ईरान ने अमेरिका-इजरायल को मदद करने वालों को दी मौत की सजा की चेतावनी

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ईरान ने अमेरिका-इजरायल को मदद करने वालों को दी मौत की सजा की चेतावनी

सारांश

ईरान ने अमेरिका और इजरायल को मदद करने वाले नागरिकों को मौत की सजा देने की चेतावनी दी है। न्यायपालिका के प्रवक्ता ने कहा कि अगर कोई जानकारी भेजी गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। यह मामला हाल के हमले के बाद उठकर सामने आया है।

Key Takeaways

  • ईरान ने अमेरिका-इजरायल को मदद करने वाले नागरिकों को मौत की सजा देने की चेतावनी दी है।
  • यह कदम सुरक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
  • ईरान ने अमेरिका और इजरायल को संवेदनशील जानकारी भेजने के आरोप में कई गिरफ्तारियाँ की हैं।
  • डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर हालिया हमला इस स्थिति को और भी जटिल बना रहा है।
  • ईरान के राष्ट्रपति ने इराक के लोगों का आभार व्यक्त किया है।

तेहरान, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि किसी ने भी अमेरिका या इजरायल को तस्वीरें या अन्य जानकारी भेजी, तो उसे मौत की सजा का सामना करना पड़ेगा। इस बात की पुष्टि ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने की है।

जहांगीर ने कहा, "अगर कोई व्यक्ति अमेरिका या इजरायल को जानकारी देता है, तो उसे मौत की सजा मिल सकती है।"

हाल ही में अमेरिका ने ईरान के तेल भंडार पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले का वीडियो साझा किया। यह घटना ईरान की प्रतिक्रिया का कारण बनी है।

जहांगीर ने ईरानी मीडिया में दिए गए बयान में बताया कि पिछले अक्टूबर में पारित एक नया जासूसी कानून लागू है, जिसके तहत दुश्मन सरकारों (अमेरिका और इजरायल) को कोई भी फोटो या वीडियो भेजने पर सामान जब्त करने और मौत की सजा का प्रावधान है।

उन्होंने कहा, “जब किसी विनाशकारी क्षेत्र की फोटो ली जाती है, तो दुश्मन को यह पता चलता है कि लक्ष्य सही जगह पर है। ऐसी जानकारी देना दुश्मन के साथ इंटेलिजेंस में सहयोग करने के समान है।”

ईरान के अधिकारियों ने पहले भी अमेरिका और इजरायल को जानकारी भेजने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इसके बाद ईरानी सरकार ने कार्रवाई करते हुए दो अन्य लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इन पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी ईरान में सुरक्षा बलों ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर अमेरिका-इजरायली जासूसी सेवा को संवेदनशील स्थानों की जानकारी भेजने का आरोप है।

तस्नीम ने बताया कि दोनों ने कथित तौर पर सुरक्षित स्थानों की जानकारी देने के बदले क्रिप्टोकरेंसी प्राप्त की थी। उन्हें पूर्वी अजरबैजान प्रांत के ओस्कू क्षेत्र से हिरासत में लिया गया और न्यायिक अधिकारियों को सौंप दिया गया।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इस सप्ताह के शुरू में देश में पैरामिलिट्री इराकी बल के काफिले का स्वागत करने के बाद इराक के लोगों का धन्यवाद किया। पेजेश्कियन ने एक्स पर लिखा, “इंटरनल इराकी मुस्लिम लोग इस गलत लड़ाई में ईरान के साथ बहादुरी से खड़े रहे हैं। यह रवैया स्थान की मजबूरी की वजह से नहीं, बल्कि इतिहास, पहचान और साझा धार्मिक मूल्यों के कारण है। मैं इराकी लोगों, अधिकारियों और लड़ाकों से दिल से हाथ मिलाता हूं।”

Point of View

जिससे ईरान के नागरिकों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों पर प्रश्नचिह्न लगता है। ईरान की सरकार अपने नागरिकों पर कड़ी नजर रख रही है, और यह कदम अमेरिका और इजरायल के खिलाफ उनके रुख को दर्शाता है।
NationPress
31/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान ने मौत की सजा की चेतावनी क्यों दी?
ईरान ने अमेरिका और इजरायल को जानकारी भेजने वाले नागरिकों को मौत की सजा देने की चेतावनी दी है, जिसका उद्देश्य सुरक्षा को मजबूत करना है।
क्या ईरान में नागरिकों की गिरफ्तारी का मामला बढ़ रहा है?
हां, ईरान में नागरिकों की गिरफ्तारी के मामले बढ़ रहे हैं, खासकर जब वे दुश्मन देशों को जानकारी प्रदान करते हैं।
क्या यह कानून पिछले साल पारित हुआ था?
जी हां, यह कानून पिछले अक्टूबर में पारित हुआ था, जो दुश्मन देशों को जानकारी भेजने पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है।
डोनाल्ड ट्रंप का इस मामले में क्या रोल है?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर हमले का वीडियो साझा किया, जिसके बाद ईरान की यह प्रतिक्रिया आई।
ईरान के राष्ट्रपति ने इराक के लोगों का धन्यवाद क्यों किया?
ईरान के राष्ट्रपति ने इराक के लोगों का धन्यवाद किया क्योंकि वे ईरान के साथ इस संघर्ष में खड़े रहे हैं।
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