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ईरान में 87 दिनों बाद इंटरनेट बहाली की मंजूरी, जनवरी से बंद डिजिटल सेवा होगी बहाल

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ईरान में 87 दिनों बाद इंटरनेट बहाली की मंजूरी, जनवरी से बंद डिजिटल सेवा होगी बहाल

सारांश

87 दिनों की डिजिटल चुप्पी के बाद ईरान ने इंटरनेट बहाल करने की मंजूरी दी — लेकिन नुकसान हो चुका है। मोबाइल आयात में अरबों डॉलर की गिरावट और AI उद्यमिता का एक पूरा मौसम बर्बाद। असली सवाल यह है कि क्या 'बहाली' वाकई पूर्ण खुलेपन की होगी, या सिर्फ नाम की।

मुख्य बातें

ईरान में 87 दिनों के डिजिटल ब्लैकआउट के बाद 25 मई 2026 को इंटरनेट बहाली की मंजूरी दी गई।
उपराष्ट्रपति मोहम्मदरेजा आरिफ की अध्यक्षता में सुप्रीम काउंसिल ऑफ साइबरस्पेस की बैठक में यह फैसला लिया गया।
इंटरनेट पाबंदी पहले जनवरी 2026 में विरोध प्रदर्शनों के दौरान और फिर अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बाद लगाई गई थी।
2025 में ईरान का मोबाइल आयात घटकर 84 लाख डिवाइस (~ 1.6 अरब डॉलर ) रह गया, जो एक साल पहले 1.14 करोड़ (~ 2.5 अरब डॉलर ) था।
रिपोर्टों के अनुसार पाबंदी से युवा उद्यमियों की AI-आधारित व्यवसाय बनाने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई।
केशम आइलैंड पर एयर डिफेंस गतिविधि की खबरें आईं, लेकिन कारण अभी अज्ञात है।

ईरान में 87 दिनों के लंबे डिजिटल ब्लैकआउट के बाद अधिकारियों ने इंटरनेट सेवा को जनवरी 2026 से पहले वाली स्थिति में बहाल करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला सोमवार, 25 मई 2026 को लिया गया, जब अमेरिका-इजरायल संघर्ष और देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद से ईरान की आम जनता ग्लोबल इंटरनेट से पूरी तरह कटी हुई थी।

फैसला कहाँ और कैसे हुआ

जानकार सूत्रों के हवाले से ईरानी मीडिया ने बताया कि यह निर्णय उपराष्ट्रपति मोहम्मदरेजा आरिफ की अध्यक्षता में हुई सुप्रीम काउंसिल ऑफ साइबरस्पेस की बैठक में लिया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि इंटरनेट एक्सेस को जनवरी 2026 से पहले की स्थिति में वापस लाया जाएगा। हालाँकि बहाली की सटीक समयसीमा अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है।

इंटरनेट बंद होने की पृष्ठभूमि

ईरान में इंटरनेट पर पाबंदी दो चरणों में लगाई गई थी। पहले चरण में 8 और 9 जनवरी 2026 के आसपास देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक्सेस बाधित की गई। इसके बाद अमेरिका और इजरायल के साथ सशस्त्र संघर्ष शुरू होने पर संचार एवं इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद कर दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान पहले से ही कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा था।

आर्थिक और डिजिटल नुकसान

शारघ अखबार की रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि लंबे समय तक इंटरनेट बंद रहने से ईरान के युवा उद्यमियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स के ज़रिए कम लागत में व्यवसाय खड़े करने का एक दुर्लभ अवसर बंद हो गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ये पाबंदियाँ डिजिटल श्रम की एक पूरी पीढ़ी को कमज़ोर कर रही हैं।

मोबाइल फोन आयात के आँकड़े भी इस संकट की गहराई दर्शाते हैं। रिपोर्ट में दिए गए आँकड़ों के अनुसार, 2025 में ईरान का व्यावसायिक मोबाइल आयात घटकर लगभग 84 लाख डिवाइस (करीब 1.6 अरब डॉलर) रह गया, जबकि एक साल पहले यह 1.14 करोड़ फोन (करीब 2.5 अरब डॉलर) था।

