इंडोनेशिया: लोम्बोक स्ट्रेट में फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग, 1 की मौत, 106 यात्री सुरक्षित बचाए गए
सारांश
मुख्य बातें
इंडोनेशिया के वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के लोम्बोक स्ट्रेट में बुधवार, 12 अगस्त की तड़के पैसेंजर फेरी 'पुत्री यास्मिन' में भीषण आग लग गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 106 यात्रियों को बचाव दलों ने सुरक्षित निकाल लिया। माताराम सर्च एंड रेस्क्यू (एसएआर) टीम के अनुसार, बचाए गए यात्रियों को लोम्बोक के लेम्बर बंदरगाह और बाली के पदांगबाई बंदरगाह तक पहुँचाया गया।
आग कब और कैसे लगी
माताराम एसएआर कार्यालय के प्रमुख मुहम्मद हरियादी ने बताया कि सुबह 4:15 बजे आग लगने की सूचना मिली, उस समय फेरी पदांगबाई पोर्ट से लेम्बर पोर्ट की ओर अपने नियमित रूट पर जा रही थी। सुबह 4:39 बजे आपातकालीन रिपोर्ट दर्ज होते ही बचाव दल को तत्काल रवाना किया गया। आग लगने का कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है।
बचाव अभियान का विवरण
हरियादी ने बताया कि यात्रियों को निकालने के लिए केएन 220 माताराम, एक रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट (आरआईबी) और एक रिजिड बॉयेंसी बोट (आरबीबी) को घटनास्थल पर भेजा गया। बचाए गए 106 यात्रियों में से 30 को केएमपी पोर्ट लिंक के ज़रिए पदांगबाई, 59 को केएन एसएआर अर्जुन 220 से लेम्बर पोर्ट और 17 को इंडोनेशियाई नौसेना के एक जहाज़ से लेम्बर पोर्ट पहुँचाया गया।
माताराम एसएआर कार्यालय ने डेनपसार एसएआर के साथ समन्वय करते हुए काम किया। एसजीआई एयर बाली ने हवाई निगरानी और खोज अभियान के लिए एक हेलीकॉप्टर भी तैनात किया। इस पूरे ऑपरेशन में 200 से अधिक बचावकर्मी शामिल रहे।
कौन-कौन शामिल था बचाव में
बचाव अभियान में इंडोनेशियाई नौसेना, वेस्ट लोम्बोक पुलिस, वॉटर एंड एयर पुलिस (पोलाइरुड), लेम्बर पोर्ट हार्बरमास्टर, केएमपी पोर्टलिंक II, वहाँ से गुज़रने वाली यॉट और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर अहम भूमिका निभाई। बचाए गए यात्रियों में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी शामिल था, जबकि शेष सभी इंडोनेशियाई थे।
लापता यात्रियों की तलाश जारी
बचाव अभियान के समय लापता यात्रियों की तलाश भी जारी थी। यह उल्लेखनीय है कि पुत्री यास्मिन फेरी लेम्बर पोर्ट-पदांगबाई पोर्ट के बीच नियमित रूट पर चलती है, जो बाली और लोम्बोक को जोड़ने वाला एक व्यस्त समुद्री मार्ग है। इंडोनेशिया में समुद्री हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है — देश का विशाल द्वीपसमूह नेटवर्क फेरी परिवहन पर बड़े पैमाने पर निर्भर है, और समुद्री सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताएँ लंबे समय से उठती रही हैं। अधिकारियों द्वारा आग की जाँच शुरू किए जाने की उम्मीद है।