सीरिया में तुर्की की रडार तैनाती से इजरायल चिंतित, अमेरिका को दी खुफिया जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
इजरायल ने अमेरिका को सूचित किया है कि तुर्की, सीरिया के एक सैन्य हवाई अड्डे पर रडार सिस्टम और एयर डिफेंस उपकरण तैनात करने की तैयारी में है। इजरायली सुरक्षा अधिकारियों ने वॉशिंगटन को आगाह किया कि तुर्की का यह संभावित कदम मध्य-पूर्व में ताकत के संतुलन को 'काफी हद तक' बदल सकता है।
मुख्य घटनाक्रम
इजरायल के सरकारी चैनल कान टीवी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारियों ने अमेरिकी समकक्षों के साथ यह खुफिया जानकारी साझा की। मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इजरायल ने तुर्की की इस संभावित तैनाती के लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई, लेकिन उत्तर-पश्चिमी सीरिया में स्थित अबू अल-दुहूर सैन्य हवाई अड्डे को संभावित स्थान के रूप में चिह्नित किया।
इसी एयरबेस पर इजरायली वायु सेना (आईडीएफ) ने मंगलवार को हमला किया था। एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, ये हमले इसलिए किए गए ताकि तुर्की के उपकरण या सैनिक हवाई मार्ग से इस ठिकाने तक न पहुँच सकें।
इजरायल की सैन्य कार्रवाई और चेतावनी
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने स्पष्ट किया कि ये हमले तुर्की की योजनाओं से जुड़ी 'स्पष्ट खुफिया जानकारी' के आधार पर अंजाम दिए गए। काट्ज़ के अनुसार, हमले से पूर्व सीरिया को कूटनीतिक स्तर पर चेतावनी दी गई थी।
काट्ज़ ने कहा, "प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और मैंने आईडीएफ तथा अन्य सुरक्षा अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं। इसके बाद तय किया गया कि कार्रवाई की मंजूरी देने से पहले सीरियाई सरकार के सबसे वरिष्ठ स्तर पर सीधी चेतावनी भेजी जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "जब हमारी चेतावनी का कोई जवाब नहीं मिला, तब प्रधानमंत्री और मैंने आईडीएफ को हमला करने की अनुमति दी। अभियान शुरू किया गया और वह सफल रहा।"
अमेरिका की प्रतिक्रिया
सीरिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत टॉम बैरक ने पुष्टि की कि इजरायल ने हमले से पहले अमेरिका को इसकी सूचना नहीं दी थी। यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब तुर्की और इजरायल के बीच मंगलवार के हमलों के बाद तनाव और गहरा गया है।
क्षेत्रीय संतुलन पर असर
गौरतलब है कि सीरिया में तुर्की की बढ़ती सैन्य उपस्थिति इजरायल के लिए एक नई रणनीतिक चिंता बनकर उभरी है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य-पूर्व में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, अबू अल-दुहूर एयरबेस पर उन्नत रडार और एयर डिफेंस प्रणाली की तैनाती से इजरायल की वायु श्रेष्ठता को सीधी चुनौती मिल सकती है।
आगे क्या होगा
फिलहाल तुर्की की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कूटनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि अमेरिका इजरायल और तुर्की — दोनों नाटो सहयोगियों — के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाने की कोशिश कर सकता है। स्थिति के और अधिक बिगड़ने की आशंका को देखते हुए आने वाले दिनों में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ होने की संभावना है।