केशम द्वीप पर एयर डिफेंस गतिविधि

इस बीच, ईरानी मीडिया ने सोमवार को केशम आइलैंड पर एयर डिफेंस गतिविधि की आवाज़ें सुने जाने की खबर दी। हालाँकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये आवाज़ें किस कारण से आईं, और किसी भी आधिकारिक संस्था ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

आगे क्या होगा

इंटरनेट बहाली की मंजूरी से ईरान की आम जनता और व्यापार जगत को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि पाबंदियों से हुए डिजिटल और आर्थिक नुकसान की भरपाई में लंबा समय लगेगा। यह देखना अहम होगा कि सरकार बहाली की प्रक्रिया में किस हद तक खुलेपन की अनुमति देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक पैटर्न को नहीं छुपाती जिसमें सरकारें संकट के समय डिजिटल बंद को एक नीतिगत हथियार की तरह इस्तेमाल करती हैं। 87 दिनों की इस पाबंदी ने न केवल नागरिकों की सूचना तक पहुँच काटी, बल्कि एक पूरी युवा उद्यमी पीढ़ी के लिए AI-अर्थव्यवस्था में प्रवेश का दरवाज़ा बंद कर दिया। मोबाइल आयात में अरबों डॉलर की गिरावट यह बताती है कि डिजिटल अलगाव की आर्थिक कीमत कितनी भारी होती है। असली परीक्षा यह होगी कि बहाली के बाद भी सरकार किस हद तक फ़िल्टरिंग और निगरानी जारी रखती है — क्योंकि 'बहाल' और 'मुक्त' इंटरनेट में फ़र्क होता है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान में इंटरनेट कब से बंद था और अब कब बहाल होगा?
ईरान में इंटरनेट जनवरी 2026 से बंद था — पहले देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के दौरान और फिर अमेरिका-इजरायल संघर्ष के बाद पूरी तरह ठप हो गया। 25 मई 2026 को 87 दिनों के बाद इसे जनवरी 2026 से पहले की स्थिति में बहाल करने की मंजूरी दी गई है।
ईरान में इंटरनेट बहाली का फैसला किसने लिया?
यह फैसला उपराष्ट्रपति मोहम्मदरेजा आरिफ की अध्यक्षता में सुप्रीम काउंसिल ऑफ साइबरस्पेस की बैठक में लिया गया। जानकार सूत्रों के हवाले से ईरानी मीडिया ने इस बैठक की जानकारी दी।
87 दिनों के इंटरनेट बंद से ईरान को क्या नुकसान हुआ?
पाबंदी से ईरान के युवा उद्यमियों की AI टूल्स के ज़रिए व्यवसाय बनाने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई। इसके अलावा 2025 में मोबाइल फोन का व्यावसायिक आयात घटकर लगभग 84 लाख डिवाइस (करीब 1.6 अरब डॉलर) रह गया, जो एक साल पहले 1.14 करोड़ फोन (करीब 2.5 अरब डॉलर) था।
ईरान में इंटरनेट पर पाबंदी क्यों लगाई गई थी?
ईरान में इंटरनेट पाबंदी दो कारणों से लगाई गई — पहले जनवरी 2026 में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक्सेस बाधित की गई, और फिर अमेरिका व इजरायल के साथ सशस्त्र संघर्ष शुरू होने पर संचार सेवाएँ पूरी तरह बंद कर दी गईं।
केशम आइलैंड पर एयर डिफेंस गतिविधि की खबर क्या है?
ईरानी मीडिया ने सोमवार को केशम आइलैंड पर एयर डिफेंस गतिविधि की आवाज़ें सुने जाने की खबर दी। हालाँकि इन आवाज़ों का कारण अभी स्पष्ट नहीं है और किसी भी आधिकारिक संस्था ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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