जावा सागर में 'मुतियारा सैंटोसा-2' जहाज में भीषण आग: 5 की मौत, 41 लापता, 225 बचाए गए
सारांश
मुख्य बातें
इंडोनेशिया के जावा सागर में 2 अगस्त 2026 को यात्री जहाज 'मुतियारा सैंटोसा-2' में भीषण आग लग गई, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई, 42 लोग घायल हुए और 41 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी के अनुसार, जहाज पर सवार 271 लोगों में से 225 को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
हादसे का विवरण
यह जहाज पूर्वी जावा के सुराबाया से सुलावेसी द्वीप के मकासार की ओर जा रहा था, जब मदुरा द्वीप के उत्तर में समुद्र में आग की लपटें उठीं। उस समय जहाज तट से करीब 19 नॉटिकल मील (35.2 किलोमीटर) दूर था। देखते-देखते आग ने लगभग पूरे जहाज को अपनी चपेट में ले लिया।
जहाज में कुल 271 लोग सवार थे — 232 यात्री और 39 चालक दल के सदस्य। आग फैलने के बाद यात्री जहाज के पुल और अगले हिस्से पर एकत्र हो गए और बचाव दल का इंतजार करने लगे।
बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही आसपास मौजूद कई जहाज बचाव कार्य में जुट गए। सुराबाया खोज एवं बचाव कार्यालय ने संयुक्त दल के साथ अतिरिक्त जहाज और कर्मियों को रवाना किया। अब तक 225 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 41 लापता लोगों की तलाश जारी है। आग लगने की वजह की जाँच भी शुरू कर दी गई है।
इंडोनेशिया में समुद्री हादसों का सिलसिला
यह ऐसे समय में आया है जब इंडोनेशिया में समुद्री दुर्घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला सामने आई है। जून 2026 में यात्री नाव केएम नुरुल साल्सा दक्षिण सुलावेसी के तट के पास डूब गई थी। उस हादसे में नाव पर सवार 76 लोगों में से 58 को बचाया गया, 4 के शव मिले और 14 अब भी लापता हैं।
गौरतलब है कि 15 जुलाई को इंजन खराब होने के बाद डूबी उस नाव की तलाश 10 दिनों तक चली, लेकिन कोई नया सुराग न मिलने पर अभियान अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। राष्ट्रीय खोज और बचाव एजेंसी ने कहा है कि नई जानकारी मिलने पर बचाव कार्य फिर शुरू किया जाएगा।
आगे क्या
'मुतियारा सैंटोसा-2' हादसे में लापता 41 लोगों की खोज अभी जारी है। अधिकारी आग लगने के कारणों की जाँच कर रहे हैं। इंडोनेशियाई अधिकारियों पर देश के व्यस्त समुद्री मार्गों पर सुरक्षा मानकों को कड़ा करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।