा में हुए सुधारों से संतुष्ट हैं। उनके अनुसार, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय के मामले में त्रिपुरा पूर्वोत्तर में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नीति आयोग ने त्रिपुरा को 'फ्रंट-रनर' राज्य घोषित किया है और राज्य देश का तीसरा सबसे साक्षर राज्य बन चुका है। इसके अतिरिक्त, MBBS और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ाई गई है तथा एक नया डेंटल कॉलेज भी स्थापित किया गया है।
आगे की राह
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय से साहा ने ज़मीनी स्तर पर काम करने का आह्वान किया। यह ऐसे समय में आया है जब 2028 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से शुरू हो रही हैं और BJP अपनी संगठनात्मक पकड़ को और गहरा करने में जुटी है।