12 अगस्त 2026
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इंडोनेशिया: लोम्बोक स्ट्रेट में फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग, 1 की मौत, 106 यात्री सुरक्षित बचाए गए

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इंडोनेशिया: लोम्बोक स्ट्रेट में फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग, 1 की मौत, 106 यात्री सुरक्षित बचाए गए

सारांश

इंडोनेशिया के लोम्बोक स्ट्रेट में बुधवार तड़के पैसेंजर फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग लगने से 1 की मौत हो गई। माताराम एसएआर, नौसेना, पुलिस और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर 200 से अधिक बचावकर्मियों के साथ 106 यात्रियों को सुरक्षित निकाला। आग के कारण की जाँच जारी है।

मुख्य बातें

इंडोनेशिया के लोम्बोक स्ट्रेट में 12 अगस्त की सुबह 4:15 बजे फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग लगी।
हादसे में 1 व्यक्ति की मौत ; 106 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया।
बचाए गए यात्रियों में 1 ऑस्ट्रेलियाई और शेष इंडोनेशियाई नागरिक शामिल।
बचाव अभियान में 200 से अधिक कर्मी, नौसेना, एसएआर टीम, पुलिस और स्थानीय मछुआरे शामिल रहे।
फेरी पदांगबाई (बाली) से लेम्बर (लोम्बोक) के नियमित रूट पर जा रही थी।
लापता यात्रियों की तलाश जारी; आग के कारण की जाँच शुरू होने की उम्मीद।

इंडोनेशिया के वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के लोम्बोक स्ट्रेट में बुधवार, 12 अगस्त की तड़के पैसेंजर फेरी 'पुत्री यास्मिन' में भीषण आग लग गई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 106 यात्रियों को बचाव दलों ने सुरक्षित निकाल लिया। माताराम सर्च एंड रेस्क्यू (एसएआर) टीम के अनुसार, बचाए गए यात्रियों को लोम्बोक के लेम्बर बंदरगाह और बाली के पदांगबाई बंदरगाह तक पहुँचाया गया।

आग कब और कैसे लगी

माताराम एसएआर कार्यालय के प्रमुख मुहम्मद हरियादी ने बताया कि सुबह 4:15 बजे आग लगने की सूचना मिली, उस समय फेरी पदांगबाई पोर्ट से लेम्बर पोर्ट की ओर अपने नियमित रूट पर जा रही थी। सुबह 4:39 बजे आपातकालीन रिपोर्ट दर्ज होते ही बचाव दल को तत्काल रवाना किया गया। आग लगने का कारण अभी तक आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया गया है।

बचाव अभियान का विवरण

हरियादी ने बताया कि यात्रियों को निकालने के लिए केएन 220 माताराम, एक रिजिड इन्फ्लेटेबल बोट (आरआईबी) और एक रिजिड बॉयेंसी बोट (आरबीबी) को घटनास्थल पर भेजा गया। बचाए गए 106 यात्रियों में से 30 को केएमपी पोर्ट लिंक के ज़रिए पदांगबाई, 59 को केएन एसएआर अर्जुन 220 से लेम्बर पोर्ट और 17 को इंडोनेशियाई नौसेना के एक जहाज़ से लेम्बर पोर्ट पहुँचाया गया।

माताराम एसएआर कार्यालय ने डेनपसार एसएआर के साथ समन्वय करते हुए काम किया। एसजीआई एयर बाली ने हवाई निगरानी और खोज अभियान के लिए एक हेलीकॉप्टर भी तैनात किया। इस पूरे ऑपरेशन में 200 से अधिक बचावकर्मी शामिल रहे।

कौन-कौन शामिल था बचाव में

बचाव अभियान में इंडोनेशियाई नौसेना, वेस्ट लोम्बोक पुलिस, वॉटर एंड एयर पुलिस (पोलाइरुड), लेम्बर पोर्ट हार्बरमास्टर, केएमपी पोर्टलिंक II, वहाँ से गुज़रने वाली यॉट और स्थानीय मछुआरों ने मिलकर अहम भूमिका निभाई। बचाए गए यात्रियों में एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी शामिल था, जबकि शेष सभी इंडोनेशियाई थे।

लापता यात्रियों की तलाश जारी

बचाव अभियान के समय लापता यात्रियों की तलाश भी जारी थी। यह उल्लेखनीय है कि पुत्री यास्मिन फेरी लेम्बर पोर्ट-पदांगबाई पोर्ट के बीच नियमित रूट पर चलती है, जो बाली और लोम्बोक को जोड़ने वाला एक व्यस्त समुद्री मार्ग है। इंडोनेशिया में समुद्री हादसों का यह कोई पहला मामला नहीं है — देश का विशाल द्वीपसमूह नेटवर्क फेरी परिवहन पर बड़े पैमाने पर निर्भर है, और समुद्री सुरक्षा मानकों को लेकर चिंताएँ लंबे समय से उठती रही हैं। अधिकारियों द्वारा आग की जाँच शुरू किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और 'पुत्री यास्मिन' हादसा एक बार फिर समुद्री सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। यह ऐसे समय में आया है जब इंडोनेशिया में पिछले एक दशक में दर्जनों फेरी दुर्घटनाएँ दर्ज हो चुकी हैं। 106 यात्रियों का सुरक्षित बचाया जाना बचाव तंत्र की त्वरित प्रतिक्रिया का प्रमाण है, लेकिन आग लगने के कारण और फेरी के रखरखाव मानकों की स्वतंत्र जाँच ज़रूरी है — अन्यथा ऐसे हादसे दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडोनेशिया में फेरी 'पुत्री यास्मिन' में आग कब और कहाँ लगी?
फेरी 'पुत्री यास्मिन' में 12 अगस्त की सुबह 4:15 बजे आग लगी, जब वह इंडोनेशिया के वेस्ट नुसा तेंगारा प्रांत के लोम्बोक स्ट्रेट में पदांगबाई से लेम्बर पोर्ट की ओर जा रही थी।
फेरी हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने बचाए गए?
इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हुई। माताराम एसएआर टीम के अनुसार 106 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया, जिनमें 1 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी शामिल था।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
बचाव अभियान में माताराम एसएआर, डेनपसार एसएआर, इंडोनेशियाई नौसेना, वेस्ट लोम्बोक पुलिस, वॉटर एंड एयर पुलिस, लेम्बर पोर्ट हार्बरमास्टर, केएमपी पोर्टलिंक II, स्थानीय मछुआरे और एसजीआई एयर बाली का हेलीकॉप्टर शामिल रहे। कुल 200 से अधिक बचावकर्मी तैनात किए गए।
बचाए गए यात्रियों को कहाँ पहुँचाया गया?
बचाए गए यात्रियों को लोम्बोक के लेम्बर बंदरगाह और बाली के पदांगबाई बंदरगाह पर पहुँचाया गया। 30 यात्री पदांगबाई और 76 यात्री लेम्बर पोर्ट भेजे गए।
क्या फेरी हादसे में कोई लापता यात्री हैं?
बचाव अभियान के दौरान लापता यात्रियों की तलाश जारी थी। अधिकारियों ने आग के कारण और लापता व्यक्तियों के बारे में अभी तक कोई अंतिम जानकारी नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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