ईरान का कड़ा संदेश: 'हिट-एंड-रन का दौर खत्म', राष्ट्रीय हित विदेश नीति का अटल सिद्धांत
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 20 अक्टूबर 2026 को तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करेगा और यह उसकी विदेश नीति का वह सिद्धांत है जिस पर कोई लचीलापन संभव नहीं। बाघेई ने साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई का ईरान पूरी ताकत से जवाब देगा।
मुख्य घटनाक्रम
बाघेई ने उस दावे को सिरे से खारिज किया जिसमें कहा गया था कि अमेरिका ने ईरान के 'माउंट कोलांग' ठिकाने पर संभावित हमले को लेकर कोई संदेश भेजा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में सवाल उठाया कि क्या वाकई किसी को यह उम्मीद थी कि तेहरान बिना किसी जवाबी कदम के वाशिंगटन को हमला करने की छूट देगा।
तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से बाघेई ने कहा, 'हमला करके भाग जाने (हिट-एंड-रन) का दौर अब खत्म हो चुका है। ईरान ने यह साबित कर दिया है कि वह हर हमले का जवाब उसी स्तर पर, या उससे भी कहीं अधिक जोरदार तरीके से देने की हिम्मत रखता है।'
तीसरे विश्व युद्ध की आशंका और कतर की चिंता
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कतरी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने हाल ही में अल अरबिया न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में तीसरे विश्व युद्ध की आशंका जताई थी। अल-अंसारी ने कहा था कि यदि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय संकट और चल रहे संघर्षों का समाधान नहीं हुआ, तो संभव है कि हम पहले से ही तीसरे विश्व युद्ध के प्रथम चरण में प्रवेश कर चुके हों।
अल-अंसारी ने मौजूदा भू-राजनीतिक हालात की तुलना 1940-41 के उस दौर से की जब दूसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो रही थी और उस युग में जी रहे लोगों को वर्षों तक यह एहसास नहीं हुआ कि वे किस ऐतिहासिक मोड़ पर खड़े हैं।
इन्हीं टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए बाघेई ने कहा कि ईरान ने आठ महीनों तक थोपे गए आक्रामक युद्ध को सहा है और अपने पिछले अनुभवों से गहरे सबक सीखे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार और मुस्तैद है।
'माउंट कोलांग' विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 'माउंट कोलांग' वह ठिकाना है जहाँ कथित तौर पर ईरान द्वारा संदिग्ध परमाणु गतिविधियाँ जारी रखी जा रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अनेक अवसरों पर इस ठिकाने को नष्ट करने की धमकी दे चुके हैं। बाघेई का यह बयान सीधे तौर पर उन्हीं धमकियों का जवाब माना जा रहा है।
कूटनीति और रक्षा — दोहरी नीति
बाघेई ने स्पष्ट किया कि ईरान केवल सैन्य प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा, 'इस लक्ष्य को हासिल करना, चाहे कूटनीतिक माध्यमों से हो या वैध रक्षा के जरिए, हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।'
प्रवक्ता ने यह भी रेखांकित किया कि तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीति के हर अवसर का सदुपयोग करना ईरान की बुनियादी जिम्मेदारी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संकट प्रबंधन में विवेकपूर्ण निर्णय और तर्कसंगत दृष्टिकोण की अहमियत पर जोर दिया।
क्या होगा आगे
मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है और इस पृष्ठभूमि में ईरान का यह बयान क्षेत्रीय कूटनीति को और जटिल बना सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या वाशिंगटन और तेहरान के बीच किसी सीधी या परोक्ष वार्ता की संभावना बनती है, या फिर दोनों पक्षों के बीच टकराव और गहराता है।