ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले में 24 घंटे में 191 घायल, इजरायली राजदूत ने किया बयाना
सारांश
Key Takeaways
- ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले में 191 लोग घायल हुए हैं।
- इजरायल के राजदूत का कहना है कि वे अपने लक्ष्य से आगे हैं।
- 172 घायलों की स्थिति में सुधार हो रहा है।
- ईरान ने बातचीत की संभावना से इनकार किया है।
- अमेरिका का कहना है कि युद्ध जल्द समाप्त होगा।
तेल अवीव, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम एशिया में हो रहे हमलों के बीच इजरायल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के कारण पिछले 24 घंटों में 191 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, फ्रांस में इजरायल के राजदूत जोशुआ जर्का ने कहा कि ईरान के खिलाफ इस युद्ध में हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तय समय से आगे चल रहे हैं।
द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, जिन घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है, उनमें इजरायली सैनिक और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। इनमें से कम से कम एक व्यक्ति की हालत बेहद नाजुक है और तीन की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
इसके अतिरिक्त, 172 घायलों की हालत में सुधार हो रहा है। दस लोगों का मानसिक विकार का इलाज किया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 28 फरवरी को ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से कुल 2,339 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 95 अभी भी अस्पताल में हैं।
हॉस्पिटल में भर्ती लोगों में से एक की हालत बेहद गंभीर बताई गई है, जबकि 11 लोगों की स्थिति गंभीर है, 11 की हालत में सुधार हो रहा है और 69 की स्थिति ठीक है।
फ्रांस में इजरायल के राजदूत जोशुआ जर्का ने कहा कि इजरायल ईरान में अपने युद्ध के उद्देश्य को पाने में तय समय से आगे है। इजरायल का उद्देश्य ईरान में सरकार को कमजोर करना है ताकि ईरानी लोग अपनी किस्मत खुद तय कर सकें।
फ्रांस के टीवी स्टेशन बीएफएमटीवी को दिए गए एक इंटरव्यू में जर्का ने कहा कि लेबनान में, लेबनानी सरकार अभी तक हिज्बुल्लाह को हथियार से हटाने में असफल रही है। इजरायली राजदूत को इस बात की जानकारी नहीं है कि इजरायल ने आतंकी समूह के साथ अपनी लड़ाई खत्म करने के लिए बातचीत की है या नहीं।
इजरायल के अलावा, ईरान ने मौजूदा तनाव के बीच स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपने सैन्य हमलों को जल्द रोकने के मूड में नहीं है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश 'जब तक आवश्यक होगा' मिसाइल हमले जारी रखने के लिए तैयार है और वर्तमान में अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत का एजेंडा में नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिकी प्रसारक पीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में तेहरान पीछे हटने वाला नहीं है। उनके अनुसार, ईरान की सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रह सकती है जब तक उसे अपने सुरक्षा हितों की रक्षा के लिए आवश्यक समझा जाएगा। अराघची ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समय वाशिंगटन के साथ किसी भी प्रकार की कूटनीतिक वार्ता की संभावना नहीं है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध “बहुत जल्द खत्म” हो जाएगा। ट्रंप के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने संकेत दिया कि ज़मीन पर हालात इससे कहीं अधिक जटिल हैं और संघर्ष का अंत जल्द होने की उम्मीद फिलहाल वास्तविक नहीं लगती।