इजरायल का ऐलान: ऑपरेशन रोरिंग लायन को नहीं रोका जाएगा
सारांश
Key Takeaways
- इजरायल ने ऑपरेशन रोरिंग लायन को रोकने का इरादा नहीं किया है।
- ईरान ने इजरायल पर हमले किए हैं, जो जानबूझकर आम लोगों को निशाना बनाते हैं।
- इजरायल का मानना है कि यह अस्तित्व की लड़ाई है।
- उप मंत्री शैरेन हास्केल ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है।
- इजरायल को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए जवाब देना आवश्यक है।
तेल अवीव, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यह घोषणा की है कि ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले की योजना को पाँच दिन के लिए स्थगित किया गया है। ईरान ने ट्रंप के इस दावे को फेक न्यूज करार दिया है। वहीं, इजरायल अराद और डिमोना पर हुए हमले का प्रतिशोध लेने का इरादा रखता है। इजरायली विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर कहा है कि ऑपरेशन रोरिंग लायन को बीच में रोकने का उनका कोई इरादा नहीं है।
इजरायली विदेश मंत्रालय की उप मंत्री शैरेन हास्केल के अनुसार, यह देश के अस्तित्व की लड़ाई है, जिसे बचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है। इसमें शैरेन ने हाल ही में ईरान द्वारा अराद और डिमोना पर किए गए हमले का उल्लेख किया है। उन्होंने इसे जानबूझकर आम लोगों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति बताया है।
उप मंत्री ने कहा कि ईरान ने रिहायशी इलाकों में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जो किसी भी परिस्थिति में सही नहीं है। उन्होंने इस पर जोर दिया कि आम लोगों को निशाना बनाया गया।
शैरेन ने यह भी स्वीकार किया कि मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा नष्ट नहीं किया जा सका। उन्होंने आगे कहा कि एक मिसाइल लोगों के घरों पर गिर गई, जिससे विस्फोट हुआ और कई इमारतों को नुकसान पहुँचा, जिसमें बच्चे, बड़े और कई परिवार घायल हो गए।
उन्होंने आगे कहा कि जो देखा जा रहा है, वह केवल एक उकसावा नहीं है, बल्कि यह जानबूझकर अंजाम दी गई आतंकी वारदात है। "यह युद्ध नहीं बल्कि युद्ध अपराध है।"
इजरायल का मानना है कि जो अराद में हुआ, वह अत्यंत गलत था। यहां ईरान ने सीमा पार की है। उन्होंने कहा, "रेडलाइन पार की गई है और जब ऐसा होता है, तो इसके परिणाम भी भुगतने पड़ते हैं।" संकेत स्पष्ट, निर्णायक और अटल होंगे। "ऑपरेशन रोरिंग लायन को नहीं रोका जा सकता, इसे कमजोर नहीं किया जा सकता और न ही इसे आधे रास्ते में बंद किया जा सकता है। इजरायल पूरी ताकत से जवाब देगा।"
शैरेन के अनुसार, जवाब इसलिए दिया जाएगा क्योंकि ईरानी शासन मिलकर आगे बढ़ने में विश्वास नहीं रखता, बल्कि वह तबाही चाहता है। इजरायल युद्ध नहीं चाहता, लेकिन इसे समाप्त जरूर करेगा। यह अस्तित्व की लड़ाई है, न केवल हमारे लिए, बल्कि उन सभी के लिए जो आतंक के साए में नहीं, बल्कि आज़ादी के साथ जीना चाहते हैं। हमारा IDF उन्हें जवाब देगा।
गौरतलब है कि २८ फरवरी को इजरायल ने अमेरिका के सहयोग से ईरान पर एयर स्ट्राइक की। इस अभियान को राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने "रोरिंग लायन" नाम दिया है।