सीएम माणिक साहा ने कहा: टिपरा मोथा पार्टी की हार सुनिश्चित, भाजपा की जीत आवश्यक

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सीएम माणिक साहा ने कहा: टिपरा मोथा पार्टी की हार सुनिश्चित, भाजपा की जीत आवश्यक

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टिपरा मोथा पार्टी की हार की भविष्यवाणी की है। उन्होंने भ्रष्टाचार और बांटने वाली राजनीति के आरोप लगाए हैं। 12 अप्रैल को टीटीएएडीसी चुनावों में भाजपा को जीत दिलाने का विश्वास जताया।

Key Takeaways

  • टीटीएएडीसी चुनाव 12 अप्रैल को होंगे।
  • सीएम माणिक साहा ने टिपरा मोथा पार्टी की हार की भविष्यवाणी की।
  • भ्रष्टाचार और बांटने वाली राजनीति के आरोप लगाए गए।
  • भाजपा की जीत को विकास के लिए आवश्यक बताया गया।
  • राजनीतिक माहौल में उथल-पुथल बनी हुई है।

अगरतला, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने यह स्पष्ट किया कि त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) चुनावों में टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) की हार निश्चित है। उन्होंने इस पार्टी पर हाल के समय में भ्रष्टाचार, झूठ और बांटने वाली राजनीति करने का आरोप लगाया।

चुनावी रैली के दौरान सीएम साहा ने विश्वास व्यक्त किया कि टीटीएएडीसी के लोग 12 अप्रैल को भाजपा को निर्णायक जीत दिलाकर इतिहास रचेंगे, जो उनके अनुसार आदिवासियों के विकास के लिए आवश्यक है।

साहा ने टीएमपी पर 'थांसा' के नाम पर आदिवासियों के साथ विश्वासघात करने और उन्हें ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे जातीय भावनाओं को भड़काकर राजनीति कर रहे हैं। आदिवासियों के विकास के लिए, भारतीय जनता पार्टी को भारी बहुमत से जीतना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने दक्षिण त्रिपुरा जिले के कालाछारा में 12 अप्रैल को होने वाले टीटीएएडीसी चुनावों के लिए भाजपा उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने पूर्वी मुहुरीपुर भुरतली निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा उम्मीदवार अभिजीत त्रिपुरा के समर्थन में आयोजित एक अन्य रैली में भी भाग लिया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि राज्य में राजनीति के अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने विपक्ष के नेता की आलोचना करते हुए कहा कि उनमें कथित तौर पर आरक्षित आदिवासी सीट से चुनाव लड़ने का साहस नहीं है।

विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए साहा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने उन पर राजनीतिक रूप से दिवालिया होने का आरोप लगाया था। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) त्रिपुरा राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी इस समय त्रिपुरा के नेता विपक्ष हैं।

उन्होंने कहा कि आप आरोप लगा रहे हैं कि बोक्सानगर में किसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। लेकिन अमरपुर में आपकी पार्टी का तीन-चौथाई दफ्तर सरकारी जमीन पर बना हुआ है। हालांकि, यह मामला हाई कोर्ट तक गया था, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। यहां तक कि दफ्तर को बुलडोजर से गिराने की भी मांगें उठी थीं।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और कांग्रेस, भाजपा पर टिपरा मोथा पार्टी के साथ राजनीतिक समझौता करने का आरोप लगा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हम पर मिली-भगत वाली राजनीति करने का आरोप लगाया जा रहा है। लेकिन, जब वे विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार थे, तो टिपरा मोथा ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। तो असल में मिली-भगत कौन कर रहा है? लोगों को गुमराह करने के लिए जान-बूझकर इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है।

कांग्रेस की आलोचना करते हुए साहा ने कहा कि कांग्रेस के बारे में ज्यादा बोलने का कोई मतलब नहीं है। मैं पूरी अनुशासन के साथ यह कहूंगा कि अगर कोई पार्टी सबसे ज्यादा अव्यवस्थित है, तो वह कांग्रेस ही है। वहीं दूसरी ओर, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को मजबूत बनाने का काम कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस इसे कमज़ोर करने की कोशिश कर रही है।

टिपरा मोथा की अपनी आलोचना को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पार्टी के पास कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है और यह समाज को जातीय आधार पर बांट रही है। उन्होंने कहा कि टिपरा मोथा पार्टी ‘थांसा’ का गलत इस्तेमाल करके और समुदाय को गुमराह करके जनजातीय लोगों को नुकसान पहुंचा रही है। इसके विपरीत, भाजपा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हम एकता और सामूहिक प्रगति में विश्वास रखते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए साहा ने कहा कि सरकार इस सिद्धांत पर काम कर रही है कि विकास और प्रगति में हर किसी की हिस्सेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी राज्य सरकार इसी विजन के अनुसार काम कर रही है, जिससे सभी समुदायों का समावेशी विकास और भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

30 सदस्यों वाली टीटीएएडीसी, जिसमें 28 चुने हुए प्रतिनिधि और राज्य सरकार द्वारा नामित दो सदस्य शामिल हैं, के लिए 12 अप्रैल को चुनाव होने हैं।

2021 से, भाजपा की सहयोगी पार्टी, टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी), इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण परिषद का शासन संभाल रही है। यह परिषद त्रिपुरा के 10,491 वर्ग किलोमीटर के भौगोलिक क्षेत्र के लगभग दो-तिहाई हिस्से का प्रशासन करती है।

Point of View

NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

टीटीएएडीसी चुनाव कब हो रहे हैं?
टीटीएएडीसी चुनाव 12 अप्रैल को हो रहे हैं।
सीएम माणिक साहा ने किस पार्टी पर आरोप लगाए?
सीएम माणिक साहा ने टिपरा मोथा पार्टी पर भ्रष्टाचार और बांटने वाली राजनीति का आरोप लगाया।
भाजपा की जीत क्यों आवश्यक है?
भाजपा की जीत आदिवासियों के विकास के लिए आवश्यक है, जैसा कि माणिक साहा ने कहा।
साहा ने विपक्ष के नेता पर क्या आरोप लगाया?
साहा ने विपक्ष के नेता पर चुनाव लड़ने की हिम्मत न रखने का आरोप लगाया।
क्या टिपरा मोथा पार्टी की विचारधारा स्पष्ट है?
सीएम साहा के अनुसार, टिपरा मोथा पार्टी के पास कोई स्पष्ट विचारधारा नहीं है।
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