पश्चिम बंगाल में BJP की जीत पर माणिक साहा बोले: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बदलाव था जरूरी

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पश्चिम बंगाल में BJP की जीत पर माणिक साहा बोले: राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बदलाव था जरूरी

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला विजय रैली के बाद साफ कहा — पश्चिम बंगाल में बदलाव सिर्फ राजनीतिक नहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा की माँग थी। 35 साल वाम और 15 साल TMC के कथित कुशासन के बाद BJP की जीत को उन्होंने 'मुक्ति' करार दिया और घुसपैठ के गलियारे को बंद करने का वादा दोहराया।

मुख्य बातें

त्रिपुरा CM माणिक साहा ने 4 मई को अगरतला में विजय रैली का नेतृत्व किया।
साहा ने कहा कि सीमा पार घुसपैठ पश्चिम बंगाल के लिए गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता बन चुकी थी।
TMC पर आरोप — बलपूर्वक सत्ता हथियाई और 15 वर्षों तक जनता पर अत्याचार किया।
पश्चिम बंगाल के नागरिकों को 35 साल वाम शासन और 15 साल TMC शासन में 'वास्तविक लोकतंत्र' से वंचित रखा गया: साहा।
त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए BJP ने खान-पान में दखल के TMC के आरोपों को खारिज किया — 8 वर्षों में कोई हस्तक्षेप नहीं।
PM नरेंद्र मोदी को बंगाल की जनता को 'मुक्ति दिलाने' का श्रेय दिया।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने 4 मई को अगरतला में आयोजित विजय रैली के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी अनिवार्य था। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत सुनिश्चित कर दी है और अब बंगाल में घुसपैठ का सिलसिला थमेगा।

विजय रैली और नेताओं की उपस्थिति

मुख्यमंत्री साहा ने राज्य BJP अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर अगरतला में विजय रैली का नेतृत्व किया। इस अवसर पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की जनता के संघर्ष को याद करते हुए कहा कि दशकों से वहाँ की जनता कथित कुशासन से मुक्ति चाहती रही है — पहले वाम मोर्चा के 35 वर्षों के शासनकाल में और बाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 15 वर्षों के कार्यकाल में।

घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंता

साहा ने जोर देकर कहा कि सीमा पार से बंगाल में हो रही घुसपैठ एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता बन चुकी थी। उनके अनुसार, पश्चिम बंगाल का घुसपैठियों के लिए गलियारा बनना भारत की स्थिरता के लिए खतरनाक था। उन्होंने कहा कि BJP की जीत से यह गलियारा बंद होगा और राज्य में शांति लौटेगी।

TMC पर आरोप और 'वास्तविक लोकतंत्र' की माँग

मुख्यमंत्री साहा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बलपूर्वक राज्य में सत्ता हथिया ली और पिछले 15 वर्षों से जनता पर अत्याचार करती रही। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के नागरिकों को इन पाँच दशकों में 'वास्तविक लोकतंत्र' से वंचित रखा गया था। साहा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की जनता को 'मुक्ति दिलाने' का श्रेय दिया और कहा कि डबल इंजन सरकार के तहत विकास को नई गति मिलेगी।

खान-पान की आज़ादी पर BJP का बचाव

TMC के इस दावे का खंडन करते हुए कि BJP सत्ता में आने पर लोगों की खान-पान की आदतों में दखल देगी, साहा ने त्रिपुरा का उदाहरण सामने रखा। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों से BJP के सत्ता में रहने के बावजूद त्रिपुरा देश में मछली की खपत करने वाले सबसे प्रमुख राज्यों में से एक है। उनके अनुसार, BJP सरकार ने कभी भी लोगों के खान-पान के विकल्पों में हस्तक्षेप नहीं किया।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद केंद्र-राज्य संबंधों और सीमा सुरक्षा पर नई नीतियों की उम्मीद जताई जा रही है। गौरतलब है कि त्रिपुरा की सीमा बांग्लादेश से लगती है, जिससे माणिक साहा की घुसपैठ संबंधी टिप्पणियाँ क्षेत्रीय संदर्भ में विशेष महत्व रखती हैं। BJP की जीत के बाद पश्चिम बंगाल में शासन का नया अध्याय शुरू होगा, यह देखना होगा कि वादे ज़मीन पर कितने उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश की सुरक्षा के विरुद्ध खड़ा दिखाता है। घुसपैठ की समस्या वास्तविक है और त्रिपुरा की बांग्लादेश से सटी सीमा इसे और संवेदनशील बनाती है, लेकिन इसे विशुद्ध रूप से पार्टी-विशेष की विफलता से जोड़ना एक जटिल सुरक्षा मुद्दे का अत्यधिक सरलीकरण है। TMC के 15 वर्षों पर सवाल उठाना वैध है, परंतु यह भी ध्यान देने योग्य है कि सीमा प्रबंधन केंद्र सरकार और BSF के अधिकार क्षेत्र में आता है। असली परीक्षा यह होगी कि BJP की नई सरकार घुसपैठ रोकने के लिए क्या ठोस तंत्र स्थापित करती है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माणिक साहा ने पश्चिम बंगाल में बदलाव को राष्ट्रीय सुरक्षा से क्यों जोड़ा?
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि सीमा पार से बंगाल में हो रही घुसपैठ एक गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता बन चुकी थी। उनके अनुसार, TMC शासन में यह गलियारा बंद नहीं हुआ और BJP की जीत से यह स्थिति बदलेगी।
पश्चिम बंगाल में BJP की जीत के बाद माणिक साहा ने क्या कहा?
साहा ने 4 मई को अगरतला में विजय रैली के बाद कहा कि BJP की जीत से बंगाल में शांति लौटेगी, घुसपैठ का गलियारा बंद होगा और डबल इंजन सरकार के तहत विकास को गति मिलेगी। उन्होंने PM नरेंद्र मोदी को जनता को 'मुक्ति दिलाने' का श्रेय दिया।
TMC पर माणिक साहा ने क्या आरोप लगाए?
साहा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस ने बलपूर्वक राज्य में सत्ता हथिया ली और पिछले 15 वर्षों से जनता पर अत्याचार करती रही। उन्होंने कहा कि बंगाल के नागरिकों को 35 साल वाम और 15 साल TMC शासन में 'वास्तविक लोकतंत्र' से वंचित रखा गया।
BJP खान-पान की आदतों में दखल देगी — TMC के इस दावे पर साहा का क्या जवाब था?
साहा ने त्रिपुरा का उदाहरण देते हुए इस दावे को खारिज किया। उन्होंने कहा कि पिछले 8 वर्षों से BJP सत्ता में होने के बावजूद त्रिपुरा देश में मछली की सर्वाधिक खपत वाले राज्यों में से एक है और BJP ने कभी लोगों के खान-पान के विकल्पों में हस्तक्षेप नहीं किया।
विजय रैली में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
अगरतला में आयोजित विजय रैली में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा, राज्य BJP अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे। यह रैली पश्चिम बंगाल में BJP की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।
राष्ट्र प्रेस
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