क्या ईरान में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं? रुबियो बोले- 'हम बहादुर प्रदर्शनकारियों के साथ', रेजा पहलवी ने सरकारी कर्मचारियों से की अपील

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क्या ईरान में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं? रुबियो बोले- 'हम बहादुर प्रदर्शनकारियों के साथ', रेजा पहलवी ने सरकारी कर्मचारियों से की अपील

सारांश

तेहरान में हालात गंभीर हैं। प्रदर्शनकारियों की जानें जा रही हैं और इंटरनेट सेवाएं ठप हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो ने ईरानी आंदोलनकारियों को समर्थन दिया, वहीं रेजा पहलवी ने सरकारी कर्मचारियों से सत्ता के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया। क्या ईरान में यह संकट और बढ़ेगा?

Key Takeaways

  • तेहरान में स्थिति नाजुक है।
  • इंटरनेट सेवाएं ठप हैं।
  • अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।
  • रेजा पहलवी ने सरकारी कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया।
  • महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। तेहरान की स्थिति अत्यंत नाजुक है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं, और हिंसा में कई जिंदगियाँ जा चुकी हैं। इंटरनेट सेवा लगभग 36 घंटे से बंद है। ईरान ने अमेरिका और इजरायल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरानी आंदोलनकारियों को खुला समर्थन देने की बात कही है, जबकि निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने सरकारी कर्मचारियों से सत्ता के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया है। यह स्थिति बेहद संवेदनशील है।

महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर लोग सड़कों पर हैं। यह प्रदर्शन अब दो हफ्ते से अधिक समय से जारी है और विभिन्न विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कई लोग इस हिंसा का शिकार हो चुके हैं। अमेरिका ने खुलकर ईरानी प्रदर्शनकारियों के साथ खड़ा होने का संकेत दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं, और शनिवार को विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक संक्षिप्त बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी किया। उन्होंने कहा, “यूनाइटेड स्टेट्स ईरान के बहादुर लोगों का समर्थन करता है।”

उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एक दिन पहले लेबनान दौरे के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा देने का काम इजरायल और अमेरिका ने किया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसे भ्रम का नाम दिया। उन्होंने कहा, “यह बयान ईरानी सरकार की गंभीर चुनौतियों से ध्यान हटाने का प्रयास है।”

इन प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी का नाम काफी चर्चा में है। उन्होंने एक संदेश में लोगों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया और एक वीडियो बयान में सरकारी कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की।

पहलवी ने प्रदर्शनकारियों की हिम्मत की तारीफ की और कहा कि वे सरकार की विद्रोह को नियंत्रित करने की क्षमता को कमजोर करते रहें।

उन्होंने यातायात और ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे लोगों से कहा कि वे शनिवार रात और रविवार को शाम 6 बजे सड़कों पर उतरें।

रेजा पहलवी ने अपने संदेश में तख्तापलट की बात की और कहा, “हमारा लक्ष्य अब सिर्फ सड़कों पर उतरना नहीं है, बल्कि शहर के केंद्रों पर कब्जा करना और उन्हें अपने नियंत्रण में रखना है।” उन्होंने कहा कि वह “अपने वतन लौटने की तैयारी कर रहे हैं” और ऐसा दिन “बहुत पास है।”

Point of View

बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसका गहरा असर हो सकता है। हमें यह समझना होगा कि इस समय की राजनीति और मानवाधिकारों का संघर्ष कैसे एक दूसरे से जुड़े हैं।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

ईरान में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया है।
अमेरिका इस मामले में क्या भूमिका निभा रहा है?
अमेरिका ने ईरानी प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने का संकेत दिया है।
रेजा पहलवी का इस प्रदर्शन में क्या योगदान है?
रेजा पहलवी ने लोगों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया है।
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