उत्तरी इजरायल में मिसाइल हमले से चार नागरिकों की मौत, नेतन्याहू ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का किया अनुरोध

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उत्तरी इजरायल में मिसाइल हमले से चार नागरिकों की मौत, नेतन्याहू ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने का किया अनुरोध

सारांश

हाइफा में मिसाइल हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। ईरान के समर्थन से हुए इस हमले में चार लोगों की जान गई है। जानें पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • हाइफा में घातक मिसाइल हमला हुआ।
  • चार नागरिकों की मौत हुई।
  • नेतन्याहू ने सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की।
  • ईरान ने हमले को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ भी महत्वपूर्ण हैं।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाइफा में हुए घातक हमले पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए नागरिकों से सावधानी बरतने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

उत्तरी इजरायल में हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में चार लोगों की मृत्यु हो गई है, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सरकार का कहना है कि यह हमला ईरानी शासन और उसके समर्थकों द्वारा रिहायशी क्षेत्रों को निशाना बनाते हुए किया गया।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैंने हाइफा के मेयर योना याहाव से बात की और इस भयानक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कुछ अनुरोध किए, और मैंने तुरंत अपने कार्यालय के निदेशक जनरल को निर्देश दिया कि परिवारों और नगर पालिका को हर संभव सहायता प्रदान करें।''

नेतन्याहू ने आगे कहा, ''महत्वपूर्ण यह है कि जो लोग होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करते हैं और सुरक्षित क्षेत्रों में रहते हैं, उनके घायल होने की संभावना बहुत कम होती है। इसलिए मैं इजरायल के सभी नागरिकों से, खासकर उत्तर के निवासियों से जो इस कठिन अनुभव का सामना कर रहे हैं, निवेदन करता हूं कि आप होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें। हम सहायता के लिए पूरी कोशिश करेंगे।''

इजरायल के गवर्नमेंट प्रेस ऑफिस के अनुसार, ईरानी शासन और उसके समर्थक बेगुनाह नागरिकों को रिहायशी क्षेत्रों में निशाना बना रहे हैं। हालिया बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद चार लोगों की मौत हो गई है।

दूसरी ओर, ईरान ने हाल ही में संघर्ष विराम प्रस्तावों पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिका द्वारा पेश की गई तथाकथित ''15 सूत्रीय योजना'' को ईरान ने खारिज कर दिया है क्योंकि यह ''बहुत अधिक और असंतुलित'' थी।

मीडिया ब्रीफिंग में बघाई ने स्पष्ट किया कि ''अल्टीमेटम और युद्ध अपराधों की धमकियों के साथ बातचीत का कोई मेल नहीं है।'' उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी दबाव में वार्ता नहीं करेगा और उसकी प्राथमिकता अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करना है।

ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचों पर हमले की बात कही थी। बघाई ने इसे ''युद्ध अपराध'' बताया।

ईरान पर हमलों के बारे में अमेरिकी अधिकारियों की टिप्पणियों के संदर्भ में, बघाई ने कहा कि पिछले एक वर्ष में अमेरिका द्वारा उठाए गए कदमों ने कूटनीति के प्रति उसकी विश्वसनीयता को खत्म कर दिया है। उन्होंने अमेरिका पर विश्वासघात और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

Point of View

जबकि ईरान ने अमेरिका की योजनाओं को खारिज कर दिया है। यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

उत्तरी इजरायल में हमले का कारण क्या था?
यह हमला ईरानी शासन और उसके समर्थकों द्वारा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाते हुए किया गया।
नेतन्याहू ने नागरिकों से क्या अपील की है?
उन्होंने नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की अपील की है।
ईरान ने हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
ईरान ने अमेरिका की योजनाओं को खारिज करते हुए कहा है कि वे असंतुलित हैं।
हमले में कितने लोग मारे गए?
हमले में चार नागरिकों की मृत्यु हुई है।
हमले के बाद स्थिति कैसी है?
हमले के बाद उत्तरी इजरायल में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
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