ईरान के हमले के बाद पीएम नेतन्याहू ने डिमोना और अराद की स्थिति का लिया जायजा

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ईरान के हमले के बाद पीएम नेतन्याहू ने डिमोना और अराद की स्थिति का लिया जायजा

सारांश

ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइल से हमला किया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। पीएम नेतन्याहू ने स्थिति का जायजा लिया और मदद का निर्देश दिया। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में।

Key Takeaways

  • ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद में मिसाइल से हमला किया।
  • हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
  • पीएम नेतन्याहू ने स्थिति का जायजा लिया।
  • आईएईए ने नुकसान की पुष्टि की।
  • इलाके में कोई असामान्य रेडिएशन नहीं मिला।

तेल अवीव, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान ने इजरायल के परमाणु ठिकाने पर एक बड़ा हमला किया है। ईरान ने इजरायल के दक्षिणी शहरों में स्थित न्यूक्लियर सिटी डिमोना के साथ-साथ अराद में भी मिसाइलों से अटैक किया है। 28 फरवरी से शुरू हुए इन हमलों में ईरान ने पहली बार इजरायल के परमाणु ठिकाने को निशाना बनाया है। इस हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अराद के मेयर से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया। इजरायल के सरकारी प्रेस ऑफिस ने इसकी जानकारी दी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि पीएम नेतन्याहू ने कहा, 'हमारे भविष्य की लड़ाई में यह एक बहुत मुश्किल शाम रही है। थोड़ी देर पहले, मैंने अराद के मेयर याइर मयान से बात की और इजरायल के सभी नागरिकों की ओर से घायलों के ठीक होने के लिए हमारी प्रार्थनाएं उन तक पहुंचाने को कहा। मैंने अपने ऑफिस के डायरेक्टर जनरल को सभी सरकारी मंत्रालयों के साथ मिलकर पूरी जरूरी मदद देने का निर्देश दिया है।'

इजरायली पीएम ने कहा, "मैं अभी जमीन पर काम कर रहे इमरजेंसी और रेस्क्यू फोर्स को अपना समर्थन देता हूं, और मैं सभी से होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करने की अपील करता हूं। हम सभी फ्रंट पर अपने दुश्मनों पर हमला करते रहने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।”

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने पुष्टि की है कि वह डिमोना में मिसाइल घटना की रिपोर्ट पर करीब से नजर रख रही है। आईएईए ने कहा कि इजरायल के सेंसिटिव न्यूक्लियर रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। एजेंसी ने कहा कि उसे शहर में मिसाइल के असर की रिपोर्ट मिली थी, लेकिन उसे "न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर नेगेव को नुकसान का कोई संकेत नहीं मिला है।"

यह ध्यान देने योग्य है कि यह फैसिलिटी इजरायल के न्यूक्लियर प्रोग्राम से काफी हद तक जुड़ी हुई है। आईएईए ने आगे कहा कि इलाके के देशों से मिली जानकारी से पता चला है कि घटना के बाद कोई असामान्य रेडिएशन लेवल नहीं मिला है। डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने ज्यादा से ज्यादा सैन्य नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया, खासकर न्यूक्लियर फैसिलिटी के आस-पास के इलाकों में, ताकि किसी भी तरह की बढ़त को रोका जा सके जिससे न्यूक्लियर सेफ्टी संकट उत्पन्न हो सकता है।

यह चेतावनी इलाके में बढ़ते तनाव और ईरान में न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर पर नए हमलों की रिपोर्ट के बाद आई है।

इजरायली मीडिया टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, दक्षिण में हुए हमलों में गंभीर रूप से घायल लोगों में डिमोना में हुए हमले के कारण छर्रे लगने से घायल एक 12 साल का लड़का और अराद में हुए अगले हमले में घायल एक 5 साल की लड़की शामिल हैं। शनिवार को डिमोना इलाके में ईरान ने कई हमले किए।

ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा कि ये हमले इजरायल की न्यूक्लियर रिसर्च फैसिलिटी को टारगेट कर रहे थे, जो डिमोना से लगभग 10 किलोमीटर (छह मील) और अराद से 30 किलोमीटर (18.5 मील) दूर है। बता दें, अमेरिका और इजरायल शुरू से ही ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हमले कर रहे हैं। ऐसे में इजरायल के परमाणु केंद्रों पर ताजा मिसाइल हमले को ईरान की तरफ से बदले के रूप में देखा जा रहा है।

Point of View

बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भी नई जटिलताएँ उत्पन्न करेगा। हमें अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

ईरान का उद्देश्य क्या था?
ईरान ने इजरायल के न्यूक्लियर रिसर्च फैसिलिटी को निशाना बनाया।
हमले में कितने लोग घायल हुए?
हमले में 100 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें से 11 की हालत गंभीर है।
पीएम नेतन्याहू ने क्या कहा?
उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और सभी सरकारी मंत्रालयों को मदद का निर्देश दिया।
आईएईए ने क्या जानकारी दी?
आईएईए ने कहा कि इजरायल के न्यूक्लियर रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
क्या हमलों के बाद कोई रेडिएशन लेवल में बदलाव आया?
आईएईए ने कहा कि इलाके में कोई असामान्य रेडिएशन लेवल नहीं मिला है।
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