नेतन्याहू का वैश्विक समुदाय से अनुरोध: ईरान के खिलाफ संघर्ष में करें सहयोग

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नेतन्याहू का वैश्विक समुदाय से अनुरोध: ईरान के खिलाफ संघर्ष में करें सहयोग

सारांश

तेल अवीव में बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक सहयोग की अपील की है। उन्होंने ईरान के खतरनाक इरादों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें आम नागरिकों को निशाना बनाने से रोका जाना चाहिए।

मुख्य बातें

नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ वैश्विक सहयोग की अपील की।
ईरान का हमला आम नागरिकों को निशाना बना रहा है।
ईरान ने डिएगो गार्सिया आइलैंड पर मिसाइल दागी।
नेतन्याहू ने अन्य देशों से समर्थन बढ़ाने की आवश्यकता जताई।

तेल अवीव, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया से अपील की है कि वे अमेरिका और इजरायल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ संघर्ष में शामिल हों। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि ईरान आम लोगों को निशाना बना रहा है।

उन्होंने यह बयान इजरायल के शहर अराद में दिया, जहां शनिवार रात ईरान ने मिसाइलें दागी थीं। नेतन्याहू ने कहा, “अगर आपको इस बात का सबूत चाहिए कि ईरान पूरी दुनिया के लिए खतरा है, तो पिछले 48 घंटों ने वह सबूत दे दिया है। इन 48 घंटों में, ईरान ने आम नागरिकों को निशाना बनाया। सौभाग्य से, कोई मारा नहीं गया, लेकिन यह किस्मत की वजह से हुआ, न कि उनके इरादे की वजह से। उनका इरादा आम नागरिकों की हत्या करना है।”

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने दुनिया के नेताओं से अनुरोध किया कि वे ईरान के खिलाफ इजरायल-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान में शामिल हों। उन्होंने तेहरान के हमले का जिक्र किया जिसमें डिएगो गार्सिया आइलैंड को निशाना बनाया गया। यह हिंद महासागर में यूके-यूएस का एक सैन्य अड्डा है।

उन्होंने कहा, "ईरान ने डिएगो गार्सिया पर एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल दागी... अब उनके पास यूरोप के अंदर तक पहुंचने की क्षमता है।"

नेतन्याहू ने तेहरान पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए कहा, "वे हर किसी को अपने निशाने पर ले रहे हैं और एक समुद्री अंतरराष्ट्रीय मार्ग, ऊर्जा मार्ग को रोककर पूरी दुनिया को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं।" उनका इशारा ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अवरुद्ध करने की ओर था, जो तेल की आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने आगे कहा, "अब समय आ गया है कि बाकी देशों के नेता भी इस अभियान में शामिल हों।"

नेतन्याहू ने दावा किया कि कुछ देश इस अभियान में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे कौन से देश हैं या किस क्षमता से शामिल होंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि "अभी और अधिक समर्थन की आवश्यकता है।"

वास्तव में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी का बार-बार जिक्र कर रहे हैं।

नेतन्याहू ने यरुशलम में पवित्र स्थलों के पास ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों की भी निंदा की है।

उन्होंने कहा, "उन्होंने यरुशलम पर हमला किया, ठीक तीन एकेश्वरवादी धर्मों के पवित्र स्थलों के पास: वेस्टर्न वॉल, चर्च ऑफ द होली सेपल्चर, और अल-अक्सा मस्जिद। यह चमत्कार है कि इनमें से किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचा।"

जब एक मीडिया कर्मी ने उनसे पूछा कि इजरायली नागरिकों पर ईरान के हमलों के प्रति उनकी क्या प्रतिक्रिया होगी, तो प्रधानमंत्री ने जवाब दिया: "हम पूरी ताकत से जवाब दे रहे हैं, लेकिन नागरिकों को निशाना नहीं बना रहे हैं। हम उस शासन को निशाना बना रहे हैं। हम आईआरजीसी को निशाना बना रहे हैं—यह एक आपराधिक गिरोह है—और हम उन्हें व्यक्तिगत रूप से निशाना बना रहे हैं: उनके नेताओं को, उनकी सैन्य ठिकानों को, और उनकी आर्थिक संपत्तियों को। हम उन पर बहुत सख्ती से कार्रवाई कर रहे हैं।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का आह्वान किया है। यह स्थिति वैश्विक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई करने की अपील की?
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में शामिल होने की अपील की है।
ईरान ने हाल ही में किस हमले का जिक्र किया गया?
नेतन्याहू ने डिएगो गार्सिया आइलैंड पर ईरान के द्वारा किए गए मिसाइल हमले का जिक्र किया।
नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ क्या आरोप लगाया?
उन्होंने ईरान पर आम नागरिकों को निशाना बनाने और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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