ईरान का इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला: डिमोना और अराद में कई घायल
सारांश
Key Takeaways
- ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी।
- हमलों में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
- ईरान ने इस कार्रवाई को इजरायल के हमले का जवाब बताया है।
- डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से हमलों में वृद्धि हुई।
- क्षेत्रीय स्थिरता पर इन हमलों का गहरा प्रभाव हो सकता है।
तेहरान/तेल अवीव, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर लगातार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। अब केवल राजधानी तेल अवीव ही नहीं, बल्कि इजरायल के महत्वपूर्ण परमाणु केंद्र डिमोना भी ईरान के निशाने पर है। शनिवार को ईरानी मिसाइलों ने दो शहरों, डिमोना और अराद पर कहर बरपाया, जबकि रविवार सुबह तेल अवीव और यरूशलम पर भी हमले किए गए। राज्य मीडिया के अनुसार, सुबह के समय चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
द टाइम्स ऑफ इजराइल के अनुसार, इन हमलों में 300 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजरायली विदेश मंत्रालय और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुसार, घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।
जानकारी मागेन डेविड एडोम द्वारा दी गई, जिसने बताया कि क्लस्टर बमों के गिरने से लोग जख्मी हुए हैं।
डिमोना और अराद में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इजरायल के आर्मी रेडियो के अनुसार, इन हमलों के बाद 150 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। ये सभी लोग इजरायल के सोरोका अस्पताल पहुंचे। अराद में 84 लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से 10 की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
ईरान के सरकारी टीवी ने डिमोना पर हमले को नतांज परमाणु परिसर पर हुए इजरायली हमले का 'करारा जवाब' बताया। इससे पहले, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा था कि नतांज संवर्धन परिसर को निशाना बनाया गया था, लेकिन वहां किसी रेडियोधर्मी रिसाव की सूचना नहीं थी।
कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जिनमें हमलों की वजह से घर और सड़कों की स्थिति अत्यंत दयनीय दिखाई दे रही है। इस बीच, हमास के सैन्य विंग के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने डिमोना और अराद पर किए गए मिसाइल हमलों को सही ठहराया है। उनका कहना है कि यह केवल अमेरिकी आक्रमण का जवाब नहीं है, बल्कि गाजा में फिलिस्तीनी लोगों के खिलाफ इजरायल की कार्रवाई का भी परिणाम है।
ईरान द्वारा किए गए ये हमले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद बढ़े हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी थी कि यदि 48 घंटे के भीतर होर्मुज स्ट्रेट को नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट पर हमला करेगा। उन्होंने कहा था कि हमला सबसे बड़े प्लांट से शुरू होगा।
इसके बाद, ईरान ने चेतावनी दी कि यदि उसके पावर प्लांट को निशाना बनाया गया, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल से जुड़े सभी ऊर्जा ढांचों पर हमले करेगा।