त्रिपुरा CM माणिक साहा बोले: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन था अनिवार्य

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त्रिपुरा CM माणिक साहा बोले: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन था अनिवार्य

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला विजय रैली के बाद दावा किया कि पश्चिम बंगाल में BJP की जीत महज राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्यता थी। सीमा पार घुसपैठ और 50 वर्षों के कथित कुशासन को उन्होंने इस बदलाव का मूल कारण बताया।

मुख्य बातें

त्रिपुरा CM माणिक साहा ने 4 मई को अगरतला में विजय रैली के बाद मीडिया को संबोधित किया।
साहा ने कहा कि सीमा पार घुसपैठ के कारण पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अनिवार्य था।
उन्होंने वाम मोर्चा के 35 वर्षों और TMC के 15 वर्षों के शासन को 'कुशासन' करार दिया।
PM नरेंद्र मोदी को बंगाल की जनता को 'मुक्ति दिलाने' का श्रेय दिया गया।
त्रिपुरा में BJP के 8 वर्षों के शासन का उदाहरण देते हुए खान-पान की आज़ादी पर TMC के दावों को खारिज किया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 4 मई को अगरतला में कहा कि पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से एक अपरिहार्य आवश्यकता थी। उन्होंने सीमा पार से बढ़ती घुसपैठ को इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण बताया। साहा ने दावा किया कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत सुनिश्चित की है।

विजय रैली में नेताओं का जमावड़ा

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला में राज्य BJP अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर विजय रैली का नेतृत्व किया। रैली के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता की दशकों पुरानी पीड़ा का उल्लेख किया। उनके अनुसार, पहले वाम मोर्चा के 35 वर्षों के शासनकाल और फिर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षों के कार्यकाल में जनता को 'वास्तविक लोकतंत्र' से वंचित रखा गया।

घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता

साहा ने आरोप लगाया कि सीमा पार से बंगाल में हो रही घुसपैठ एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता बन चुकी थी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन आवश्यक था। उन्होंने यह भी कहा कि BJP की जीत से यह राज्य घुसपैठ का गलियारा बनना बंद होगा और शांति की वापसी होगी।

TMC पर कुशासन और अत्याचार के आरोप

मुख्यमंत्री साहा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बलपूर्वक राज्य में सत्ता हथिया ली और पिछले 15 वर्षों से जनता पर अत्याचार करती रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की जनता को 'मुक्ति दिलाने' का श्रेय दिया। साहा के अनुसार, 'डबल इंजन' शासन प्रणाली के तहत अब विकास को नई गति मिलेगी।

खान-पान की आज़ादी पर त्रिपुरा का उदाहरण

तृणमूल कांग्रेस के इस दावे का जवाब देते हुए कि BJP लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी, साहा ने त्रिपुरा का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से BJP के सत्ता में रहने के बावजूद त्रिपुरा देश में मछली की खपत के सबसे प्रमुख क्षेत्रों में से एक है। उनका कहना था कि त्रिपुरा में BJP सरकार ने कभी भी नागरिकों के खान-पान के विकल्पों में हस्तक्षेप नहीं किया।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि BJP की कथित जीत किस प्रकार राज्य की सुरक्षा नीति और सीमा प्रबंधन को प्रभावित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें कुछ गंभीर प्रश्न अनुत्तरित रहते हैं। घुसपैठ की चिंता वैध है, परंतु यह केंद्र सरकार की सीमा प्रबंधन नीति का विषय है — किसी एक राज्य सरकार के बदलने मात्र से सीमा सुरक्षा की समस्या का समाधान नहीं होता। इसके अलावा, 'डबल इंजन' शासन का दावा उन राज्यों में भी किया गया जहाँ BJP सत्ता में है, फिर भी विकास के मानकों पर परिणाम मिश्रित रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो प्रायः चूक जाती है वह यह है कि इन दावों की जवाबदेही के लिए कोई ठोस सत्यापन तंत्र प्रस्तावित नहीं किया गया।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माणिक साहा ने पश्चिम बंगाल में बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी क्यों बताया?
माणिक साहा के अनुसार, सीमा पार से बंगाल में हो रही घुसपैठ एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता बन चुकी थी, जिसे रोकने के लिए राज्य में सत्ता परिवर्तन आवश्यक था। उनका कहना था कि BJP की जीत से बंगाल घुसपैठ का गलियारा बनना बंद होगा।
माणिक साहा ने तृणमूल कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
साहा ने आरोप लगाया कि TMC ने बलपूर्वक राज्य में सत्ता हथिया ली और पिछले 15 वर्षों से जनता पर अत्याचार करती रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वाम मोर्चा के 35 वर्षों और TMC के 15 वर्षों के शासन में बंगाल की जनता को 'वास्तविक लोकतंत्र' से वंचित रखा गया।
अगरतला विजय रैली में कौन-कौन शामिल हुए?
अगरतला विजय रैली का नेतृत्व त्रिपुरा CM माणिक साहा ने किया, जिसमें राज्य BJP अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल थे।
BJP पर खान-पान में दखल देने के TMC के आरोपों का साहा ने क्या जवाब दिया?
साहा ने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि 8 वर्षों से BJP शासित इस राज्य में लोगों के खान-पान के विकल्पों में कभी हस्तक्षेप नहीं किया गया और त्रिपुरा देश में मछली की सबसे अधिक खपत करने वाले क्षेत्रों में से एक है।
'डबल इंजन' शासन से पश्चिम बंगाल को क्या फायदा होगा?
माणिक साहा के अनुसार, केंद्र और राज्य दोनों में BJP की सरकार होने से 'डबल इंजन' शासन प्रणाली के तहत विकास को नई गति मिलेगी और शांति व स्थिरता बहाल होगी। हालांकि इस दावे के लिए कोई ठोस आँकड़े या समयसीमा उन्होंने नहीं दी।
राष्ट्र प्रेस
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